बीआरजीएफ के भुगतान पर लगी रोक हटी

Lalitpur Updated Tue, 18 Dec 2012 05:30 AM IST
ललितपुर। पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि के तहत कराए गए विकास कार्यों के भुगतान पर लगाई गई रोक शासन ने हटा ली है। इस निर्णय से ग्रामीण व नगरीय क्षेत्रों के विकास कार्यों की गति में तेजी आना तय माना जा रहा है। गौरतलब है कि रोक के बाद विकास कार्य बुरी तरह से बाधित हो गए थे।
पिछड़े इलाकों में विकास कार्य करवाने के लिए केंद्र सरकार पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि जारी करती है। पिछले कई वर्षों में जनपद सहित सूबे के विभिन्न जिलों को इस मद में करोड़ों रुपये दिए जा चुके हैं। उल्लेखनीय है कि जिला पंचायत विभिन्न विभागों से इस योजना के तहत प्रस्ताव मांगती है। जिसे राज्य के माध्यम से भारत सरकार भेजा जाता है। केंद्र से मिलने वाले धन को विभागवार स्वीकृत योजनाओं के हिसाब से वितरित कर दिया जाता है। राज्य व केंद्र सरकार को शिकायत मिली थी कि विभिन्न जनपदों में इस मद की धनराशि का दुरुपयोग हो रहा है। जिला पंचायतों से भेजी गई कार्ययोजना के विपरीत काम कराए जा रहे हैं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने इस मद से हुए समस्त कार्यों की जांच का निर्णय लिया। तत्काल प्रभाव से इस मद की धनराशि के भुगतान पर रोक लगा दी गई। केंद्र व राज्य सरकार के अधिकारियों ने मिलकर पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि के तहत कराए गए कार्यों को जांचा और अभिलेखों से उनका मिलान किया। सूबे में कई स्थानों पर गड़बड़ी पाई गई और ऐसे निर्माण कार्यों की जांच आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दी गई। ललितपुर जनपद में भी जांच टीम ने निरीक्षण किया, कमियां मिली पर आर्थिक अपराध शाखा से जांच करवाने लायक कोई मामला सामने नहीं आया। इस जांच की वजह से पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि के तहत चल रहे कार्य व भुगतान बाधित हो गए। जिसको गंभीरता से लेते हुए शासन ने आर्थिक अपराध शाखा की जांच के दायरे में आने वाले कार्यों को छोड़कर शेष के भुगतान की रोक हटाने का निर्णय लिया। पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि परियोजना निदेशक ताहिर इकबाल ने शासनादेश भी जारी कर दिया।

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