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कई गांवों में सिंचाई को मिल पा रही मात्र दस घंटे बिजली

Jhansi Bureau Updated Sun, 11 Nov 2018 02:12 AM IST
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मात्र दस घंटे बिजली सप्लाई, मुश्किल हुई सिंचाईं
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ग्रामीण फीडरों पर चल रहा भारी ओवरलोड, नाराहट क्षेत्र में लो-वोल्टेज
लो-वोल्टेज होने से किसान जेनरेटरों से मोटर चलाने को हो रहे मजबूर
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। रबी की फसल की सिंचाई के लिए शासन द्वारा भले ही किसानों को अस्थाई नलकूप व स्थायी नलकूप कनेक्शनों की सुविधा दी जा रही है, लेकिन विद्युत सब स्टेशनों पर स्थापित फीडरों पर लगातार कई दिनों से ओवरलोड होने की वजह से फीडरों की मशीनें एक साथ नहीं चल पा रही है या फिर कई फीडरों के सेक्शन काटकर विद्युत आपूर्ति की जा रही है, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है। ऐसे में कई क्षेत्रों में किसानों को जेनरेटर रखकर नलकूप की मोटरें चलाकर सिंचाई करने को मजबूर होना पड़ रहा है। अधिकांश फीडरों पर मात्र 10 से 11 घंटे ही बिजली पा रही है, जबकि कई फीडर तीन से चार घंटे तक अल्टरनेट चलाकर बिजली आपूर्ति की जा रही है।
वर्तमान में रबी की फसल की सिंचाई चल रही है। इसके लिए किसानों ने ग्रामीण क्षेत्रों में अपने-अपने खेतों में नलकूप विद्युत कनेक्शन ले रखा है। हर गांव में दर्जनों किसान नलकूप विद्युत कनेक्शन के माध्यम से ही सिंचाई कर रहे हैं। वहीं, बिजली विभाग द्वारा इस बार शासन के निर्देश पर किसानों को सिंचाई के लिए थ्री फेस कनेक्शन भी दिए जा रहे हैं और अब तक पूरे जिले में सैकड़ों की संख्या में किसान अस्थाई नलकूप कनेक्शन लेकर खेतों की सिंचाई कर रहे हैं। इसके लिए बिजली विभाग द्वारा विद्युत सब स्टेशनों पर स्थापित फीडरों से बिजली आपूर्ति की जा रही है और शासन द्वारा किसानों के लिए सिंचाई के लिए अधिक से अधिक बिजली आपूर्ति के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन अधिकांश फीडरों की स्थिति काफी दयनीय है। कई फीडरों के दर्जनों गांव में तो मात्र आठ से दस घंटे ही सिंचाई के लिए बिजली मिल पा रही है। जबकि कई गांवों में कई घंटे या फिर कई बार पूरी रात-रात भर तक बिजली आपूर्ति बाधित बनी रहती है, जिससे किसानों के लिए विद्युत नलकूप से सिंचाई करना काफी मुश्किल हो रहा है। देवगढ़ फीडर पर ओवरलोड का आलम यह है कि पीक ऑवर में विद्युत सब स्टेशन की बीसीवी मशीन का लोड सामान्य लोड 160 से 180 एंपियर के स्थान पर 210 से 215 तक पहुंच जा रहा है। वहीं, राजघाट फीडर भी सामान्य लोड 60-65 एंपियर से बढ़कर 80 एंपियर तक पहुंच जा रहा है। ऐसे में यह दोनों फीडरों को तीन घंटे की अल्टरनेट बिजली आपूर्ति की जा रही है। जिस समय देवगढ़ फीडर चलता है उस समय राजघाट फीडर की बिजली बंद करनी पड़ती है और जब राजघाट फीडर से बिजली आपूर्ति होती है, उस समय देवगढ़ फीडर बंद रहता है। वहीं, यदि फाल्ट आदि आ जाए तो और भी अधिक कटौती हो जाती है। वर्तमान में देवगढ़ फीडर को 12 से 15 घंटे बिजली आपूर्ति हो रही है। जबकि राजघाट फीडर को 17 से 18 घंटे बिजली आपूर्ति होना बताया गया है। गत शुक्रवार को देवगढ़ फीडर केे लिए साढ़े चौदह घंटे और राजघाट फीडर के लिए सब स्टेशन से पौने बीस घंटे बिजली आपूर्ति की गई, जबकि इससे पूर्व बृहस्पतिवार को देवगढ़ को 13 घंटे और राजघाट फीडर के लिए मात्र 18 घंटे ही बिजली मिल सकी थी। यह स्थिति लगभग रोज की है। इसी प्रकार बाईपास विद्युत सब स्टेशन में स्थापित विभिन्न फीडरों के अंतर्गत कई ग्रामीण क्षेत्रों में सेक्शन काटकर ही बिजली आपूर्ति की जा रही है। ऐसे में कई गांवों को तो मात्र आठ से दस घंटे या फिर 10 से 12 घंटे बिजली आपूर्ति हो पा रही है। हालांकि सब स्टेशन से अधिकांश फीडरों को 15 से 18 घंटे बिजली दी जा रही है। विद्युत सब स्टेशन से निवाई फीडर के लिए साढ़े पंद्रह घंटे, रघुनाथ फीडर के लिए साढ़े अठारह घंटे कल्यानपुरा के लिए 19 घंटे और मसौरा फीडर के लिए अठारह घंटे बिजली मिली, लेकिन अधिकांश फीडरों के सेक्शन काटकर आपूर्ति होने से इनके अंतर्गत् ग्रामीण क्षेत्रों में मात्र 10 से 12 घंटे या फिर कई गांवों में तो इससे भी कम बिजली मिल पा रही है। इसके साथ ही ओवरलोड में सेक्शन काटने के अलावा फाल्ट आदि होने के कारण और भी अधिक बिजली कटौती हो रही है।

