प्यास से बेहाल डाक्टर मरीज और तीमारदार

Lalitpur Updated Wed, 07 May 2014 05:31 AM IST
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ललितपुर। जनपद मुख्यालय स्थित जिला अस्पताल में पेयजल व्यवस्था चरमरा गई है। अस्पताल परिसर में स्थित प्याऊ, प्लांट व हैंडपंप शोपीस साबित हो रहे हैं। गर्मी में डाक्टर मरीज और उनके तीमारदारों को प्यास बुझाने के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
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करोड़ों की लागत से निर्मित जिला अस्पताल में जनपद ही नहीं, सीमावर्ती इलाकों से सैकड़ों की संख्या में मरीज और उनके तीमारदार इलाज के लिए आते हैं। 200 बेड वाले अस्पताल में प्राय: बेड फुल रहते हैं। अस्पताल में तैनात स्टाफ, मरीज और उनके तीमारदारों को पेयजल की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए जिला अस्पताल परिसर में एनआरएचएम के अंतर्गत दो प्लांट की स्थापना की गई है। जिसमें शुद्ध पेयजल मुहैया कराने का प्रबंध किया गया है। इसमें एक प्लांट जिला महिला चिकित्सालय के हिस्से में है। तीन मंजिला बिल्डिंग के सभी वार्डों में पानी पहुंचाने के लिए छत पर बड़ी-बड़ी टंकियां रखी गईं हैं। इसके अलावा चिकित्सालय के बाहर वर्ष 2011 में एक स्वयंसेवी संस्था के सहयोग से सार्वजनिक प्याऊ की स्थापना कराई गई थी। वहीं, दो हैंडपंप भी लगाए गए हैं, लेकिन उचित रखरखाव के अभाव में यह सभी संसाधन जबाव दे चुके हैं। शुद्ध पानी मुहैया कराने के लिए स्थापित प्लांट की टोटियों से धागे की तरह पानी की धार निकल रही है। जिसमें एक बोतल पानी भरने के लिए मरीजों को काफी समय इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, तेज धूप से टंकियों से होकर वार्ड में खौलता हुआ पानी आ रहा है। कुछ वार्डों में तो पानी पहुंच भी नहीं रहा है। चिकित्सालय के बाहर बनी सार्वजनिक प्याऊ शोपीस बनी हुई है। उसके बगल में लगे हैंडपंपों ने भी जबाव दे दिया है। इन सभी हालातों में अस्पताल में जबरदस्त पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है। विशेषकर, तीसरी मंजिल पर भर्ती मरीजों के तीमारदारों को काफी कठिनाइयाें का सामना करना पड़ रहा है। अफसोस की बात यह है कि पानी की इस समस्या को दूर करने के लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से अब तक कोई कारगर कदम नही उठाए गए हैं।
‘मोटर खराब होने से प्लांट से पानी की आपूर्ति बाधित हो गई थी, उसे दुरुस्त कराया जा रहा है। मरीजों की संख्या को देखते हुए एक और प्लांट स्थापित कराया जाएगा। वार्डों में पीने योग्य पानी मुहैया कराने पर विचार चल रहा है। जल्द ही सार्वजनिक प्याऊ को सुचारू बनाया जाएगा। हैंडपंप की मरम्मत और नये रीबोर के लिए जल निगम से पत्राचार किया जाएगा।’
डा. आरपी सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल, ललितपुर।

बोले तीमारदार
‘चार मई को उल्टी व दस्त होने पर मरीज को अस्पताल में भर्ती कराया था। वार्ड में पीने का पानी नहीं मिलने से परेशानी हो रही है। तीन मंजिल से नीचे उतरने के बाद भी पानी नहीं मिल रहा है।’
हरदास निवासी ग्राम पिपरियावंशा, थाना जाखलौन।

‘अस्पताल में पानी न मिलने की वजह से बाहर दुकानों से बोतल खरीदनी पड़ रही है। अस्पताल में इलाज तो मुफ्त हो रहा है, लेकिन पीने के पानी से आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है।’
बालकिशन निवासी ग्राम मऊ माफी, थाना ललितपुर।
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