बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

वन विभाग कर्मियों पर ट्रैक्टर चढ़ाने का प्रयास

Lalitpur Updated Mon, 11 Feb 2013 05:31 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
ललितपुर। डोंगरा खुर्द के जंगल में अवैध खनन कर रहे लोगों ने वन कर्मचारियों पर ट्रैक्टर चढ़ाने का प्रयास किया। पेड़ व पत्थरों की ओट लेकर कर्मचारी अपनी जान बचा सके। डीएफओ के निर्देश पर नाराहट थाने में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
विज्ञापन

जंगलों के अंदर हो रहे अवैध खनन और कटान को रोकने के लिए प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी वीके जैन ने एक दस्ते का गठन किया है। दस्ते में प्रभारी रामस्वरूप अहिरवार, लेखराम वन दारोगा, घनश्याम दास वन दारोगा, वीरेंद्र वन रक्षक, संदीप वन रक्षक को शामिल किया गया है। विभागीय अधिकारियों को डोंगरा खुर्द वन क्षेत्र में धड़ल्ले से चल रहे अवैध खनन की जानकारी हुई। अफसरों ने टीम को मौके पर जाकर कार्रवाई के निर्देश दिए। टीम के सदस्यों ने पटना निवासी दीपक साहू, लक्ष्मण, डोंगरा खुर्द निवासी राजेंद्र सिंह, राम प्रताप सिंह को जंगल के भीतर अवैध खनन करते हुए देख लिया। अभी वन कर्मी घेराबंदी कर ही रहे थे कि खनन कर रहे लोगों को आहट मिल गई और वे ट्रैक्टर पर सवार होकर जंगल से बाहर जाने लगे। इस बीच दस्ते के कर्मचारियों ने ट्रैक्टर रोका तो चालक ने वन कर्मियों को ट्रैक्टर से कुचलने का प्रयास किया। खनन माफियाओं का दुस्साहस देख कर्मचारी पेड़ों व बढ़े पत्थरों के पीछे छिप गए। उधर, मौका पाकर खनन करने वाले लोग वाहन सहित भागने में सफल हो गए। दस्ते ने रात में छापेमार कार्रवाई करके आरोपियों के घर से ट्रैक्टर जब्त करने का प्रयास किया, लेकिन महिलाओं के आगे आने के कारण वे वापस खाली हाथ लौट आए। अफसरों व कर्मचारियों ने प्रभागीय निदेशक को स्थितियों से अवगत कराया। उनके निर्देश पर टीम ने आरोपियों के खिलाफ नाराहट थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।



सरकारी संपत्ति घोषित होगा अवैध खनन में पकड़ा वाहन
वन अधिनियम में है कार्रवाई का प्रावधान
प्रभागीय निदेशक ने मातहतों को दिए कठोर कार्रवाई के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। अवैध खनन व कटान के दौरान पकड़े गए वाहन जुर्माना वसूलकर छोड़े नहीं जाएंगे, बल्कि उनको सरकारी संपत्ति घोषित किया जाएगा। जनपद के 74 हजार हेक्टेयर वन क्षेत्र के भीतर चल रहे अवैध खनन व कटान को रोकने के लिए विभागीय आला अधिकारियों ने सख्त रुख अपनाते हुए यह कार्रवाई करने का निर्णय लिया है।
अभी तक जंगल के अंदर अवैध खनन व कटान के दौरान पकड़े जाने वाले वाहनों को विभागीय अधिकारी जब्त कर लेते थे और कुछ दिनों बाद जुर्माना वसूलकर उनको छोड़ दिया जाता था। महज जुर्माना से खनन माफियाओं पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा था। इन हालातों को सुधारने के लिए प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी पीके जैन ने कठोर कदम उठाने का निर्णय ले लिया है, जिसके तहत अब खनन व कटान कार्य के दौरान पकड़े गए वाहनों पर जुर्माना नहीं लगाया जाएगा। ऐसे वाहनों को जब्त कर सरकारी संपत्ति घोषित किया जाएगा। प्रभागीय निदेशक के अनुसार वन अधिनियम 1927 की धारा- 52 एबी के तहत इस व्यवस्था का उल्लेख भी किया गया है। इसका कड़ाई के साथ पालन किया जाएगा। उन्होंने सभी रेंजरों को बीटों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अवैध खनन की शिकायत पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो जिम्मेदार अफसरों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us