684 शिविर, 28 लाख 50 हजार खर्च, परिणाम सिफर

Lalitpur Updated Sat, 01 Dec 2012 12:00 PM IST
ललितपुर। 684 शिविर... 4166 रुपये प्रति शिविर के हिसाब से 28 लाख 50 हजार रुपये खर्च, फिर भी परिणाम सिफर। यह हाल है बुंदेलखंड विशेष पैकेज के तहत अन्ना प्रथा को समाप्त करने के लिए चलाए गए अभियान का। यह कोशिश एक भी ग्रामीण को प्रेरित नहीं कर सकी कि वह अपने पशुओं को आवारा विचरण के लिए न छोड़े।
ग्रामीण पशुपालक जानवरों को बांधने और नियमित चारा खिलाने की ओर ध्यान नहीं देता है। गाय, बछड़े आदि छुट्टा छोड़ दिए जाते हैं। ये जानवर झुंड बनाकर दर्जनों की संख्या में या तो सड़क पर बैठते हैं या फिर खेतों में विचरण करके फसलों को बर्बाद करते हैं, जो ग्रामीण क्षेत्र में झगड़ों का कारण बनता है। इस समस्या से निपटने के लिए बुंदेलखंड विशेष पैकेज के तहत पशुपालन विभाग को बकरी पालन के अलावा अन्ना प्रथा उन्मूलन के संबंध में प्रचार प्रसार के लिए लाखों रुपये दिये गए थे। पशुपालन विभाग ने ग्रामीण इलाकों में शिविर लगाकर ग्रामीणों को जानवर बांधने के लिए प्रेरित किया। जानवर घर पर रखने के ग्रामीणों को लाभ बताए। लेकिन, लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी यह प्रयास सफल नहीं हुआ। जानवर अभी भी खेतों और सड़कों पर छुट्टा घूमते देखे जा सकते हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास स्थित गांवों के जानवर हाइवे पर बैठ जाते हैं। ऐसे में यातायात प्रभावित होता है और आए दिन छोटी बड़ी दुर्घटनाएं भी होती हैं।



नस्ल पर पड़ता प्रभाव
ललितपुर। अन्ना प्रथा से जानवर की नस्ल पर बुरा प्रभाव पड़ता है। झुंड में अच्छे और दुधारू जानवर खराब जानवरों के संपर्क में आ जाते हैं, जिससे उनकी नस्ल खराब होने लगती है। इससे जानवरों के दूध देने की क्षमता बुरी तरह से प्रभावित हो जाती है।



नहीं दिखती गोबर की खाद
ललितपुर। जनपद में गाय, बैल, भैंस, भैंसा आदि जानवरों की संख्या पर्याप्त होने के बावजूद गोबर की खाद का प्रचलन नहीं है। कारण, जानवर छुट्टा रहते हैं और इधर- उधर गोबर कर देते हैं। ऐसे में ग्रामीण उसे इकट्ठा नहीं कर पाते और गोबर बर्बाद चला जाता है।

Spotlight

Most Read

Bihar

चारा घोटाला: लालू और जगन्नाथ मिश्रा को 5 साल की सजा, कोर्ट ने 5 लाख का लगाया जुर्माना

पूर्व रेल मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के खिलाफ सीबीआई की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है।

24 जनवरी 2018

Related Videos

झांसी में हारे हुए प्रत्याशी ने नवनिर्वाचित पार्षद को मारी गोली

झांसी में नवनिर्वाचित निर्दलीय प्रत्याशी अनिल सोनी को गोली मार दी गई। गोली हारने वाले निर्दलिय प्रत्याशी मोहित चौहान ने मारी है। बता दें गोली जीते हुए प्रत्याशी अनिल सोनी के सिर से छूते हुए निकली। फिलहाल अनिल सोनी की हालत स्थिर बनी हुई है।

2 दिसंबर 2017