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प्रतीक्षालय की भूमि पर कराया जा रहा अवैध निर्माण

Jhansi Bureau Updated Thu, 09 Aug 2018 01:52 AM IST
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प्रतीक्षालय की भूूमि पर कराया जा रहा अवैध निर्माण
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कस्बे के एक व्यक्ति ने संपूर्ण समाधान दिवस पर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
जाखलौन (ललितपुर)। कस्बा स्थित पाली तिराहे पर अतिक्रमण और अवैध कब्जे की घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। ग्राम पंचायत की जिस भूमि पर प्रतीक्षालय प्रस्तावित है, अब उस पर अवैध निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इस संबंध में कस्बे के अर्जुनलाल ने संपूर्ण समाधान दिवस और उप जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर निर्माण कार्य रुकवाने की मांग की है।
कस्बे में बेशकीमती भूमि पर अतिक्रमण कर्ताओं की नजरें लगी हुई है। पाली तिराहा कस्बे का सबसे व्यस्ततम और महत्वपूर्ण स्थान होने के कारण इसके आसपास ग्राम पंचायत, जिला पंचायत सहकारी समिति और पीडब्ल्यूडी की भूमि पर व्यापक स्तर पर अवैध अतिक्रमण कर कब्जे कर लिए गए हैं। कई बार शिकायतें और जांच होने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटता, इसके चलते अतिक्रमण करने वालों के हौसले बुलंद हैं। कस्बे के पाली तिराहे पर आराजी क्रमांक 1085/2 में अवैध निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इस स्थान पर जिला पंचायत और ग्राम पंचायत का प्रतीक्षालय प्रस्तावित था। इस का निर्माण कार्य प्रारंभ होने से पूर्व ही इस पर कब्जा कर वैध निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। कस्बे के अर्जुनलाल ने प्रार्थना पत्र देकर मांग की है कि इस भूमि पर उसका पुश्तैनी कब्जा है। गांव के एक व्यक्ति द्वारा जबरन अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य किया जा रहा है, उसने बताया कि 6 अगस्त 2018 को ग्राम पंचायत सदस्य रामदास तथा अर्जुनलाल ने एसडीएम को और संपूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र देकर अवैध निर्माण रोके जाने की मांग की थी। परंतु थाने में सूचना और प्रार्थना पत्र आने के बाद भी पुलिस ने काम बंद नही किया। जानकारी मिलने पर अवैध निर्माण कर्ता ने काम की गति और तेज कर दी है। ग्राम पंचायत द्वारा प्रस्तावित प्रतीक्षालय का निर्माण भी इसी भूमि पर किया जाना था, ग्राम वासियों ने अवैध निर्माण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि कस्बे की सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण व्यापक स्तर पर किया जा रहा है रेलवे स्टेशन, स्टेशन रोड, पाली तिराहा अतिक्रमण की चपेट में है। सिंचाई विभाग के माइनर के ऊपर भी अवैध अतिक्रमण और निर्माण कार्य जारी है। एक बार कब्जा हो जाने पर किसी व्यक्ति को हटाना इतना आसान नहीं होता। इसी बिंदु को दृष्टिगत रखते हुए अवैध कब्जे करने वालों की बाढ़ आ गई है। ग्रामीणों ने डीएम से तत्काल हस्तक्षेप कर सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और अवैध निर्माण पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की है।

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