बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

अधिकतर बसों में नहीं इमरजेंसी गेट

अमर उजाला ब्यूरो       लखीमपुर खीरी। Updated Mon, 05 Jun 2017 10:42 PM IST
विज्ञापन
सुरक्षा
सुरक्षा - फोटो : अमर उजाला

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
रोडवेज बसों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी 
विज्ञापन

न आग बुझाने का सिलेंडर, फर्स्ट एड बाक्स भी खाली 

 लखीमपुर में भी रोडवेज की बसों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। बसों में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। कुछ बसों में तो इमरजेंसी गेट ही नहीं हैं और जिनमें हैं, उनके सामने सीटें लगा दी गई हैं। यह गेट कभी न खुलने के कारण पूरी तरह जाम हो चुके हैं। यात्रियों को जरूरत हो तो गेट नहीं खुल सकता। वहीं प्राथमिक उपचार की पेटिका से दवाएं भी गायब हो चुकी हैं। कुछ बसों में आपातकालीन खिड़की के बजाय बैक शीशा लगा है, लेकिन उसके आगे लगी सीटें आपात स्थिति में यात्रियों के लिए मुसीबत बन सकती हैं। बसों में आग बुझाने के लिए सिलेंडर तक नहीं हैं।
 
अप्रशिक्षित चालक चला रहे अनुबंधित बसें    
 
पैसों के लालच में रोडवेज में अनुबंधित बसों के मालिक अप्रशिक्षित ड्राइवरों को बसों की स्टेयरिंग थमा रहे हैं, इसका खुलासा सोमवार को लखीमपुर बस अड्डे पर खड़ी बसों की सुरक्षा मानकों की पड़ताल के दौरान हुआ। इस दौरान कैसरबाग डिपो की अनुबंधित बस चालक आपातकालीन खिड़की के बारे में भी नहीं बता सका।       

 
बैक शीशे पर लगी जाली बन सकती है मुसीबत      
जिन बसों में आपातकालीन खिड़की नहीं होती है उनमें बैक शीशा लगा होता है। जो काफी नाजुक होता है और हल्के वार से ही टूट जाता है। हालांकि इसे तोड़ने के लिए शीशे के पास ही हथौड़ा या फिर रॉड लगी होती है, लेकिन गोला सहित कई अन्य डिपो की इस तरह की बसों में बैक शीशे के ऊपर लोहे की जाली जड़वा दी गई है। आपात स्थिति में यह जाली यात्रियों के लिए मुसीबत बन सकती है,  क्योंकि शीशा  तो टूट जाएगा, लेकिन ऐंगल मे जड़ी जाली को तोड़ना मुश्किल होगा।      
 
ये होनी चाहिए सुविधाएं      
प्राथमिक उपचार पेटिका, आपात कालीन खिड़की, आपात कालीन खिड़की न होने पर बैक शीशा हो, जिसे तोड़ने के लिए हथौड़ा व राड होनी चाहिए, आपात स्थित के लिए महिला हेल्प लाइन, यूपी 100 सहित संबंधित डिपो के एआरएम, केंद्र प्रभारी सहित क्षेत्र के आरएम का नंबर लिखा होना चाहिए, परिवहन निगम का टोल फ्री एवं व्हाट्स ऐप नंबर लिखा होना चाहिए।  ..........      
निगम की बसों में है सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम      
गोला डिपो के केंद्र प्रभारी नफासत अली ने बताया कि निगम की बसों में यात्रियों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। बसों में अग्निशमन यंत्र वीटीएस लगा हुआ है। सभी गाड़ियों की ग्यारह महीने में फिटनेस जांच का होना अनिवार्य है  और इसकी जांच हरदोई एआरटीओ करते हैं। उन्होंने बताया कि निगम की दस साल पुरानी गाड़ी या फिर 13 लाख किलोमीटर चल चुकी गाड़ी को नीलामी के लिए विभाग को लिखा जाता है।      
  
बरेली में हुई घटना दुखद है। इस को संज्ञान में लेेकर सभी बस मालिकों आपातकालीन खिड़की दुरुस्त कराने, प्राथमिक उपचार पेटिका में दवाओं की व्यवस्था करने और अग्निशमन यंत्र लगवाने के निर्देश दे दिए हैं।      
-वीके गोस्वामी, एआरएम

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us