रबी फसल के मुआवजे के ग्यारह करोड़ बकाया

Lalitpur Updated Tue, 06 May 2014 05:31 AM IST
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ललितपुर। वर्ष 2013 किसानों के लिए काफी अशुभ साबित हुआ। आसमान से बारिश के रूप में इस कदर आफत बरसी कि खरीफ के साथ- साथ रबी फसल भी बर्बाद हो गई। किसान हाहाकार करने लगा। इसके बाद भी शासन ने 31 के सापेक्ष 20 करोड़ रुपये ही मुआवजा वितरण के लिए प्रशासन को सौंपे। प्रशासनिक अधिकारी अभी भी 11 करोड़ रुपये मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
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वर्ष 2013 के जुलाई, अगस्त माह के दौरान रिकार्ड तोड़ बारिश ने खरीफ की फसल को तबाह कर दिया था। इस बर्बादी से किसानों की कमर टूट गई थी। बर्बाद फसल के मुआवजे की मांग करते हुए धन का इंतजाम करके किसानों ने एक बार फिर से रबी पर दांव खेला और हाड़तोड़ मेहनत करके गेहूं, चना, मसूर, सरसों आदि फसलों की बुआई की। 26 फरवरी की दोपहर अचानक मौसम ने करवट ली और देखते ही देखते आसमान से बड़े-बड़े ओलों के साथ पानी बरसने लगा। फरवरी में बैमौसम बारिश से किसान आवक रह गया। इस माह की 27 व 28 तारीख को यह क्रम बरकरार रहा। जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में झमाझम बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। खेतों में तैयार गेहूं की फसल बिछ गई, वहीं दलहनी फसलों पर सड़ने का संकट मंडराने लगा। कुछ दिन ठीकठाक गुजरे लेकिन मार्च की 10 व 11 तारीख ने किसानों को हिलाकर रख दिया। इस दिन फिर से जबरदस्त बारिश व ओलावृष्टि ने किसानों को बर्बादी की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया। जगह- जगह धरना प्रदर्शन हुए। झांसी- टीकमगढ़ पैसेंजर ट्रेन को किसानों ने कई घंटे रोके रखा।
प्रशासन ने प्लाट टू प्लाट नुकसान का सर्वेक्षण करवाया। इस दौरान 52,834 किसानों की 38,146.318 हेक्टेयर फसल बर्बाद पाई गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने 31,20,89,082 रुपये नुकसान की भरपाई के लिए राजस्व विभाग से मांगे। इस पर राजस्व विभाग ने प्रशासन को अभी तक 20,00,00,000 रुपये ही भेजे। अभी भी चिह्नित किसानों को मुआवजा वितरित करने के लिए प्रशासन को 11,20,89,000 रुपये की दरकार है। यह धनराशि मिलने के पश्चात ही प्रभावित सभी किसानों को मुआवजा वितरित किया जा सकेगा।
फसलों के नुकसान व राहत का केंद्रीय दल लेगा जायजा
ललितपुर। रबी फसल के नुकसान व राहत का जायजा लेने के लिए मंगलवार को केंद्रीय दल जनपद आ रहा है। दल के सदस्य न केवल प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करके किसानों से बातचीत करेंगे, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक करके अभी तक कराए गए कार्यों की समीक्षा भी करेंगे।
दल में प्रदेश सरकार के भी कई अधिकारी शामिल हैं। यह दल ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर स्थितियों को परखेगा और किसानों से ओलावृष्टि के साथ बारिश से हुए नुकसान के संबंध में बातचीत भी करेगा। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक करके केंद्रीय दल के लोग राहत वितरण के संबंध में समीक्षा भी कर सकते हैं। केंद्रीय टीम के जनपद भ्रमण के संबंध में प्रमुख सचिव एवं राहत आयुक्त किशन सिंह उटोरिया ने जिलाधिकारी को एक पत्र भेजा है।
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