हरित पट्टी में बना डाले मकान

Lalitpur Updated Sun, 26 Jan 2014 05:51 AM IST
ललितपुर। विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण व प्रशासनिक अफसरों की मेहरबानी से सूचीबद्ध अपराधियों में भले ही भूमाफियाओं का कालम खाली हो पर नगरीय इलाकों में नियमों की धज्जियां उड़ा कर कई चर्चित चेहरे रातोंरात पूंजीपति बन बैठे। इन लोगों ने न केवल बिना नक्शा पास कराए सैकड़ों मकान बनवा दिए बल्कि हरित पट्टी के लिए सुरक्षित जमीन को भी बेच डाला। सब कुछ देखने के बाद संबंधित विभाग ने सिर्फ नोटिस जारी करके इतिश्री कर ली।
नगर के सुनियोजित विकास को बनाए गए मास्टर प्लान में आवासीय, व्यवसायिक के साथ हरियाली के लिए ग्रीन बेल्ट की जमीन आरक्षित की गई थी। लेकिन, मास्टर प्लान के हिसाब से नगर का विकास ही नहीं हो सका। मास्टर प्लान को अगर देखा जाए तो राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित रोंडा से मसौरा तक पूरब दिशा की जमीन ग्रीन बेल्ट के रूप में आरक्षित है। वहीं, सेकनताल, झांसी- ललितपुर बाईपास के आसपास, नगर के बीचोबीच बीच बंध के किनारे की जमीन भी ग्रीन बेल्ट के रूप में दर्ज है। इसके साथ- साथ नगर से निकली नहर व नदियों के दोनों छोरों पर 15 मीटर तक जमीन हरित पट्टी के लिए सुरक्षित रखी गई है। बावजूद इसके नगर में सक्रिय भू-माफियाओं ने इन जमीनों पर अवैध रूप में निर्माण करवा दिए। एक स्थान पर विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होने पर उत्साहित भूमाफियाओं ने हरित पट्टी का पूरा हिस्सा बेच दिया और उस पर साठगांठ करके भवनों का निर्माण करवा दिया। जानकारों का कहना है कि बिना नक्शा पास करवाए नगर की हरित पट्टी पर एक हजार से अधिक भवनों का निर्माण कराया जा चुका है। भोलेभाले लोगों ने भूमाफियाओं के बहकावे में आकर न केवल प्लाट खरीदे बल्कि लाखों रुपये लगाकर अपना घर बना लिया। अब सभी अवैध निर्माण के दायरे में आ गए हैं। यही नहीं आवासीय की जगह व्यवसायिक और व्यवसायिक की जगह आवासीय निर्माण धड़ल्ले से होते रहे हैं। आवासीय मानचित्र पास कराने के बाद लोगों ने व्यवसायिक कांपलेक्स तैयार करवा लिए, लेकिन किसी ने ऐसे निर्माणों की सुध तक नहीं ली। शिकायत होने पर विभागीय अधिकारियों ने भवन स्वामियों को नोटिस जारी करके कार्रवाई की इतिश्री कर ली, इससे भूमाफियाओं के हौसले बढ़ गए और आज भी धड़ल्ले से अवैध निर्माण का क्रम लगातार जारी है।

पार्कों की कमी
ललितपुर। ग्रीन बेल्ट को सुरक्षित जमीन विक्रय किए जाने के कारण नगर में पार्कों का अभाव हो गया है। लगभग एक लाख से अधिक आबादी के बीच छोटे- बड़े मिलाकर महज आधा दर्जन पार्क मौजूद हैं। कंपनी बाग व आजाद बाल क्रीड़ा स्थल को छोड़कर किसी में भी बच्चों के खेलने की व्यवस्था तक नहीं है। जानकारों का कहना है कि अगर भूमाफियाओं ने ग्रीन बेल्ट की जमीन पर अवैध निर्माण नहीं कराए होते तो नगर पालिका पार्क विकसित कर सकती थी।

