जिला पंचायत में संवैधानिक संकट!

Lalitpur Updated Wed, 03 Oct 2012 12:00 PM IST
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ललितपुर। अजीब इत्तेफाक है। अनाज घोटाले में जेल गए जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी की अभी जमानत भी नहीं हो सकी थी कि जिला पंचायत अध्यक्ष भी कारागार पहुंच गए। इससे विभाग का कामकाज बाधित हो गया है। इसे पटरी पर लाने के लिए प्रभारी डीएम ने मुख्य विकास अधिकारी से प्रकरण की रिपोर्ट तलब की है। उसके बाद प्रकरण से शासन को अवगत कराया जाएगा।
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जिला पंचायत में इस समय संकट चल रहा है। जमानत पर चल रहे अनाज घोटाले के आरोपी अपर मुख्य अधिकारी के एम तिवारी को बीते दिनों न्यायालय के आदेश पर गोंडा जेल भेज दिया गया था। वे जमानत का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें सफलता नहीं मिल सकी। विभागीय कामकाज निपटाने के लिए मुख्य विकास अधिकारी कृष्णचंद्र स्वर्णकार को चार्ज सौंपा गया। अभी गाड़ी पटरी पर आई ही थी कि जिला पंचायत अध्यक्ष प्रमोद बड़ौनिया को चकबंदी अधिकारी से विवाद के एक मामले में न्यायालय ने पांच वर्ष के कारावास की सजा सुना दी। पुलिस अभिरक्षा में उन्हें जेल भेल दिया गया। इस प्रकरण के पश्चात प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया है। प्रभारी जिलाधिकारी महेश प्रसाद ने मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण चंद्र स्वर्णकार को संवैधानिक संकट सहित विभिन्न बिंदुओं पर कानूनी राय लेते हुए विस्तृत रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। सीडीओ ने इस संबंध में अधिवक्ताओं के साथ विचार विमर्श किया। प्रभारी जिलाधिकारी रिपोर्ट को आधार बनाकर शासनस्तर पर आला अधिकारियों को पूरे प्रकरण से अवगत कराएंगे और अग्रिम कार्रवाई के लिए दिशा निर्देश मांगेंगे।
उधर, बीते रोज पुलिस अभिरक्षा में न्यायालय से बाहर आते समय जिला पंचायत अध्यक्ष प्रमोद बड़ौनिया ने कहा कि वे न्यायालय के आदेश का सम्मान करते हैं। हालांकि, वे निर्णय के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करेंगे।
किसान ने की समिति प्रबंधक से बदसलूकी
ललितपुर। कलेक्ट्रेट रोड स्थित किसान सेवा सहकारी समिति के प्रबंध निदेशक के साथ एक कास्तकार ने बदसलूकी की। कोतवाली पुलिस ने प्रबंध निदेशक की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
किसान सेवा सहकारी समिति के प्रबंध निदेशक बृजराम सिंह ने एसडीएम सदर को पत्र लिखकर बताया कि सोमवार को दिन में तीन बजे निकटवर्ती ग्राम बुढ़वार फौजपुरा निवासी भगवान सिंह उस पर निर्धारित से अधिक डीएपी की बोरियों की मांग करने लगा। उसने जब असमर्थता प्रकट की तो कास्तकार अभद्रता करने लगा तथा जान से मारने की धमकी देते हुए चला गया। प्रबंध निदेशक के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम सदर ने कोतवाली प्रभारी को मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए, जिसके अनुपालन में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 353, 504, 506 के तहत मामला पंजीकृत कर लिया।
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