शिक्षकों की समायोजन प्रक्रिया पर उठे सवाल

Lalitpur Updated Wed, 01 Aug 2012 12:00 PM IST
ललितपुर। शिक्षकों के समायोजन व स्थानांतरण की सूची चस्पा होते ही प्रक्रिया पर सवाल खडे़ हो गए हैं। ग्राम भैलोनी लोध में विज्ञान अध्यापक होने के बाद भी दूसरे को पदस्थापित कर दिया गया है, वहीं तमाम विद्यालयों में अध्यापकों की खासी संख्या होने के बाद भी उन्हें समायोजन के दायरे में नहीं लिया गया।
प्रत्येक विद्यालय में शिक्षक भेजने के लिए समायोजन / स्थानांतरण की प्रक्रिया अपनाई गई है। इसके बाद भी सभी बंद विद्यालय में शिक्षक नहीं पहुंच सके हैं। इसी तरह की स्थिति जूनियर हाईस्कूलों में विज्ञान अध्यापकों की तैनाती की रही। पदस्थापना के बाद भी तमाम विद्यालय विज्ञान विहीन रह गए हैं। वहीं, जूनियर हाईस्कूल भैलोनीलोध में विज्ञान अध्यापक होने के बाद भी राजेश्वरी को भेज दिया गया है। प्राथमिक विद्यालय पुलवारा से एक भी शिक्षक को नहीं हटाया, जबकि तीन शिक्षक तैनात हैं। जूनियर हाईस्कूल महेशपुरा शिक्षिकाओं की पहली पसंद रही। शुरूआत में अफसर इस स्कूल में किसी अन्य शिक्षिका के पहुंचाने से इंकार करते रहे लेकिन, फाइनल सूची में पिपरा की शिक्षिका इस विद्यालय में जाने में कामयाब रहीं। नगर क्षेत्र स्थित प्राथमिक रामराजा मंदिर में 59 के छात्रांकन पर दो शिक्षिकाएं तैनात हैं, जबकि नब्बे का छात्रांकन होने पर प्रधानाध्यापक का पद शून्य माना जाता है। इसके बाद भी इस विद्यालय की शिक्षिकाओं को समायोजन स्थानांतरण के दायरे में नहीं लिया गया। वहीं, रजनी सैनी घर के नजदीक विद्यालय पाने में कामयाब रहीं। कई शिक्षक व शिक्षिकाएं समायोजन में उसी ग्राम पंचायत के विद्यालय में तैनाती पाने में सफल रहे। शिक्षकों का कहना है कि सूची में व्याप्त विसंगतियों को तत्काल दूर किया जाए, जिससे कोई सूची पर सवाल न खड़ा कर सके।


शिक्षक नेताओं को मिली तबज्जो
ललितपुर। समायोजन/ स्थानांतरण प्रक्रिया में शिक्षक नेताओं का पूरा ख्याल रखा गया। प्राथमिक शिक्षक संघ के नेता कमल कुशवाहा को सरायंपुरा से प्राथमिक विद्यालय सिविल लाइन में स्थानांतरित किया गया है। इसी प्रकार राष्ट्रीय शैक्षिक संघ के पर्वत लाल साहू को सतगता से सिलगन में तैनाती दी गई है। पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के राजेश कुमार साध कम छात्रांकन वाले बालाढाना में जगह पाने में कामयाब रहे हैं। इसी प्रकार प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राजेश लिटौरिया को भी राहत दी गई है।


इन्हें मिली मायूसी
ललितपुर। शिक्षक नेता के रूप पहचाने वाले रामेश्वर प्रसाद को तगड़ा झटका लगा है। उन्हें थनवारा से मड़वारी भेजा गया है। उनका कहना है कि वह हृदय रोग से पीड़ित हैं, उन्होंने समीपवर्ती विद्यालय मांगा था लेकिन उन्हें दूर के स्कूल में भेज दिया गया। इसी तरह का हाल यूनुस का रहा। खासबात यह है कि पहली सूची में उनका नाम शामिल नहीं था, लेकिन फाइनल सूची में उन्हें खोखरा भेज दिया गया।



तू डाल डाल- मैं पात पात
ललितपुर। बेसिक शिक्षा विभाग में तू डाल डाल- मैं पात पात की कहावत चरितार्थ हो रही है। विभागीय बाबू सीट पर बैठने से पहले से ही परहेज कर रहे थे, अब विभागीय अफसर भी उनके कदम से कदम मिलाते दिख रहे हैं। मंगलवार को शिक्षक अपनी समस्याओं को लेकर कार्यालय में भटकते रहे। न तो संबंधित बाबू मिले और न सक्षम अफसर। यही नहीं, मोबाइल पर भी संपर्क नहीं हो सका। कुछ शिक्षक नेताओं ने भी समस्याएं सुनने की जगह मोबाइल स्विच आफ कर लिए थे।

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