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बकाया भुगतान की मांग पर अड़े किसान,नहीं चल सकी चीनी मिल

Bareily Bureauबरेली ब्यूरो Updated Wed, 22 Jan 2020 06:38 PM IST
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खमरिया (लखीमपुर खीरी)। गोविंद शुगर मिल पर पुराने सत्र के बकाया गन्ना भुगतान को लेकर चल रहा किसानों का धरना प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा। अफसरों सहित चीनी मिल प्रबंधन ने भी किसानों को समझाने का प्रयास किया लेकिन नतीजा सिफर रहा। इधर, चीनी मिल में पेराई आज भी बंद रही।
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स्थानीय गोविंद शुगर मिल ऐरा पर पिछले सत्र के बकाया करीब 45 करोड़ गन्ना भुगतान को लेकर पिछले 28 घंटों से किसान धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों को समझाने के लिए जिला गन्ना अधिकारी बृजेश पटेल, तहसीलदार अनिल कुमार यादव, क्षेत्राधिकारी अभिषेक प्रताप अजेय के अलावा ईसानगर अपराध निरीक्षक घनश्याम राम, धौरहरा निरीक्षक हरिओम श्रीवास्तव एवं खमरिया प्रभारी महेश त्यागी भी पूरे दलबल के साथ देर शाम तक धरना स्थल पर डटे रहे।
जिला गन्ना अधिकारी ने किसानों को बताया मिल की सीसी लिमिट मंजूर नहीं हो रही है इस कारण कोटे से अधिक शक्कर की बिक्री भी नहीं कर सकते। उन्होंने कहा-तकनीकी समस्याओं को समझाते हुए सात फरवरी तक मिल प्रबंधन से पिछले वर्ष का बकाया भुगतान दिलाने का आश्वासन दिया परंतु किसानों ने कहा अब वार्ता और आश्वासनों का दौर खत्म हो चुका है। इससे पूर्व भी कई आश्वासन दिए गए परंतु उन्हें किसी ने पूरा नहीं कराया। अब गन्ना किसान अपनी फसल तभी देगा जब उसे पिछले सत्र का बकाया एक-एक पैसा खाते में दे दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक गन्ना भुगतान नहीं मिलेगा तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
बोले जिम्मेदार
बिजली का 28 करोड़, एक्सपोर्ट ट्रांसपोर्ट सब्सिडी का 22 करोड़ एवं बफर सब्सिडी का 3 करोड़ कुल 53 करोड़ बकाया, जो सरकार से मिलना है जिसके कारण भुगतान नहीं कर पा रहे है। इसके अलावा 2017-18-19 की 192 करोड़ रुपये की चीनी भी स्टाक में है जिसे भी नहीं बेच पा रहे है। जिसकी बिक्री के अतिरिक्त कोटे की अनुमति मिल जाए तो भी हम पुराना और नया बकाया भुगतान भी किसानों को दे सके।
-आलोक सक्सेना, यूनिट हेड चीनी मिल
सेंट्रल गवर्नमेंट के निर्धारित कोटे से अधिक शकर की बिक्री नहीं हो सकती है। सरकार पर बकाया सब्सिडी आदि नहीं मिल पा रही है, बैंकों ने भी सीसी लिमिट नहीं बढ़ाई है। जिसके चलते मिल प्रबंधन को आर्थिक दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। फरवरी के शकर बिक्री कोटे से मिल प्रबंधन सात फरवरी तक भुगतान करने को कह रहा है। जिस आधार पर किसानों को समझा कर मिल चालू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मिल बंद होना किसी के हित में नहीं होगा।
-बृजेश पटेल, जिला गन्ना अधिकारी
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