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यूपी के नौ जनपदों में खुलेंगे एनसीडी सेल

Lalitpur Updated Fri, 28 Dec 2012 05:30 AM IST
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ललितपुर। डायबिटीज, हार्टअटैक, ब्लड प्रेशन व कैंसर जैसी बीमारियों से ग्रसित मरीजों का मुफ्त इलाज किया जाएगा। इसके लिए उत्तर प्रदेश के ललितपुर, झांसी समेत नौ जनपदों में एनसीडी (नान कम्युनिकेबिल डिसीज) सेल खुलेंगे, जहां मरीजों का उपचार किया जाएगा। इतना ही नहीं आवश्यकता पड़ने पर मेडिकल कालेज स्तर पर मरीजों का उपचार कराया जाएगा।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की वर्ष 2002 की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2020 तक नान कम्युनिकेबिल डिसीज मृत्यु का सबसे बड़ा कारण बनेंगी। 2020 तक होने वाली मौतों में 53 प्रतिशत मौतें डायबिटीज, हृदय से संबंधित बीमारियों व कैंसर से होंगी, तब तक प्रति एक हजार की जनसंख्या पर 63 लोग डायबिटीज तथा 160 लोग ब्लड प्रेशर से प्रभावित होंगे। वर्तमान में देश में 28 लाख लोग कैंसर की बीमारी से जूझ रहे हैं और कैंसर के कारण प्रतिवर्ष 8 लाख लोगों की मौत हो जाती है। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के 35 से 64 वर्ष की आयु के लोग इन बीमारियों से सबसे अधिक प्रभावित होंगे। नागरिकों को इस महामारी से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने देश के सौ जनपदों में नेशनल प्रोग्राम फार प्रीवेंसन एण्ड कंट्रोल आफ कैंसर, डायबिटीज, सीवीडी एण्ड स्ट्राक (एनपीसीडीसीएस) के तहत एनसीडी सैल खोलने का निर्णय लिया है। उत्तर प्रदेश के जनपद ललितपुर, झांसी, जालौन, इटावा, रायबरेली, सुल्तानपुर, लखीमपुरखीरी, फर्रुखाबाद, फिरोजाबाद में एनसीडी सेल खुलेंगे। जनपद में मुख्यालय स्थित जिला चिकित्सालय के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर एनसीडी सेल खोले जाएंगे। जिला चिकित्सालय में सेल के क्रियान्वयन के लिए 190 लाख रुपये व सीएचसी, पीएचसी स्तर पर 24 लाख रुपये आवंटित किए जाने का प्रावधान है।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत चिकित्साधिकारी, स्टाफ नर्स, डाटा एंट्री ऑपरेटर, मेडिकल आंकोलोजिस्ट, साइडो पैथालॉजिस्ट, साइडो पैथालॉजिस्ट टेकिभनशियन एवं फिजियोथैरेपिस्ट संविदा पर नियुक्त किए जाएंगे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. आरसी निरंजन का कहना है कि एनसीडी सेल के संचालन के लिए शासन से प्राप्त दिशा निर्देशों के अनुसार कार्ययोजना तैयार की जा रही है। जल्द ही इसे मूर्त रूप दिया जाएगा।


ऐसे होगा मरीजों का इलाज
ललितपुर। कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत बेसिक हैल्थ वर्कर, आशा कार्यकत्री एवं एएनएम शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर डायबिटीज, हृदय, ब्लड प्रेशर व कैंसर से ग्रसित मरीजों की जांच किट पद्धति से करेंगे। ऐसे मरीजों को सर्वप्रथम पीएचसी, सीएचसी पर संदर्भित किया जाएगा, जहां उनका उपचार नान कम्युनिकेबिल डिसीज कार्यक्रम में पदस्थ चिकित्साधिकारियों द्वारा किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को जनपद स्तर और मेडीकल कालेज स्तर पर संदर्भित किया जा सकेगा। कैंसर के मरीजों को एक लाख रुपये प्रतिवर्ष की दर से दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी।


चलाया जाएगा जागरूकता अभियान
ललितपुर। लोगों को कैंसर, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर व हृदय संबंधी बीमारियों से बचाव के लिए जागरुकता अभियान भी चलाया जाएगा, जिसके तहत व्यवहार परिवर्तन पर अत्यधिक जोर दिया जाएगा, क्योंकि इन बीमारियों का मुख्य कारण खानपान संबंधी जानकारी का अभाव, परिश्रम न करना, तम्बाकू, अल्कोहल आदि का सेवन करना है। इसलिए अभियान के तहत नागरिकों को बीमारियों के दुष्परिणामों की जानकारी देकर उन्हें सचेत किया जाएगा।


यह है कैंसर की भयावह तस्वीर
नेशनल फैमली हेल्थ सर्वे 2005-06 के अनुसार देश में अट्ठाइस लाख लोग कैंसर से ग्रसित हैं। आठ लाख मरीजों की मौत प्रतिवर्ष होती है। एक लाख की आबादी में 21.3 लोग सर्विकल कैंसर, 17.1 ब्रेस्ट कैंसर व 11.8 ओरल कैंसर से ग्रसित हैं। रिपोर्ट के अनुसार 57 प्रतिशत पुरुष एवं 10.8 महिलाएं तम्बाकू के सेवन के कारण कैंसर का शिकार बनते हैं।

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