उधारी में चल रहे संवाद दो के प्रशिक्षण

Lalitpur Updated Mon, 26 Nov 2012 12:00 PM IST
ललितपुर। परिषदीय विद्यालयों में आनंददायी माहौल तैयार करने की सीख देने वाले संदर्भदाताओं में ही तलवारें खिचीं हुई हैं। इसका असर प्रशिक्षण पर भी देखा जा रहा है। हालत यह है कि खंड शिक्षा अधिकारी जखौरा को संयुक्त खातेदार के अभाव में संवाद दो के प्रशिक्षण में लंच पैकेट से लेकर स्टेशनरी उधार में खरीदनी पड़ रही है।
शिक्षा के अधिकार अधिनियम को लागू करने के लिए शिक्षकों को इससे भलीभांति अवगत कराया जा रहा है। प्रशिक्षण को अव्यवस्था से बचाने के लिए शिक्षकों के फेरे तय कर दिए गए हैं। बीआरसी जखौरा में प्रशिक्षण के करीब चार फेरे भी हो चुके हैं। हर फेरे में संदर्भदाता, शिक्षक व शिक्षा मित्रों को विद्यालयों में आनंददायी वातावरण बनाने की सीख दे रहे हैं। यह बात और है कि वह खुद इस पर अमल नहीं कर पा रहे हैं।
एबीआरसी समन्वयकों में खाते को लेकर तनातनी चल रही है। बेसिक शिक्षा अफसरों ने इसे समाप्त करने के लिए एक एबीआरसी समन्वयक को मूल विद्यालय भेज दिया, लेकिन बीआरसी के हाल नहीं बदले हैं। एबीआरसी समन्वयकों में आपसी तनातनी बरकरार है। हालात इतने विकट हो गए हैं कि कोई खंड शिक्षा अधिकारी के साथ संयुक्त खातेदार बनने को तैयार नहीं है। इसका असर बीआरसी पर आयोजित होने वाली हर गतिविधि पर पड़ रहा है। इससे संवाद दो प्रशिक्षण भी अछूता नहीं है। सेवारत प्रशिक्षण प्रभारी ओमप्रकाश बिरथरे पर्यवेक्षण के दौरान अव्यवस्था होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त कर चुके हैं। बावजूद इसके कमियों को नहीं सुधारा जा रहा है। इसका प्रमुख कारण खाते का संचालन नहीं होना है। संयुक्त खाते में एबीआरसी के अभाव में विभिन्न मदों की धनराशि अटककर रह गई है। वहीं, खंड शिक्षा अधिकारी एनएल शर्मा ने विभागीय निर्देशों का पालन करते हुए संवाद दो के प्रशिक्षण प्रारंभ करा दिए हैं। वर्तमान में इस प्रशिक्षण के करीब चार फेरे हो चुके हैं बावजूद इसके संयुक्त खातेदार नामित नहीं हो सका है। इन हालातों में खंड शिक्षा अधिकारी को लंच पैकेट, स्टेशनरी आदि की सामग्री उधार में जुटाना पड़ रही है। दिलचस्प बात यह है कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार मिश्रा ने बीते दिनों बीआरसी जखौरा पहुंचकर प्रशिक्षण का पर्यवेक्षण किया था पर उन्हें प्रशिक्षण में कोई भी कमी नहीं दिखी थी। शिक्षकों में यह चर्चा का विषय बना रहा। जानकारों का कहना है कि जब तक प्रशिक्षण में सभी प्रकार की सुविधाएं मुहैया नहीं होंगी, तब तक शिक्षकों को प्रशिक्षण देना उद्देश्य पूरा नहीं हो सकता। प्रशिक्षण को रोचक बनाने के लिए एलसीडी व पर्याप्त रोशनी होना आवश्यक है पर इस कमी को दूर नहीं किया जा रहा है।


इनका कहना है
‘बीआरसी के संयुक्त खातेदार बनने को कोई भी सीनियर एबीआरसी तैयार नहीं हैं। हालांकि किसी ने लिखित रूप में पत्र भी नहीं दिया है पर मौखिक रूप से इंकार कर रहे हैं। संयुक्त खातेदार के अभाव में दो महीने से विभिन्न मदों का पैसा डंप है।’
- एनएल शर्मा खंड शिक्षा अधिकारी जखौरा


‘उधारी में प्रशिक्षण चलाने का कोई औचित्य ही नहीं है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पहले ही प्रशिक्षण के लिए धनराशि अवमुक्त कर चुका है। खंड शिक्षा अधिकारी को शासन से प्राप्त मद से ही प्रशिक्षण चलाने के लिए निर्देशित किया जाएगा। इस कार्य में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।’
-नीना उदैनिया, एडी बेसिक, झांसी मंडल झांसी

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