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विद्यालयों का नहीं ब्योरा, कैसे हो मूलविद्यालय में शिक्षामित्रों का समायोजन

Jhansi Bureau Updated Fri, 10 Aug 2018 01:37 AM IST
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विद्यालयों का नहीं ब्योरा, कैसे हो समायोजन
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633 शिक्षामित्र जाना चाहते हैं अपने मूल विद्यालय
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। शिक्षामित्रों को मूल विद्यालय भेजे जाने की कार्रवाई जो बीते 05 अगस्त तक पूरी की जानी थी, वह अभी तक पूरी होती नहीं दिख रही है। अभी तक जिला बेसिक शिक्षा विभाग जनपद के परिषदीय विद्यालयों का आंकड़ा ही नहीं निकाल पाया है कि विद्यालयों में कितना छात्रांकन है और उनके सापेक्ष शिक्षकों के कितने पद रिक्त है या फिर अतिरिक्त हैं। अभी इस प्रक्रिया को पूर्ण होने में कुछ और समय लग सकता है। वहीं, शिक्षामित्रों की इस कार्रवाई की वजह से अभी शिक्षकों का समायोजन व पारस्परिक स्थानांतरण की कार्रवाई अटकी हुई है।
शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक पद पर समायोजन होने के बाद उन्हें जनपद के अन्य विद्यालयों में तैनाती मिल गई थी, लेकिन समायोजन रद होने के बाद शिक्षामित्रों को उनके मूल विद्यालय नहीं भेजा गया था। शिक्षामित्रों द्वारा की जा रही निरंतर मांग के चलते में शासन ने शिक्षामित्रों को मूल विद्यालय भेजे जाने का विकल्प दिया है। यह कार्रवाई पूर्ण करने के लिए शासन ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को 05 अगस्त तक का समय दिया गया था। लेकिन पांच दिन अतिरिक्त बीतने के बाद भी कार्रवाई पूर्ण नहीं हो सकी है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बृहस्पतिवार तक केवल आवेदनों की अलग-अलग कंप्यूटर पर फीडिंग का कार्य पूर्ण हो चुका है। अभी तक ब्लॉक स्तरों से संबंधित विद्यालयों का ब्योरा उपलब्ध नहीं कराया गया है। छात्रांकन के सापेक्ष रिक्त व अतिरिक्त पदों से यह निर्णय हो सकेगा कि शिक्षामित्र को मूल विद्यालय भेजा जाना है या नहीं। यदि शिक्षकों की संख्या पहले से मानकों के अनुसार है तो फिर उनकी तैनाती का फैसला समिति लेगी, जो जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित होगी।

380 शिक्षामित्रों ने नहीं किया शासन के निर्देशों का पालन
शासन ने सभी 1,231 समायोजित शिक्षामित्रों को आवेदन फार्म भरने के निर्देश दिए थे। फार्म में यह भरकर देना था कि वह वर्तमान विद्यालय में ही तैनात रहना चाहते हैं या फिर अपने मूल विद्यालय जाना चाहते हैं। इसके अलावा महिलाओं को अपने पति व सुसराल वाले स्कूल का विकल्प भरना का विशेष मौका दिया गया था। इनमें से केवल 851 शिक्षामित्रों ने ही आवेदन किए हैं। इनमें से 218 शिक्षामित्र ऐसे हैं जो अपने वर्तमान विद्यालय में ही तैनात रहना चाहते हैं, लेकिन 633 शिक्षामित्रों ने अपने मूल विद्यालय जाने का विकल्प लिया है, इसमें से कुछ महिलाएं अपने ससुराल वाने घर भी जाना चाहती हैं। यदि मूलविद्यालय जाने वाले शिक्षामित्रों के आंकड़ों पर नजर डालें तो बार ब्लॉक के 36 पुरुष व 91 महिला शिक्षामित्रों, महरौनी ब्लॉक के 56 पुरुष व 27 महिला शिक्षामित्रों, मड़ावार ब्लॉक के 82 पुरुष व 24 महिला शिक्षामित्रों, बिरधा ब्लॉक के 79 पुरुष व 29 महिला शिक्षामित्रों, तालबेहट ब्लॉक के 57 पुरुष व 40 महिला शिक्षामित्रों, जखौरा ब्लॉक के 65 पुरुष व 44 महिला शिक्षामित्रों और नगर क्षेत्र 01 पुरुष व 02 महिला शिक्षामित्रों ने मूलविद्यालय व अपनी ससुराल के विद्यालय जाने के विकल्प भरे हैं।

अटक गया शिक्षकों का समायोजन
शासन से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को जनपद के अंदर शिक्षकों का समायोजन पर पारस्परिक स्थानांतरण करने के निर्देश दे दिए हैं। लेकिन शिक्षामित्रों के समायोजन में हो रही लेटलतीफी के कारण शिक्षकों का समायोजन व पारस्परिक स्थानांतरण की कार्रवाई भी अटक कर रह गई है। पारस्परिक स्थानांतरण के लिए अभी तक जनपद से कितने शिक्षकों ने आवेदन किए हैं, अभी तक इसका कोई आंकड़ा बीएसए कार्यालय में नहीं है। इसके अलावा समायोजन का रोस्टर भी तैयार नहीं हो सका है।

इनका कहना है
शिक्षामित्रों के समायोजन की कार्रवाई की पूर्ण कराने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। कार्रवाई में थोड़ा अधिक समय लग रहा है, लेकिन जल्द ही कार्रवाई को पूर्ण कर लिया जाएगा।
- मायाराम
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, ललितपुर।

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