एकल व्यवस्था में हैं सैकड़ों परिषदीय विद्यालय

Lalitpur Updated Mon, 28 Jan 2013 05:30 AM IST
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ललितपुर। शिक्षकों की कमी के चलते जिले के परिषदीय विद्यालयों की शिक्षण व्यवस्था बुरी तरह चरमराई है। वर्तमान में सैकड़ों की संख्या में या तो परिषदीय स्कूल एकल व्यवस्था में हैं या फिर शिक्षक विहीन बने हुए हैं। यही नहीं, बीते माहों में अपनाई गई समायोजन स्थानांतरण की प्रक्रिया भी हालातों को नहीं बदल सकी।
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जनपद में संचालित 1046 प्राथमिक एवं 492 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की जबरदस्त कमी बनी हुई है। बीते माहों में विद्यालयों की शिक्षण व्यवस्था को सीमित शिक्षकों में ही सुचारु बनाने के उद्देश्य से समायोजन स्थानांतरण की प्रक्रिया अपनाई गई लेकिन, तैनाती में व्याप्त विसंगतियां दूर नहीं हो सकी। वर्तमान में अनेक शिक्षक मूल विद्यालयों में ही डटे हुए हैं। जिस कारण स्थानांतरित विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर नहीं हो सकी है। वर्तमान में सैकड़ों की संख्या में विद्यालय एक शिक्षक के सहारे हैं, इनमें विकास खंड जखौरा अंतर्गत पूर्व माध्यमिक विद्यालय ननौरा, हर्षपुर, प्राथमिक विद्यालय तिलहरी, बसवा, करारी, पंचौरा, साकरवार कलां, खदरी हैं। इसी प्रकार विकासखंड बार में प्राथमिक विद्यालय खजरा, दिदौरा, विकासखंड बिरधा में प्राथमिक खिरिया छतारा, बिरधा, वंशा बम्हौरी, पाती, मुड़ारी, सेमरा, कछयाहार, बरखिरिया, झरकोन, कल्यानपुरा नंबर एक, ढंगा, चडरऊ, टेनगा, अनौरा, भौरदा, तोर, खजुरिया, मोगयाना, टीला, राधापुर, करमरा, टगर, टगौरिया, सिमरधा, मुरली, मैदानी, खैरो हैं। नगर क्षेत्र में पूर्व माध्यमिक विद्यालय गोविंदनगर, तालाबपुरा, शिवालय, क्रमोत्तर चंडीमाता मंदिर हैं। विकासखंड मड़ावरा में सत्तर प्रतिशत विद्यालय एकल व्यवस्था में हैं। प्राथमिक विद्यालय पाती में न तो कोई शिक्षक और न ही शिक्षा मित्र है। कमोवेश यही स्थिति प्राथमिक विद्यालय अनौरा, राधापुर, मुरली, मैदानी व खैरों की है। इसके अलावा कई विद्यालय शिक्षकों के पद सृजन नहीं होने की समस्या से जूझ रहे हैं। पूर्व माध्यमिक विद्यालय ननौरा संकुल है और यहां 250 छात्रांकन है, इसके बाद भी दूसरा कोई शिक्षक नहीं भेजा गया है। इन स्थितियों में शिक्षण के साथ संकुल की व्यवस्था गड़बड़ा रही है।


ये है शिक्षकों की संख्या
ललितपुर। जिले में 492 प्राथमिक विद्यालयों में 1251 एवं 1046 पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 1075 शिक्षक कार्यरत हैं। वहीं, शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत प्राथमिक विद्यालयों में तीस छात्रों पर एक शिक्षक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में 35 छात्रों पर एक शिक्षक रखा जाना है। मौजूदा संख्या में परिषदीय शिक्षा की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

इन विद्यालयों में नहीं पद सृजन
ललितपुर। जनपद में करीब 165 विद्यालयों में पद सृजन नहीं है। इनमें विकासखंड जखौरा के प्राथमिक विद्यालय रानीकोडर, चीरा, सिद्धपुरा, दुर्जनपुरा, बार में प्राथमिक विद्यालय खैरो डेगना, मुरली उदयपुरा, मुजरा, रामनगर, दीवानपुरा, खैरा डोंगा, टपरियन, तालबेहट में प्राथमिक विद्यालय कंगीरपुरा, दिदौरा, उगरपुर प्रथम, द्वितीय, महरौनी में प्राथमिक विद्यालय बैजनाथ, भूसरा, दिदौली, निवऊआखेरा सौजना, लुहर्रा सौजना, मड़ावरा में बम्हौरीखुर्द, इमिलियाखुर्द, तालपुरा, बरखेरा, बारई, बुदनी नाराहट, दौलतपुरा, बिरधा में मगरपुर, भरर्या, हरपुरा, कछयाहार, सैपुरा खालसा, बमनौरा स्कूल आदि स्कूल हैं।

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