नहीं मिल रहा वाहन सुविधा का लाभ

Lalitpur Updated Thu, 06 Dec 2012 05:30 AM IST
ललितपुर। मातृ व शिशु मृत्युदर कम करने के उद्देश्य से जिले में संचालित जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (जेएसएसके) के तहत जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को दिए गए वाहन जच्चा व बच्चा को घर तक छोड़ने में अक्षम प्रतीत हो रहे हैं। महज, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिरधा को छोड़कर कोई भी वाहन अब तक बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाया है, जबकि जिलाधिकारी ने शत प्रतिशत महिलाओं को योजना से लाभान्वित करने के निर्देश दे रखे हैं।
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत चलाए जा रहे जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (जेएसएसके) में सभी विकास खंडों में स्थित छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व जिला अस्पताल को नये वाहन मुहैया कराए गए थे। 30 अक्तूबर को जिलाधिकारी रणवीर प्रसाद ने वाहनों को हरी झंडी दिखाई थी। योजना के मुताबिक सभी गर्भवती महिलाओं को प्रसव के उपरांत वाहन से घर तक छोड़ने, चिकित्सालयों में प्रसव के दौरान गर्भवती महिलाओं के भोजन, नि:शुल्क दवाइयां देने के अलावा नवजात शिशु की सेहत से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या होने पर उसी वाहन से उसे स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाकर उपचार कराने की सुविधा मुहैया कराने के निर्देश जिलाधिकारी ने दिए थे। इन वाहनों की नवंबर माह की प्रगति पर नजर डालें तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिरधा को छोड़ सभी वाहन योजना के मुताबिक कार्य करने में फिसड्डी साबित हो रहे हैं। नवंबर माह में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिरधा में 110 महिलाओं के संस्थागत प्रसव कराए गए, जिसके बाद सौ जच्चा व बच्चा को वाहन से घर छुड़वाकर विभाग ने 90.91 प्रतिशत प्रगति प्राप्त की। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महरौनी में 154 संस्थागत प्रसव किए गए, लेकिन 61 जच्चा व बच्चा को ही वाहन से घर छुड़वाया गया। इसी तरह सामुदायिक स्वास्थ्य केेंद्र मड़ावरा में 142 संस्थागत प्रसव होने पर महज 27 महिलाओं को, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बार में 78 में से 49 महिलाओं और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तालबेहट में सबसे अधिक 245 संस्थागत प्रसव होने के बाद सबसे कम 12 जच्चा व बच्चा को वाहन से घर छोड़ने की सुविधा मिल सकी। इधर, जिला महिला चिकित्सालय में 2400 संस्थागत प्रसव किए गए। इनमें 941 महिलाआें को ही वाहन से घर छुड़वाया जा सका।

बाक्स
आधे वाहनों के नहीं है टैक्सी परमिट
जेएसएसके योजना में लगे आधे से अधिक वाहनों के टैक्सी परमिट नहीं हैं, जबकि योजना के प्रावधानों के तहत टैक्सी परमिट वाहनों का ही अनुबंध किया जाना था।
--
प्रचार प्रसार के नहीं किए प्रयास
ग्रामीण महिलाओं को वाहन की सुविधा का लाभ दिलाने के लिए योजना के व्यापक प्रचार प्रसार का प्रावधान किया गया था, लेकिन विभागीय स्तर पर इस दिशा में कोई पहल नहीं की गई।

इनका कहना है
‘शुरूआती दौर में प्रगति संतोषजनक नहीं है, लेकिन आगामी समय में शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा। इसके लिए सभी एमओआई को निर्देशित भी कर दिया गया है। टैक्सी परमिट के बगैर संचालित होने वाले वाहनों का भुगतान नहीं किया जाएगा।’
डा. आरसी निरंजन
मुख्य चिकित्सा अधिकारी, ललितपुर

Spotlight

Most Read

Kanpur

बाइकवालाें काे भी देना हाेगा टोल टैक्स, सरकार वसूलेगी 285 रुपये

अगर अाप बाइक पर बैठकर आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर फर्राटा भरने की साेच रहे हैं ताे सरकार ने अापकी जेब काे भारी चपत लगाने की तैयारी कर ली है। आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर चलने के लिए सभी वाहनों को टोल टैक्स अदा करना होगा।

16 जनवरी 2018

Related Videos

झांसी में हारे हुए प्रत्याशी ने नवनिर्वाचित पार्षद को मारी गोली

झांसी में नवनिर्वाचित निर्दलीय प्रत्याशी अनिल सोनी को गोली मार दी गई। गोली हारने वाले निर्दलिय प्रत्याशी मोहित चौहान ने मारी है। बता दें गोली जीते हुए प्रत्याशी अनिल सोनी के सिर से छूते हुए निकली। फिलहाल अनिल सोनी की हालत स्थिर बनी हुई है।

2 दिसंबर 2017

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper