अमान्य स्कूलों की गतिविधि रोकने के नहीं पुख्ता इंतजाम

Lalitpur Updated Mon, 05 May 2014 05:30 AM IST
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ललितपुर। अमान्य स्कूलों की गतिविधियों को रोकने के उद्देश्य से दो साल पहले निजी मान्यता प्राप्त विद्यालयों का जुटाया गया ब्योरा शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर आज तक अपलोड नहीं हो सका। शायद यही वजह है कि नए शैक्षिक सत्र में भी अमान्य स्कूलों का धड़ल्ले फिर संचालन प्रारंभ हो गया है।
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शिक्षा के अधिकार अधिनियम में अमान्य स्कूलों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने की व्यवस्था की गई है। इसमें कहा गया कि बिना मान्यता के विद्यालय संचालित नहीं किए जाएंगे। कोई भी व्यक्ति या संस्था यदि बिना मान्यता या मान्यता प्रत्याहरण के उपरांत विद्यालय संचालित करता है तो ऐसी दशा में उन्हें एक लाख रुपये तक का जुर्माना देना होगा तथा मान्यता के प्रावधानों का उल्लंघन जारी रखने पर दस हजार रुपये प्रतिदिन की दर से जुर्माना किया सकता है। शासन ने इस अधिनियम के अस्तित्व में आने के पहले ही निजी मान्यता प्राप्त विद्यालयों की सूची शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर डालने की योजना बना ली थी। उस दौरान बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव आईपी शर्मा ने बीएसए को पत्र लिखकर निजी विद्यालयों की प्रथम मान्यता सूची पते सहित तलब की थी। इस पर तत्कालीन बीएसए देवेंद्र कुमार सिंह ने समस्त प्रबंधकों से निजी मान्यता प्राप्त विद्यालयों का ब्योरा जुटाकर शासन को भेज दिया था। विडंबना यह है कि निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों का ब्योरा भेजे दो साल हो गए। शासन ने अभी तक स्कूलों का ब्योरा वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया है। इससे अभिभावकों को मान्य एवं अमान्य स्कूल में अंतर करना मुश्किल हो रहा है। विभाग के पास ऐसी कोई ऑनलाइन व्यवस्था नहीं है जिसमें अभिभावक एक क्लिक करते ही निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों का अवलोकन कर सकें। शासन की ढुलमुल नीति का अमान्य स्कूलों के प्रबंधक अनुचित लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने बिना किसी खौफ के अमान्य कक्षाएं व स्कूलों की नींव रख दी है।
इतने हैं मान्यता प्राप्त
ललितपुर। बेसिक शिक्षा परिषद से 257 मान्यता प्राइमरी एवं 121 जूनियर हाईस्कूल मान्यता हैं। अंग्रेजी माध्यम के 11 प्राइमरी व 10 जूनियर हाईस्कूल संचालित हैं। इसके अलावा आईसीएसई बोर्ड से एसडीएस कांवेंट एवं माडर्न पब्लिक स्कूल मान्यता प्राप्त है। वहीं, केंद्रीय विद्यालय ललितपुर व माताटीला सीबीएसई बोर्ड से संचालित हैं।
तीन सदस्यीय समिति हुई थी गठित
ललितपुर। तत्कालीन डीएम निधि केसरवानी ने अमान्य स्कूलों की गतिविधियों को रोकने के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की थी, इसमें एसडीएम सदर सहित जिला विद्यालय निरीक्षक व बीएसए को रखा था। उनके स्थानांतरण के बाद समिति सुस्त पड़ गई। अब सबको डीएम चैत्रा वी के कदम का इंतजार है।
सूची नहीं हो सकी सार्वजनिक
ललितपुर। मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक नीना उदैनिया ने गत शैक्षिक सत्र में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को अमान्य स्कूलों की सूची सार्वजनिक करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी अमान्य स्कूलों के नाम सामने नहीं आ सके।
निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों का ब्योरा शासन ने मेरे कार्यकाल में नहीं मांगा है। जहां तक मान्यता प्राप्त स्कूलों की सूची के अवलोकन की बात है तो संबंधित बीआरसी पर सूची रखी गई हैं। अभिभावक वहां पहुंचकर सूची देख सकते हैं।
विनोद कुमार मिश्र, बीएसए, ललितपुर
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