..तो रुक जाएगा पान किसानों का पलायन

Lalitpur Updated Fri, 12 Oct 2012 12:00 PM IST
पाली (ललितपुर)। प्रदेश में गुटखे के प्रतिबंध के निर्णय का पाली के पान किसानों ने स्वागत किया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्रदेश सरकार की ओर से गुटखे पर प्रतिबंध की घोषणा होते ही वर्षों से बदहाल पान किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है। उम्मीद जताई जा रही है कि यदि गुटखे पर प्रतिबंध प्रभावी हो गया तो पान किसानों का पलायन भी रुक जाएगा।
प्रकृति के लगातार कहर के साथ ही शासन प्रशासन की उपेक्षा ने पाली के पान किसानों को आर्थिक बदहाली में धकेल दिया है। गुटखे के बढ़ते प्रचलन ने पान किसानों को परंपरागत व्यवसाय से पृथक कर दिया। हालात यहां तक पहुंच गए कि जो किसान देश के प्रमुख महानगरों के साथ विदेशों में पान का निर्यात करते थे, उन्हें मजदूरी की खातिर घरों में ताला डालकर महानगरों की ओर कूच करना पड़ा। हालांकि, ओलावृष्टि, अतिवृष्टि व पान के बरेजों में भीषण अग्निकांड के बाद पान किसानों को बदहाली से उबारने के लिए प्रशासनिक अफसरों व राजनेताओं ने आर्थिक सहायता मुहैया कराने का दावा जरूर किया, लेकिन जो सहायता पान किसानों को मुहैया कराई गई वह ऊंट के मुंह में जीरे के समान थी। अभी हाल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद जो सहायता दी गई उससे महज पंद्रह दिन का राशन ही लिया जा सकता था। पान के बरेजों को पुन: तैयार कर पाना किसानों के लिए स्वप्न के समान था, ऐसे हालातों के शिकार पाली क्षेत्र के दर्जनों किसान घरों में ताला डालकर रोटी रोजी कमाने की खातिर महानगरों की ओर पलायन कर गए। अभी हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर प्रदेश में गुटखे पर प्रतिबंध के निर्णय से पान किसानों ने राहत की सांस ली है, उनका मानना है कि गुटखे की बिक्री खत्म होने से पान का व्यवसाय फिर चलने लगेगा, साथ ही पान किसानों का पलायन भी रुक जाएगा।


प्रतिबंध पर बोले पाली के पान किसान

स्वागत योग्य है निर्णय
गुटखे पर प्रतिबंध का निर्णय स्वागत योग्य है, क्योंकि गुटखा युवा पीढ़ी को शारीरिक रूप से खोखला कर रहा है। गुटखा की बिक्री बंद होने से पान के बाजारों में रंगत दिखने लगेगी।
पान कृषक महेश बडे़दा, पाली।


आर्थिक तंगी सेे मिलेगा निजात
गुटखे का प्रचलन खत्म होने से पान की कीमतों में बढ़ोत्तरी होगी, जिससे पान किसानों को आर्थिक तंगी से निजात मिल जाएगी। कुदरत मेहरबान रही तो पलायन भी थम जाएगा।
पान किसान रामचरन, पाली


गुटखा हमारे युवाओं की सेहत बिगाड़ रहा है, जिससे मेहनत मजदूरी की क्षमता भी कम होती जा रही है। इन हालातों में युवा कृषक पान की खेती तो दूर मजदूरी भी नहीं कर पा रहा है।
बुजुर्ग पान किसान हरीराम पटवारी, पाली



गुटखा की पाबंदी से पान किसानों की डूबती नैया को सहारा मिल जाएगा, इसका सीधा असर पान किसानों के व्यवसाय पर पड़ेगा। प्रशासन को इस व्यवसाय में सहयोग को आगे आना चाहिए।
पान किसान बाबू भेलसा, पाली

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