विज्ञापन
विज्ञापन

अनुसंधान एवं अन्वेषण विशेषज्ञों की टीम पहुंची नवागढ़

Jhansi Bureauझांसी ब्यूरो Updated Tue, 11 Dec 2018 02:27 AM IST
ख़बर सुनें
नवागढ़ की अमूल्य विरासत को मिलेगा जीवनदान
विज्ञापन
अनुसंधान एवं शोध विशेषज्ञों की टीम पहुंची नवागढ़
पुरा संपदा का संरक्षण और परीक्षण करेगी टीम
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। महरौनी विकासखंड में स्थित प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ (नाबई) में राष्ट्रीय सांस्कृतिक संपदा संरक्षण अनुसंधान शाला, भारत सरकार, संस्कृति मंत्रालय, लखनऊ के महानिदेशक डा. बीवी खरवड़े के निर्देशन में प्रोग्राम ऑफिसर पीके पांडे और सहायक श्याम लाल के माध्यम से 12 अनुसंधान एवं अन्वेषण विशेषज्ञों के माध्यम से नवागढ़ में प्राप्त पुरा संपदा का संरक्षण एवं परीक्षण के साथ उनकी विशेषताओं को बताया जाएगा। नवागढ़ क्षेत्र में यह दूसरी बार कार्यशाला है, जिसमें यह कार्य संपादित किया जाएगा।
कमेटी के मीडिया प्रभारी डॉ. सुनील संचय ने बताया कि यह दल नवागढ़ क्षेत्र के आसपास बिखरी पुरा संपदा का भी निरीक्षण करेगा। 19 दिसंबर तक यह टीम नवागढ़ में अनुसंधान और अन्वेषण का कार्य करेगी। अनुसंधान और अन्वेषण विशेषज्ञों की टीम नवागढ़ पहुंची है, इनमें रसायन और पर्यावरण विशेषज्ञ मीना सिंह, आर्टिस्ट एमएफए पारोमिता, लहरी एमएफए आर्ट संगीता, एम टेक एम सपना मिश्रा, सागर रसायन विशेषज्ञ नेहा, आधुनिक विज्ञान विशेषज्ञ गरिमा द्विवेदी, मेराइन साइंस विशेषज्ञ श्वेता भट्टाचार्य, म्यूजियम विशेषज्ञ शमा बानो, म्यूजियम विशेषज्ञ इशरत अली, एमएफए अजीत मजूमदार, रसायन विशेषज्ञ दीपांजन मोदक, एंथ्रोपोलॉजी विशेषज्ञ पैनाव सना चानू शामिल हैं।
प्रागैतिहासिक तीर्थक्षेत्र नवागढ़ के निदेशक जय कुमार निशांत ने बताया कि इस कार्यशाला में विशेष केमिकल के द्वारा भूमि में दबे हुए पुरावशेषों एवं कलाकृतियों को साफ करके उन में लगी हुई फंगस एवं गलने वाले हिस्सों को अलग करके उन्हें भरा जाता है। विगत वर्ष हुई कार्यशाला में लगभग 50 मूर्तियों का संरक्षण किया गया था। कार्यक्रम के प्रोग्राम ऑफिसर पीके पांडे ने अपने वक्तव्य में बताया नवागढ़ क्षेत्र एक विशेष साइट है, जहां केवल जैन मूर्तियां ही नहीं अन्य धर्मों की मूर्तियां भी उपलब्ध हो रही हैं, जिससे सिद्ध होता है कि यहां अन्य धर्म के मंदिर भी जैन मंदिरों के साथ निर्मित किए गए होंगे।
इतिहासविद डाक्टर केपी त्रिपाठी ने अपने बुंदेलखंड के इतिहास में लिखा है कि दिल्ली के शासक पृथ्वीराज चौहान का चंदेल शासक परमर्दी देव से बेर चल रहा था, परमर्धिदेव के साले माहिल ने महोबा से आल्हा एवं ऊदल को राज्य से निष्कासित करा कर पृथ्वीराज चौहान को युद्ध के लिए आमंत्रित किया। इस युद्ध में महोबा के साथ में लासपुर, देलवाड़ा, दुदही, चांदपुर नवागढ़, मदनपुर आदि नगरों को भी ध्वस्त किया गया। यह शिलालेख ललितपुर के मदनपुर में प्राप्त हुआ है, जिसके अनुसार पृथ्वीराज चौहान ने संवत 1239 सन 1182 ईसवी में यह युद्ध किया था। इस प्रकार नवागढ़ क्षेत्र में होने वाले सतत अन्वेषण से यहां की ऐतिहासिकता, प्राचीनता सांस्कृतिक विरासत का अनुमान लगाना बड़ा कठिन