नाराहट क्षेत्र में लो-वोल्टेज से जूझ रहे किसान
विरधा विद्युत सब स्टेशन के अंतर्गत नाराहट फीडर से जुड़े दर्जनों गांव में किसान विद्युत नलकूप कनेक्शनों के माध्यम से खेतों में फसलों की सिंचाई कर रहे हैं। लेकिन घंटों की अघोषित बिजली कटौती और लो-वोल्टेज होने से किसानों को सिंचाई लिए पलेवा करने में काफी दिक्कतें आ रही हैं। नाराहट फीडर के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में करीब साढ़े तीन सौ विद्युत नलकूप कनेक्शन हैं, जिसमें नाराहट में करीब 90, अर्जुन खिरिया में करीब 23 अस्थाई नलकूप कनेक्शन हैं। वहीं डोंगराखुर्द में भी अनुमानित दस से बारह नलकूप कनेक्शन हैं। इस प्रकार पूरे क्षेत्र में करीब 400 के आसपास नलकूप विद्युत कनेक्शन हैं। इस समय सिंचाई होने के चलते फीडरों पर ओवरलोड व लोकल फाल्ट होने से घंटों की अघोषित बिजली कटौती हो रही है। वहीं गत शुक्रवार की रात में नाराहट फीडर की बिजली लगभग पूरी रात भर बाधित रही। ऐसे में क्षेत्रवासियों को मात्र आठ से दस घंटे ही बिजली मिल पा रही है। जबकि लो वोल्टेज होने से बहुत से गांवों के किसानों को जनरेटर से नलकूप मोटरें चलाकर सिंचाई करनी पड़ रही है।

-इनका कहना है-
बालाबेहट, नाराहट, सैदपुर फीडरों पर ओवरलोड अधिक हो रहा है। इसके चलते इनके लिए अलग फीडर बनाए जा रहे हैं। सभी किसानों को सिंचाई लिए पर्याप्त बिजली मिले, इसके लिए अवर अभियंताओं को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं और हर फीडर की मानीटरिंग की जा रही है, ताकि किसानों को सिंचाई के लिए समय से बिजली मिल सके।
-आकाश सचान, अधिशासी अभियंता, विद्युत खंड द्वितीय।

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