तैनात होेंगे सेवानिवृत्त चिकित्सक

Lalitpur Updated Mon, 20 Jan 2014 05:51 AM IST
ललितपुर। सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञों की कमी को दूर करने के लिए शासन ने सेवानिवृत्त चिकित्साधिकारियों को पुन: सेवा में लेने का निर्णय लिया है। सेवानिवृत्त विशेषज्ञ 65 वर्ष की आयु तक अपनी सेवाएं दे सकेंगे। प्रदेश में सेवानिवृत्त विशेषज्ञों की भर्ती के लिए एक हजार पद सृजित किए गए हैं। प्रमुख सचिव ने जनपद में विशेषज्ञों के रिक्त चल रहे पदों का ब्योरा मांगा है।
सरकारी चिकित्सालयों के बाह्य अंत: रोगी विभाग में रोगियों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। उसके सापेक्ष चिकित्सकों, विशेषकर विशेषज्ञों की संख्या घटती जा रही है। इस कारण जनता को समुचित स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। अस्पतालों में विशेषज्ञों की कमी को दूर करने के लिए शासन ने प्रादेशिक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संवर्ग के सेवानिवृत्त विशेषज्ञों को पुन: सेवा में लेने का निर्णय लिया है। विशेषज्ञों की पुन: नियुक्ति के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा। महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अध्यक्ष, निदेशक (चिकित्सा उपचार) चिकित्सा एवं स्वास्थ्य एवं प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य की ओर से नामित एक विशेष सचिव समिति के सदस्य रहेंगे।
पुन: सेवा में लिए जाने के लिए समिति विशेषज्ञ की पूर्व में दी गई सेवाओं की गुणवत्ता की जांच करेगी। इन विशेषज्ञों को ‘क न्सलटेंट’ कहा जाएगा। उनको कोई प्रशासकीय पद नहीं दिया जाएगा। महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य एक हजार पदों पर जनपदवार विशेषज्ञों की नियुक्तियों के लिए जल्द ही रिक्तियां निकालेंगे। शासन के प्रमुख सचिव प्रवीर कुमार ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. आरसी निरंजन, संयुक्त जिला चिकित्सालय के अधिकारी डा. आरपी सिंह एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जिला महिला चिकित्सालय डा. हरेंद्र सिंह चौहान को पत्र भेजकर अस्पतालों में रिक्त चल रहे विशेषज्ञों का ब्योरा मांगा है।

प्राइवेट प्रैक्टिस की तो नपेंगे क न्सलटेंट
पुन: सेवा में लिए गए ‘क न्सलटेंट’ प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे। उन्हें सरकारी नियमों के अंतर्गत उपलब्ध दवाइयां ही लिखनी होंगी। साथ ही उनको आकस्मिक सेवाओं और आपातकालीन सेवाओं के लिए उपलब्ध रहना होगा। इसका उल्लंघन करने पर तत्काल प्रभाव से उनकी तैनाती रद कर दी जाएगी।

पुरुष व महिला अस्पताल में विशेषज्ञों की भारी कमी
ललितपुर। जनपद मुख्यालय स्थित संयुक्त जिला चिकित्सालय एवं महिला चिकित्सालय में विशेषज्ञों की भारी कमी है। जिला चिकित्सालय में यूं तो दो हड्डी रोग विशेषज्ञ हैं, लेकिन सर्जन के अभाव में मरीजों को आपरेशन के लिए महानगरों तक सफर करना पड़ रहा है। वहीं, जिला महिला चिकित्सालय में चिकित्सकों के स्वीकृत 10 पदों के सापेक्ष 06 चिकित्सक ही कार्यरत हैं। यहां पर महज एक महिला चिकित्साधिकारी हैं, जबकि लेबर रूम ड्यूटी के लिए एक महिला चिकित्साधिकारी का रहना जरूरी है। जिला महिला चिकित्सालय में संचालित एसएनसीयू (सिक न्यूबोर्न केयर यूनिट) में विशेषज्ञों की तैनाती जरूरी है। इसके अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में विशेषज्ञों के अनेक पद रिक्त चल रहे हैं।

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