है। डा. गिरी राज कुमार आगरा ने लगातार अपने अन्वेषण में यहां प्री मेचुलिण, मिडिल मेचुलियन एवं पोस्ट मेंचुलियन सभी प्रकार के पाषाण के औजार अन्वेषित किए हैं, जिनके अनुसार नवागढ़ में स्थित बगाज टोरिया, मुंडी टोरिया, सपोंन टोरिया, मैनवार टोरिया, जैन पहाड़ी से प्राचीन है। यह जैन इतिहास के साथ ही पूरे सांस्कृतिक इतिहास के लिए गर्व का विषय है कि नवागढ़ क्षेत्र में 6 से आठ हजार वर्ष प्राचीन शैल चित्र कपमार्क एवं लाखों वर्ष प्राचीन शैलाश्रय अन्वेषित किए गए हैं। इसमें तीसरी चौथी सदी से जैन संतों का आवागमन शुरू हो चुका था। काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी में पुरातत्व और इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष रहे प्रख्यात पुरातत्व विद मारुति नंदन प्रसाद तिवारी बनारस के अनुसार यह जैन साधना और विद्या ध्यान का बहुत बड़ा गुरुकुल रहा है, जहां संतों के माध्यम से साधकों को दैनिक जीवन को धर्म आचरण के साथ यापन करने का शिक्षण प्रशिक्षण दिया जाता था। यह मान्यता है कि नवागढ़ क्षेत्र में सन 1965 और 1966 में चिदानंद महाराज ने दो चतुर्मास करके संयम साधना की है। मुनिश्री आदिसागर महाराज ने भी यहां लंबे प्रवास में साधना की है। आज नवागढ़ तीर्थक्षेत्र कमेटी की तत्परता से यह शोध इतिहास में विशेष आयाम स्थापित करेगा। ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत का प्रयास है कि यहां एक बुंदेली विरासत के नाम से बुंदेलखंड की प्राचीन संस्कृति को संरक्षित किया जाए। डॉ. आरके रावत झांसी एवं ललितपुर के जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह का विशेष सहयोग प्राप्त हो रहा है। झांसी संग्रहालय के अधिकारी एसके दुबे इस कार्य में पूर्ण सहयोग कर रहे हैं। इस दौरान तीर्थक्षेत्र के अध्यक्ष सनत कुमार, महामंत्री योगेंद्र बबलू, कोषाध्यक्ष राजकुमार चूना, मंत्री वीरेंद्र सापोन, सुरेंद्र ने आए हुए अनुवेषकों का भव्य स्वागत करते हुए उनके आगमन के लिए आभार व्यक्त किया।
विज्ञापन

Recommended

पीरियड्स है करोड़ों लड़कियों के स्कूल छोड़ने का कारण
Niine

पीरियड्स है करोड़ों लड़कियों के स्कूल छोड़ने का कारण

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में कराएं दिवाली लक्ष्मी पूजा और घर बैठें पाएं प्रसाद : 27-अक्टूबर-2019
Astrology Services

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में कराएं दिवाली लक्ष्मी पूजा और घर बैठें पाएं प्रसाद : 27-अक्टूबर-2019

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Lalitpur

पुत्री होने और दहेज में सकॉर्पियो न देने पर भेजा तीन तलाक का नोटिस

पुत्री होने और दहेज में सकॉर्पियो न देने पर भेजा तीन तलाक का नोटिस

23 अक्टूबर 2019

विज्ञापन

सुभाष चोपड़ा बने दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष

दिल्ली के पार्टी नेताओं के साथ चर्चा करने के बाद पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दिल्ली कांग्रेस का अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा को बना दिया है। आखिर कौन हैं सुभाष चोपड़ा।

23 अक्टूबर 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree