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चार सौ व्यापारियों को नोटिस, दो सौ के टिन निरस्त

Updated Sun, 04 Jun 2017 08:19 PM IST
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चार सौ व्यापारियों को नोटिस, दो सौ के टिन निरस्त
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अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। दो साल से निष्क्रिय दो सौ व्यापारियों के टिन निरस्त कर दिए गए हैं। इसके अलावा वाणिज्यकर विभाग ने चार सौ व्यापारियों का पैन नंबर अपडेट न होने पर टिन निरस्त करने के लिए ऑनलाइन नोटिस दिए गए हैं। इसके साथ ही जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) में पंजीकरण के लिए व्यापारियों के लिए अब मात्र 11 दिन का समय शेष है। इसके बाद पोर्टल बंद होने पर माइग्रेशन का मौका नहीं मिल सकेगा।
वाणिज्यकर विभाग में जिले के साढ़े तीन हजार व्यापारी पंजीकृत हैं। उनको व्यापार कर के लिए वाणिज्यकर विभाग से रसीद कटानी होती है या फिर अन्य प्रकार की व्यापारिक गतिविधियों की कार्यालय में लिखित जानकारी देनी होती हैं। लेकिन, करीब दो सौ व्यापारियों ने वाणिज्यकर विभाग द्वारा पूर्व में नोटिस देने के बाद भी विभाग से संपर्क नहीं किया। इस पर विभाग ने इन दौ सौ व्यापारियों के टिन नंबर निरस्त कर दिए हैं। जबकि, पैन नंबर अपडेट नहीं होने पर चार सौ व्यापारियों को टिन निरस्त करने का नोटिस दिया गया है। वहीं, केंद्र सरकार जीएसटी प्रणाली एक जुलाई से लागू करने जा रही है। पिछले कई महीनों से जीएसटीएन में माइग्रेशन के लिए वाणिज्यकर विभाग द्वारा जगह-जगह शिविर लगाकर व्यापारियों को पंजीकरण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। बावजूद कई व्यापारियों द्वारा पंजीकरण नहीं कराया है। हालांकि, जीएसटी में पंजीकरण के लिए मई माह में पोर्टल बंद चल रहा था। लेकिन अब एक जून से पोर्टल खुल गया है, जो 15 जून तक ही खुलेगा और व्यापारी इसमें ऑनलाइन पंजीकरण करा सकेंगे। हालांकि, वाणिज्यकर विभाग में पंजीकृत सत्तर फीसदी से अधिक व्यापारियों ने जीएसटीएन में पंजीकरण करा लिया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार पंजीकरण कराने के लिए व्यापारियों के पास आधार कार्ड, पैनकार्ड, मलकियत या किरायानामा, वैट जी वन, बैंक अकाउंट, फोटो, मोबाइल नंबर और ई-मेल होना अनिवार्य है।


ये है जीएसटी
जीएसटी यानि गुड्स एंड सर्विस टैक्स लागू होने से सामान और सेवा पर समूचे देश में सिर्फ एक टैक्स लगेगा। यानी वैट, एक्साइज और सर्विस टैक्स की जगह एक ही टैक्स लगेगा। इससे लोगों व व्यापारियों को कई फायदे होंगे। जहां एक ओर वस्तुओं के दाम कम हो सकते हैं तो व्यापारी भी अपने लेनदेन का रिकार्ड देख सकेंगे।

कार्रवाई से बचने के लिए करा लें पंजीकरण
व्यापारी 15 जून तक ही जीएसटी आईडी एक्टीवेट कर माइग्रेशन करा सकते हैं। पैन नंबर अपडेट कर जीएसटी माइग्रेशन के लिए आईडी पाने के लिए पंजीकरण कर लें। नोटिस देने के बाद भी निष्क्रिय व्यापारियों के विभाग से संपर्क नहीं करने पर दो सौ व्यापारियों के टिन निरस्त कर दिए गए हैं, जबकि ऐसे चार सौ अन्य व्यापारियों को नोटिस भी भेजे गए हैं।
- प्रवीण श्रोतीय, असिस्टेंट कमिश्नर वाणिज्यकर विभाग

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