पब्लिक स्कूलों की बराबरी करेंगे परिषदीय बच्चे

Lalitpur Updated Mon, 24 Sep 2012 12:00 PM IST
ललितपुर। शैक्षिक गुणवत्ता के मामले में पब्लिक स्कूलों से कोसों पीछे रहने वाले परिषदीय विद्यालयों की स्थिति को सुधारने के लिए सतत एवं व्यापक मूल्यांकन कार्यक्रम लागू किया गया है। फिलहाल इसे प्रदेश के पांच जिलों में लागू किया गया है, जिसमें ललितपुर जिला भी शामिल है। इसके तहत छात्र - छात्राओं की प्रोफाइल प्रतिदिन अपडेट की जाएगी, ताकि बच्चों के शैक्षिक स्तर में पब्लिक स्कूलों की तरह सुधार किया जा सके।
परिषदीय विद्यालयों में बिना किसी जवाबदेही के शिक्षण कार्य होने से शिक्षा गड़बड़ा गई है। हालत यह हैं कि कई विद्यालयों में बच्चे ककहरा पढ़ना भी नहीं जानते हैं, बावजूद इसके हर साल कक्षोन्नति पा रहे हैं। ऐसे में न सिर्फ विभाग की किरकरी हो रही है, बल्कि निजी विद्यालयों के माफिक बच्चों को तैयार करने की मंशा पूरी नहीं हो पा रही है। हालांकि सर्व शिक्षा अभियान के तहत शिक्षा को गुणवत्तापरक बनाने के लिए हर साल शिक्षकों को तमाम तरीके के प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं, जिन पर लाखों रुपये खर्च भी होता है, फिर भी परिणाम सकारात्मक नहीं दिखाई देते। इसे देखते हुए शासन ने परिषदीय विद्यालयों में सतत एवं व्यापक मूल्यांकन प्रोग्राम लागू करने का निर्णय लिया है। गत वर्ष जिले के पांच स्कूलों को पायलट प्रोजेक्ट में चुना गया था। इसके सकारात्मक परिणाम से उत्साहित अफसरों ने प्रदेश के पांच जिलों में प्रोग्राम संचालन का फैसला किया है। इनमें रायबरेली, बनारस, बलरामपुर, गाजियाबाद व ललितपुर जिला शामिल हैं।
मूल्यांकन कार्यक्रम लागू होने से शिक्षकों की जवाबदेही तय होगी। इस दौरान छात्र - छात्राओं की प्रोफाइल तैयार की जाएगी। शिक्षक प्रतिदिन बच्चों की प्रगति के हिसाब से इसे अपडेट करेंगे। शिक्षाविदों का मानना है कि कार्यक्रम के लागू होने से विद्यालयों में शैक्षिक वातावरण तैयार हो सकेगा, साथ ही स्कूली बच्चों की स्थिति में सुधार होगा।


व्यवहारिक पक्ष का भी होगा आकलन
ललितपुर। मूल्यांकन कार्यक्रम में बच्चे की पढ़ाई- लिखाई के साथ व्यवहारिक पक्ष का भी आकलन किया जाएगा। अगर बच्चे में खेलकूद, लेखन जैसी रुचि है तो उसे कौशल विकास का पूरा मौका दिया जाएगा।

डेढ़ घंटा देना होगा अतिरिक्त
ललितपुर। सतत एवं व्यापक मूल्यांकन में अब शिक्षकाें को शिक्षण कार्य के अलावा बच्चों की तैयारी के लिए डेढ़ घंटा अतिरिक्त समय देना होगा। इस दौरान शिक्षक अगले दिन के शिक्षण की तैयारी करेंगे, साथ ही बच्चों की विषयवार कापियां जांचेंगे।

विषयवार तैयार होगी पाठ्य योजना
ललितपुर। विद्यालय में शिक्षण कार्य प्रभावी बनाने के लिए शिक्षकों को पाठ्य योजना तैयार करनी होगी। यही नहीं, प्रत्येक विषय की पृथक- पृथक पाठ्य योजना पर प्रतिदिन कार्य करना होगा।

एबीआरसी को दी जा रही ट्रेनिंग
ललितपुर। कार्यक्रम को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए एबीआरसी समन्वयकों को चार दिवसीय ट्रेनिंग लखनऊ में दी जा रही है। इसमें प्रत्येक ब्लाक से चार एबीआरसी प्रतिभाग कर रहे हैं। प्रशिक्षित होने के बाद एबीआरसी चिह्नित शिक्षकों को पर्यवेक्षण के लिए तैयार करेंगे।

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