जिले की सड़कों पर चलकर दिखाइए मुख्यमंत्री जी

Lalitpur Updated Sat, 23 Nov 2013 05:44 AM IST
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ललितपुर। जुलाई व अगस्त माह में आई बाढ़ में प्रमुख मार्गों के 38 पुल व पुलिया बहने के बाद शासन से निर्माण के लिए मांगी गई राशि में से एक कौड़ी भी जारी नहीं की गई। मजबूरन ग्रामीण कहीं लकड़ी का पुल डालकर तो कहीं मिट्टी भर कर काम चला रहे हैं। लेकिन, हर डगर खतरे से खाली नहीं है।
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अक्सर सूखे की मार को लेकर चरचा में रहने वाले बुंदेलखंड स्थित ललितपुर जनपद में पानी ने जमकर तबाही मचाई। पहाड़ी नदी, नाले, पोखर इस कदम उफनाए कि सड़कों पर बने पुल व पुलिया पानी की तेज धार के संग बह गए। बिरधा से ऐरावनी जाने वाले मार्ग पर लोक निर्माण विभाग की पुलिया बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। उसका आधे से अधिक हिस्सा गायब हो गया। अंधियारी से सीरोन जी मार्ग के आसपास दर्जनों गांव बसे हुए हैं। प्रतिदिन हजारों लोग आवागमन करते हैं। बारिश के दौरान यहां खैरर नदी पर बनी बड़ी पुलिया बह गई, जिससे यातायात बाधित हो गया। महत्वपूर्ण कार्यों के लिए आवागमन आवश्यक देख ग्रामीणों ने लकड़ी का पुल बनाया और पैदल व साइकिल से आने जाने लगे, लेकिन दुपहिया व चार पहिया वाहनों का आवागमन ठप है। कई बार स्कूली बच्चे व बुजुर्ग गिरकर चुटहिल हो चुके हैं।
यही नहीं, तालबेहट का क्षतिग्रस्त पुल की हालत किसी से छिपी नहीं है। जान जोखिम में डालकर लोग आवागमन को मजबूर हैं। प्रमुख मार्ग पर होने के बाद भी इसके निर्माण की महत्ता को नहीं समझा गया। पूराकलां- जखौरा स्थित दो बड़ी पुलिया बारिश में बह चुकी हैं। चार माह से इस मार्ग पर बसों का आवागमन ठप पड़ा हुआ है। जोखिम उठाकर लोग तिपहिया व चार पहिया वाहन से आवागमन करने को विवश हैं। इसके अलावा ललितपुर- देवगढ़ मार्ग स्थित पुलिया संख्या एक, ललितपुर- महरौनी मार्ग स्थित जामनी नदी की क्षतिग्रस्त पुलिया, जखौरा- तालबेहट मार्ग स्थित पुलिया, ललितपुर- जखौरा मार्ग का रिपटा, धौर्रा- सैपुरा मार्ग की पुलिया, पाली- पीरघाट मार्ग स्थित पुलिया, ललितपुर- राजघाट मार्ग स्थित रिपटा, खौंखरा बार गदयाना मार्ग की पुलिया, बांसी- बार मार्ग स्थित पुल, बबीना- तालबेहट मार्ग स्थित पुलिया सहित कुल 38 पुल पुलिया क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इन पर से आवागमन बेहद खतरनाक है पर वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने की वजह से यह रिस्क हजारों लोग प्रतिदिन उठा रहे हैं।
बारिश बंद होने के बाद लोक निर्माण विभाग ने सर्वेक्षण करके इनके निर्माण के लिए 2 करोड़ 27 लाख रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा पर अभी तक राज्य सरकार ने निर्माण के लिए धनराशि जारी नहीं की।

राजघाट, जखौरा सहित दर्जनों मार्ग ध्वस्त
ललितपुर। जनपद के अधिकाँश मार्गों की हालत खराब है, बावजूद इसके लखनऊ में बैठे राज्य सरकार के नुमाइंदों को यहां के लोगों की पीड़ा का अहसास नहीं है। 256 किलोमीटर पैचिंग के लिए मांगे गए डेढ़ करोड़ के सापेक्ष प्रदेश की राजधानी में बैठे अफसरों ने सिर्फ 16 लाख रुपये जारी किए।
इस बार के मानसून ने खरीफ फसल बर्बाद करने के साथ सड़कों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया था। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में दर्जनों प्रमुख मार्ग गहरे गड्ढों में तब्दील हो गए। विभिन्न प्रमुख मार्गों की हालत बद से भी बदतर हो गई। गिट्टियां उखड़कर गायब हो गईं और मार्ग ऊबड़ खाबड़ पठारी इलाके की कच्ची सड़क में बदल गए। क्षतिग्रस्त सड़कों की वजह से यातायात बुरी तरह से चौपट हो गया। ब्रेक लगाए बगैर दो कदम वाहन चलाना संभव नहीं रह गया है। ललितपुर- राजघाट, ललितपुर- जखौरा, बार- बांसी- बानपुर, तालबेहट पूराकलां सहित विभिन्न मार्ग चलने काबिल नहीं बचे हैं। पंद्रह मिनट का सफर पूरा करने में दो घंटे से भी अधिक का समय लग रहा है। वहीं वाहनों में टूटफूट भी बहुत अधिक हो रही है।
बारिश थमने के पश्चात लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त सड़कों का विस्तृत सर्वेक्षण किया। जनपद में 256 किलोमीटर सड़क पर पैचिंग कार्य आवश्यक पाया गया। सर्वेक्षण के आधार पर लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ने विभागीय आला अधिकारियों के साथ- साथ शासन को पैचिंग से संबंधित विस्तृत कार्ययोजना भेजी। पैचिंग के लिए शासन से 01 करोड़ 50 लाख रुपये मांगे गए। वहीं शासन ने हालात को नजरंदाज करते हुए लोक निर्माण विभाग को पैचिंग के लिए महज 16 लाख रुपये जारी किए। इतनी कम धनराशि भेजे जाने से लोक निर्माण विभाग अफसर चिंतित हैं। 256 किलोमीटर क्षतिग्रस्त मार्ग पर इतनी कम धनराशि से पैचिंग वर्क संभव नहीं है। ऐसे में विभागीय अधिकारी प्रमुख सड़कों के आवश्यक स्थानों पर ही पैचिंग करवा रहे हैं।

प्रभावित हो रहा पर्यटन
ललितपुर। ललितपुर- राजघाट रोड के क्षतिग्रस्त होने के कारण मध्य प्रदेश स्थित चंदेरी का पर्यटन व साड़ी कारोबार प्रभावित हो रहा है। चंदेरी स्थित दुर्गानगर में रहने वाले इंजीनियर योगेश मिश्र ने पत्र लिखकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से सड़क बनवाए जाने की मांग की है।
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