पर्याप्त वोल्टेज मिले तो चलेंगी मोटरें

Lalitpur Updated Thu, 21 Nov 2013 05:44 AM IST
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ललितपुर। किसानों के साथ- साथ जाखलौन पंप कैनाल के संचालन की जिम्मेदारी संभालने वाले सिंचाई निर्माण खंड प्रथम के अफसरों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विभागीय अधिशासी अभियंता ने पर्याप्त वोल्टेज के लिए बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखा है।
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जाखलौन पंप कैनाल में पर्याप्त पानी छोड़ने के लिए छह मोटरों लगाई गई हैं। यह मोटरें राजघाट बांध के पानी को खींचकर जाखलौन पंप कैनाल में पहुंचाती हैं। इन मोटरों का संचालन बिजली से होता है। बीते वर्षों में बिजली विभाग ने इसके निर्बाध संचालन के लिए एक स्पेशल फीडर का निर्माण कराया था। फीडर बनाए जाने के बाद पूरा सिस्टम ढंग से काम करता रहा। पर्याप्त मात्रा में पानी कैनाल व माइनरों में पहुंचता रहा। लेकिन, पिछले कुछ वर्षों से हाई व लो वोल्टेज की समस्या होने लगी। रोस्टिंग के समय नगर व ग्रामीण फीडरों की बिजली काटते ही अचानक वोल्टेज 11 केवीए से अधिक हो जाता है और जाखलौन पंप कैनाल में लगी मोटरें ट्रिप कर जाती हैं। मोटरों के बंद होने से पानी की धार टूट जाती है और ऐसे में सिंचाई प्रभावित होना तय है। यही नहीं नगर व ग्रामीण क्षेत्र की आपूर्ति प्रारंभ करते समय समस्या और अधिक बढ़ जाती है। लोड पड़ते ही वाल्टेज 11 केवीए से कम हो जाता है और मोटरें काम करना बंद कर देती हैं। ऐसे में सिंचाई विभाग मौजूदा समय में बमुश्किल सिर्फ तीन मोटरों का ही संचालन कर पा रहा है। जानकारों का कहना है कि फीडर निर्माण के समय जेपीसी के लिए रोड़ा में सेप्रेट ट्रांसफार्मर रखा गया था। लेकिन, अब उक्त ट्रांसफार्मर से कई और फीडर जोड़ दिए गए हैं, इसलिए यह समस्या खड़ी हो गई है। जाखलौन पंप कैनाल को बेहतर वोल्टेज देने के लिए अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड प्रथम दिलीप अस्थाना ने अधिशासी अभियंता विद्युत को पत्र लिखा है। वहीं चौथी मोटर के संचालन के लिए उन्होंने सिंचाई विभाग मैकेनिकल के अधिशासी अभियंता से संपर्क साधा है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि एक दो दिनों के अंदर समस्या पर काबू पा लिया जाएगा। जल्द ही किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी दिया जाएगा।
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फोटो-1
कैप्सन- नारेबाजी करके सिंचाई के लिए पानी मांगते ग्रामीण
किसानों ने मांगा पानी
ललितपुर। सिंचाई के अभाव में फसलों पर पड़ते कुप्रभाव को देखते हुए किसान अब आंदोलन का मन बनाने लगे हैं। बुधवार को सिलगन से मुख्यालय आए दर्जनों किसानों ने कलेक्ट्रेट में जमकर नारेबाजी की और व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाया। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारियों की वजह से उनको सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है, जबकि बांध में भरपूर पानी है। अधिकारियों को समस्या दूर करके जाखलौन पंप कैनाल को भरपूर क्षमता के साथ चलाना चाहिए। अगर ऐसा नहीं किया गया तो वे जोरदार आंदोलन को बाध्य हो जाएंगे। इस दौरान परमानंद रजक, अमर सिंह, चंद्रराम, मोना, हरनारायण, हरिराम आदि मौजूद रहे।
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पर्याप्त पानी के बाद भी समस्या
ललितपुर। इस बार जबरदस्त बारिश हुई। राजघाट बांध में भरपूर पानी है। इसके बाद भी सिंचाई के पानी को किसानों का तरसना महज सिस्टम की कमी के अलावा कुछ भी नहीं है। वोल्टेज की समस्या कोई नयी नहीं है लेकिन बिजली विभाग ने इसको कभी भी गंभीरता से नहीं लिया। समस्या के निदान को कभी ईमानदारी से प्रयास नहीं किया गया। बैठकों में हर बार तर्क वितर्क करके विभागीय अधिकारी अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। लेकिन, विभाग बिल वसूल करने में कोई भी तर्क वितर्क सुनने को तैयार नहीं होता। अहम बात यह भी है कि बिजली विभाग स्वयं मुख्यमंत्री अखिलेश यादव देख रहे हैं। ऐसे में समस्या को सुलझाए जाने के लिए जनपद का किसान उनकी ओर टकटकी लगाकर देख रहा है।
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