अब जिला अस्पताल में होगा मुफ्त इलाज

Lalitpur Updated Tue, 28 Aug 2012 12:00 PM IST
ललितपुर। अब जिला अस्पताल में भर्ती होने वाले गरीब मरीजों को कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा। शासनादेश प्राप्त होते ही सीएमएस ने नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। सोमवार को करीब एक दर्जन मरीजों को नि:शुल्क भर्ती किया गया। इसके पूर्व भर्ती शुल्क के रूप में पैंतीस रुपये लिए जाते थे।
सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश सिंह यादव ने गत बुधवार को उत्तर प्रदेश एम्बुलेंस सेवा के शुभारंभ के दौरान सभी सरकारी चिकित्सालयों में मरीजों की भर्ती शुल्क माफ किए जाने की घोषणा की थी। इस संबंध में 22 अगस्त को जारी शासनादेश प्राप्त होते ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. आर के सक्सेना ने संयुक्त जिला चिकित्सालय में नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी। नये शासनादेश में कहा गया है कि अभी तक बाह्य रोगियों से 25 रुपये भर्ती शुल्क लिए जाने का प्रावधान था, साथ ही उसमें दस फीसदी वृद्धि होने की वजह से हर मरीज से पैंतीस रुपया लिया जाता था। इमरजेंसी विभाग के कर्मचारियों ने बताया है कि चिकित्सालय में अनेक गरीब मरीज ऐसे भी आते थे, जो भर्ती शुल्क अदा करने में सक्षम नहीं होते थे। भर्ती फीस माफ हो जाने से उनको काफी राहत मिलेगी, वहीं सोमवार को परिजनों का उपचार कराने आए हरदयाल, जुगला, रतीबाई, कौशिल्या आदि तीमारदारों ने भर्ती शुल्क माफ किए जाने पर संतोष जताया।

अन्य स्रोतों से होगी भरपाई
शासनादेश में कहा गया है कि भर्ती शुल्क माफ हो जाने से इस मद में होने वाली क्षति को अन्य स्रोतों से पूरा किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि अभी तक पंजीकरण व भर्ती शुल्क से प्राप्त होने वाली धनराशि से चिकित्सालयों के रखरखाव संबंधी कार्य कराए जाते थे।

गरीब मरीजों को घर छोड़ने जाएगी एंबुलेंस
ललितपुर। गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले मरीजों को सरकारी एंबुलेंस चिकित्सालय से घर तक छोड़ने जाएगी। गरीब परिवारों से कोई किराया नहीं लिया जाएगा, जबकि अन्य मरीजों के लिए पांच रुपया प्रति किलोमीटर की दर से वाहन मुहैया कराया जाएगा। प्रदेश में लागू की गई एंबुलेंस सेवा का जनपद में क्रियान्वयन कर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश एंबुलेंस सेवा के तहत जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में गत बृहस्पतिवार को दो नये एंबुलेंस भेजे गए थे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने योजना से संबंधित गाइड लाइन आते ही योजना का क्रियान्वयन कर दिया गया है। सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पहुंचे शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि उक्त वाहन जिला चिकित्सालय में उपचार को आने वाले बीपीएल परिवार के मरीजों को मुफ्त में उनके घर तक भेजने जाएंगे। अन्य वर्ग के मरीजों को ग्रामीण इलाकों में वाहन ले जाने के लिए पांच रुपया प्रति किलोमीटर की दर से किराया अदा करना होगा। शहरी क्षेत्र में अन्य मरीजों को इस योजना का लाभ लेने के लिए पचास रुपया शुल्क अदा करना होगा।
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मरीजों के हित में संचालित की गई नई योजनाएं
- सरकारी अस्पतालों से संबंधित समस्याओं के निराकरण को टोल फ्री नंबर।
- जननी सुरक्षा योजना में गड़बड़ी रोकने के लिए टोल फ्री नंबर की व्यवस्था।
- गर्भवती महिलाओं व बच्चों को अस्पताल आने जाने को वाहन की व्यवस्था।
- अस्पताल में दी जाने वाली सुविधाओं पर निगरानी के लिए हेल्प लाइन।
- बाल स्वास्थ्य गारंटी योजना के तहत प्रत्येक बालक को स्वास्थ्य सुविधाएं।
- सरकारी अस्पतालों में बीपीएल परिवारों के मरीजों की भर्ती फीस माफ।
- उत्तर प्रदेश एंबुलेंस सेवा के तहत गरीब मरीजों को घर तक भेजने की व्यवस्था।

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