सफेदपोशों की भी भूमिका
ललितपुर। मंचों पर नैतिकता का पाठ पढ़ाने वाले संस्कारवान राजनीतिक दलों के नेताओं ने नगर को बदसूरत बनाने में सबसे अहम भूमिका निभाई है। एक समूह बनाकर लोगों से पैसा इकट्ठा करके राजनीतिक दलों के लोगों ने बड़े पैमाने पर प्लाटिंग का कारोबार किया। बिना तलपट मानचित्र पास करवाए भूस्वामियों से टुकड़ों में जमीन की रजिस्ट्री करवाते रहे और बीच का मोटा हिस्सा खुद पचा गए। अब बेचारे भूस्वामियों व भवनस्वामियों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है और वे खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। इनके विश्वास पर जीवन की जमा पूंजी लगाने वाले लोगों की नींद उड़ गई है।



दो दर्जन भवन स्वामियों को नोटिस
ललितपुर। चांदमारी व बैंक कालोनी ही नहीं नगर के दायरे में देवगढ़ रोड तिराहे के पास बिना तलपट मानचित्र पास कराए विकसित की गई आवासीय कालोनी में रहने वालों पर विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण ने कार्रवाई का शिकंजा कस दिया है। यहां भूस्वामी के साथ- साथ भवनस्वामियों को भी नोटिस जारी किए गए हैं।
बीते वर्षों में देवगढ़ तिराहे के पास खाली पड़ी जमीन पर बाकायदा प्लाटिंग की गई, आबादी से सटकर प्लाट होने के कारण लोगों ने महंगे दामों पर जमीन क्रय कर ली। भूमाफियाओं के आश्वासन पर लोगों ने लाखों रुपये लगाकर न केवल मकान बनाया बल्कि उसमें रहने भी लगे। मौजूदा समय में दो दर्जन से अधिक लोग यहां मकान बनवाकर निवास करने लगे हैं। वहीं, तमाम लोग मकान बनाने की तैयारी कर रहे हैं। बिना नक्शा पास कराए भवनों के निर्माण की शिकायत क्षेत्रीय लोगों ने प्रशासनिक अफसरों से की। सब कुछ देखकर शांत बैठा विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण शिकायत से हरकत में आ गया। प्राधिकरण ने सबसे पहले भू स्वामी संतोष चौबे पुत्र छोटेलाल चौबे को नोटिस जारी करके तलपट मानचित्र तलब किया। ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की हिदायत दी। वहीं, भवन बनवाकर यहां निवास कर रहे आशा पत्नी महेश, रीता पत्नी धर्मेंद्र, पुष्पा, आभा सहित आधा दर्जन भवनस्वामियों को भी नोटिस जारी कर दिए गए हैं। सबसे पहले तो प्राधिकरण ने भवनस्वामियों से पास कराए गए नक्शे की प्रति मांगी गई है। नक्शा प्रस्तुत नहीं किए जाने पर भवन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दायरे में आ जाएंगे। प्राधिकरण अफसर इस क्षेत्र का बारीकी के साथ निरीक्षण कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यहां बिना नक्शा पास कराए भवन बनाने वाले सभी मकान मालिकों के खिलाफ नोटिस जारी करके कार्रवाई के दायरे में लिया जाएगा।

रास्ते पर कब्जा
ललितपुर। विकसित की गई इस कालोनी में दीवार खड़ी करके रास्ते के विवाद को जन्म दे दिया गया है। इस संबंध में क्षेत्रीय लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों को समय- समय पर शिकायती पत्र भी दिए हैं। अभी तक विवाद सुलझ नहीं सका है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि कालोनी में बनाए गए रास्ते पर आवागमन सभी का हक है। ऐसे में रास्ता किसी भी सूरत में बंद नहीं किया जाना चाहिए।

Spotlight

Most Read

Rohtak

सीएम को भेजा पत्र

सीएम को भेजा पत्र

23 जनवरी 2018

Rohtak

एमटीएफसी

23 जनवरी 2018

Related Videos

झांसी में हारे हुए प्रत्याशी ने नवनिर्वाचित पार्षद को मारी गोली

झांसी में नवनिर्वाचित निर्दलीय प्रत्याशी अनिल सोनी को गोली मार दी गई। गोली हारने वाले निर्दलिय प्रत्याशी मोहित चौहान ने मारी है। बता दें गोली जीते हुए प्रत्याशी अनिल सोनी के सिर से छूते हुए निकली। फिलहाल अनिल सोनी की हालत स्थिर बनी हुई है।

2 दिसंबर 2017

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper