बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
TRY NOW

ड्यूटी कटवाने के लिए शिक्षिकाएं दे रहीं बच्चों की दुहाई

Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 09 Apr 2021 12:25 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
लखीमपुर खीरी। पंचायत चुनाव के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगने के बाद बृहस्पतिवार से प्रशिक्षण देने की शुरुआत हो गई। इससे ड्यूटी कटवाने के लिए, खासकर महिला, कर्मचारियों ने अधिकारियों के चक्कर लगाने शुरू कर दिए हैं। महिला कर्मियों ने बच्चे छोटे होने का हवाला देते हुए चुनाव ड्यूटी से मुक्त करने की मांग की है। वहीं राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने ड्यूटी लगाने में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। वहीं शिक्षक संघ ने भी बीएसए को ज्ञापन देकर ड्यूटी लगाने में भेदभाव का आरोप लगाया है।
विज्ञापन

राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बार एक चरण में ही जिले में चुनाव कराने का फैसला लिया है, जिससे कर्मचारियों की संख्या कम पड़ने पर संविदा कर्मचारियों को भी चुनाव ड्यूटी में लगाया गया है। कर्मचारियों का ग्रेड पे न देखकर मनमाने तरीके से ड्यूटी लगा दी गई है। शिकायत है कि बाल विकास पुष्टाहार की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जिनका मानदेय मात्र 5000 रुपये मासिक है और शैक्षिक योग्यता हाईस्कूल है, उनको मतदान अधिकारी प्रथम बनाया गया है। वहीं जिन कर्मचारियों का ग्रेड पे 2000, 2400, 2800, 4200 के आधार पर 25000 से 65000 रुपये मासिक तक वेतन है और शैक्षिक योग्यता इंटर से लेकर परास्नातक तक है, उनकी मतदान अधिकारी द्वितीय या मतदान अधिकारी तृतीय पर ड्यूटी लगाई गई है। इससे कर्मचारियों में रोष है।

यह कर्मचारी चुनाव में ड्यूटी करना चाहते हैं, लेकिन वे लोग ड्यूटी ग्रेड पे और शैक्षिक योग्यता के आधार पर लगाने की मांग कर रहे हैं। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद पुष्कर ने बताया कि समस्त कर्मचारी लगाई गई ड्यूटी करने के लिए तैयार हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा शैक्षिक योग्यता और वेतनमान का संज्ञान न लेकर ड्यूटी लगाई है, जो सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि मतदान स्थल पर मतदान अधिकारी प्रथम का कार्य बहुत महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में मतदान कराने में भी दिक्कत आएगी।
मतदान जैसे महत्वपूर्ण कार्य के लिए शैक्षिक योग्यता के अनुरूप ड्यूटी नहीं लगाई गई है, जिससे कर्मचारी असंतुष्ट हैं। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया है कि यदि कहीं चूक हुई है तो उसे सही कर दिया जाए और कर्मचारियों की ड्यूटी शैक्षिक योग्यता एवं ग्रेड पे के आधार पर लगाई जाए। ऐसे ही शिक्षकों की शैक्षिक योग्यता स्नातक, बीटीसी, बीएड, टेट, सुपर टेट है, लेकिन ड्यूटी लगी है मतदान अधिकारी द्वितीय के तौर पर, जिससे शिक्षकों में रोष है। क्योंकि संविदा कर्मी आंगनबाड़ी वर्कर की शैक्षिक योग्यता हाईस्कूल होते हुए उनकी ड्यूटी मतदान अधिकारी प्रथम के तौर पर लगी है। लिहाजा शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संजीव त्रिपाठी ने बीएसए से मिलकर त्रुटियों को दूर करने की मांग की है।
वहीं शिक्षामित्रों की ड्यूटी मतदान अधिकारी तृतीय के तौर पर लगी है, जो चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी के समान हैं। इससे संगठन ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को ज्ञापन देकर शिक्षामित्रों की मतदान अधिकारी द्वितीय के तौर पर ड्यूटी लगाने की मांग की है।
कर्मचारियों ने नहीं लिए शिक्षिकाओं के प्रार्थना पत्र
बृहस्पतिवार से चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों का प्रशिक्षण शुरू हो गया है। इसके साथ ही कर्मचारियों ने ड्यूटी कटवाने की जुगत शुरू कर दी है। महिला शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। ऐसे में कई शिक्षिकाएं अपने दुधमुंहे बच्चों को लेकर ड्यूटी कटवाने सीडीओ दफ्तर पहुंची। यहां पर मौजूद कर्मचारियों ने शिक्षिकाओं का प्रार्थना पत्र लेने से मना कर दिया है।
मैनुअल तरीके से ड्यूटी नहीं लगाई गई है। इस बार राज्य निर्वाचन आयोग के साफ्टवेयर पर कर्मचारियों का डेटा फीड कराया गया था, जिससे कंप्यूटराइज्ड तरीके से कर्मचारियों की चुनाव ड्यूटी लगाई गई है। ग्रेड पे संबंधित विभागों द्वारा फीड कराया गया था। गड़बड़ी की संभावना नहीं है। एक-दो मामलों में गलती हो सकती है, जिसका निस्तारण कराया जाएगा।
- अरविंद कुमार, सहायक अधिकारी कार्मिक/डीडीओ

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X