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दर्द बांट रहीं खस्ताहाल सड़कें और उन पर बने गड्ढे

अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: बरेली ब्यूरो Updated Wed, 30 Sep 2020 02:04 AM IST
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इमली चौराहा से कपूरथला जाने वाली क्षतिग्रस्त सड़क
इमली चौराहा से कपूरथला जाने वाली क्षतिग्रस्त सड़क - फोटो : LAKHIMPUR

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लखीमपुर खीरी। सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए सीएम योगी ने जो डेड लाइन दी थी, वह तो समाप्त हो गई। मगर, शहर की सड़के गड्ढा मुक्त नहीं हो सकीं, न तो इस ओर नगर पालिका ने ध्यान दिया और न ही जिले के अफसरों ने। अब यही गड्ढे मुसीबत देने के साथ लोगों को तमाम बीमारियां भी दे रहे हैं और दर्द बांट रहे हैं।
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शहर की ऐसी कोई सड़क नहीं है, जिस पर बेधड़क रफ्तार भरी जा सके। इन गड्ढों से बार-बार निकलने पर रीढ़ की हड्डी पर दबाव से कई परेशानियां पैदा हो रहीं हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इससे बैक पेन, स्लिप डिस्क, गर्दन एवं कलाई में दर्द सहित हड्डियों से जुड़ी कई बीमारियां हो सकती हैं तो रीढ़ की हड्डी प्रभावित होने से पूरा स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है।

इमली चौराहा से कपूरथला तिराहे तक जर्जर सड़क
इमली चौरहे से कपूरथला तिराहे तक सड़क इतनी जर्जर है कि इस पर पैदल चलना मुश्किल है। जर्जर सड़क होने से आए दिन वाहन चालक गिरकर चोटिल होते हैं।
नौरंगाबाद चौराहे पर सड़क पर गड्ढे
नौरंगाबाद चौराहे के पास सड़क पर गड्ढे हैं। इससे पैदल चलने के अलावा वाहन आदि तक से निकलना मुश्किल है। नगर वासियों को ये गड्ढे दर्द बांट रहे हैं।
विकास भवन के सामने टूटी पड़ी सड़क
विकास भवन के सामने भी सड़क पर तमाम गड्ढे हैं। इनसे निकलते समय लोगों को मुश्किल होती है। गड्ढो के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं।
पीडब्ल्यूडी ऑफिस के सामने टूटी सड़क
पीडब्ल्यूडी कार्यालय के सामने की सड़क टूटी है। इस पर बाइक से निकलते समय ठोकर लगने से हादसा होने की आशंका बनी रहती है।
खस्ताहाल सड़कें बन सकती हैं परेशानी की सबब
जिला अस्पताल के आर्थों सर्जन डॉ. एके द्विवेदी बताते हैं कि शरीर रीढ़ की हड्डी पर टिका है। बाइक चलाने पर शरीर का पूरा दबाव कमर और गर्दन से जुड़ी रीढ़ की हड्डी पर आ जाता है। सड़कों पर अधिक गड्ढे होने या खस्ताहाल होने पर झटके लगते हैं। इससे रीढ़ की हड्डी पर अधिक दबाव पड़ता है। इसके अलावा कंधों के जोड़ और कलाई पर भी जोर पड़ता है। इससे कलाई में दर्द हो सकता है तो यदि गड्ढे अधिक गहरे और बड़े हों और गाड़ी की स्पीड अधिक हो तो कंधे वाली जोड़ की हड्डी खिसक सकती है। फिलहाल सड़क पर गड्ढे होने का सबसे अधिक असर रीढ़ से जुड़े हिस्सों पर होता है। इस वजह से कमर, गर्दन में दर्द शुरू हो जाता है। इसके अलावा बैक किक भी हो सकती है। ऐसा होने पर कमर के अलावा शरीर के निचले हिस्सों में दर्द होने लगता है, इसके चलते सीधा खड़ा होना या झुकना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने बताया कि सड़कों पर गड्ढों से गुजरना सेहत के लिए बेहद खतरनाक है।
कैसे होती है स्लिप डिस्क की समस्या
ऊबड़ खाबड़ सड़कों पर गाड़ी चलाने के दौरान झटका लगने से रीढ़ की हड्डी से डिस्क बाहर निकल आती है और स्पाइनल कॉर्ड दबने लगता है। इस कारण पैरों में झनझनाहट होती है। गड्ढों के कारण तेज झटका लगने से पैरों में लकवा तक हो सकता है।
स्लिप डिस्क से खराब हो सकते हैं पैर
ऊबड़ खाबड़ और गड्ढों वाली सड़कों पर दो एवं चार पहिया वाहन चलाने से तेज झटका लगता है, जिससे सिर्फ स्लिप डिस्क ही नहीं बल्कि सर्वाइकल स्पोंडलाइटिस की समस्या होने की आशंका भी बढ़ जाती हैं। डॉक्टरों का कहना है कि कई बार स्लिप डिस्क की समस्या इतनी अधिक बढ़ जाती है कि मरीज का ऑपरेशन तक करना पड़ता है। इलाज में देरी करने से हाथ, पैर सुन्न होने के साथ चक्कर आने जैसी गंभीर समस्या हो सकती है।
पीठ और कमर दर्द होने पर बरतें ये एहतियात
-ज्यादा नीचे न झुकें और सीधे खड़े रहने की कोशिश करें।
-जमीन पर उकड़ू बनकर न बैठ, बैठते समय शरीर को सीधा रखें।
-स्लिप डिस्क होने पर वेस्टर्न टॉयलेट का उपयोग करें।
-इन दिक्कतों से बचने के लिए बाइक का कम उपयोग करें।
-सर्वाइकल की प्रॉब्लम हो तो गर्दन को ना झटकें।
-चक्कर आने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।
-सही तरीके से उठें और बैठें।
ऊबड़-खाबड़ सड़कों पर यात्रा करते समय ये बरतें सावधानियां
वाहन चलाते समय पूरी तरह सतर्क रहें, स्पीड धीमी रखें और अचानक ब्रेक लगाने से बचें।
-पैदल चलते समय घुटनों और टखनों को चोट से बचाने के लिए बंद जूते पहनें।
- जिन लोगों को पहले से चोट लगी हो, उन्हें वाहन चलाते समय लंबो सैक्रल बेल्ट या सर्वाइकल कॉलर का इस्तेमाल करना चाहिए।
- कार का सफर करते समय पीठ के पीछे अतिरिक्त कुशन का उपयोग करना चाहिए।
- कार चलाते समय चालक के साथ यात्रियों को भी सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करना चाहिए।
- दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट अवश्य पहनें। बाइक पर बच्चों की सुरक्षा के लिए उन्हें भी हेलमेट पहनाएं।
मिश्राना चौराहे से हिदायत नगर चौराहेे तक और गुरुगोविंद सिंह तिराहे से लेकर खीरी रोड पर नहरिया तक हॉटमिक्स से सड़क का जल्द ही निर्माण कराया जाएगा।
-आरआर अंबेष, अधिशाषी अधिकारी

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