दस वर्ष में बढ़ी साढे़ सात लाख जनसंख्या

विज्ञापन
Lakhimpur Published by: Updated Thu, 11 Jul 2013 05:32 AM IST

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें

विज्ञापन
प्रभावी नहीं हो रहे जनसंख्या नियंत्रण के प्रयास

लखीमपुर खीरी। जिले में जनसंख्या वृद्धि को लेकर किए जा रहे प्रयास पूरी तरह सफल नहीं हो पा रहे हैं। पिछले दस वर्षों में जिले की जनसंख्या में 7.5 लाख की वृद्धि हुई है। हालांकि लोगों में जागरूकता भी बढ़ी, इससे जनसंख्या वृद्धि दर में 7.14 प्रतिशत की गिरावट आई है। खास बात यह है कि जनसंख्या नियंत्रण को लेकर पुरुष वर्ग कतई गंभीर नहीं है।
जनसंख्या नियंत्रण को लेकर पिछले वर्षों में किए गए प्रयासों को आशा के अनुरूप सफलता नहीं मिली है। वर्ष 2001 में हुई जनगणना के अनुसार जिले की कुल जनसंख्या 32,70,232 थी। वर्ष 2011 की जनगणना में यह आंकड़ा बढ़कर 40,13,634 तक पहुंच गया है। जिले की जनसंख्या में 7,43,422 लोग बढ़े हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों को कुछ सफलता तो मिली है। जनसंख्या वृद्धि दर में गिरावट आई है। वर्ष 2001 की जनगणना में जन संख्या वृद्धि दर 32.28 थी, जो 2011 में कम हुई 25.14 रह गई है, लेकिन इस गिरावट पर संतोष नहीं किया जा सकता। यदि जनसंख्या इस अनुपात में बढ़ती रही तो निश्चित रूप से स्थितियां भयावह हो जाएंगी। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने जनसंख्या को नियंत्रित कर लेने दावा किया है।

000
जनसंख्या नियंत्रण को गंभीर नहीं पुरुष जिले में जो जनसंख्या नियंत्रण हो रहा है उसका श्रेय महिलाओं को ही जाता है। जनसंख्या नियंत्रण को लेकर पुरुष वर्ग कतई गंभीर नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2012 में स्वास्थ्य विभाग ने 1870 पुरुष नसबंदी का लक्ष्य निर्धारित किया था इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने तीन शिविर लगाए इसके बावजूद वर्ष भर में सिर्फ दो पुरुषों ने नसबंदी आपरेशन कराए जबकि विभाग ने 16,830 महिलाओं की नसबंदी का लक्ष्य रखा था, इसके सापेक्ष 7165 महिलाओं ने नसबंदी आपरेशन कराए। इस हिसाब से पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं की भागीदारी बहुत ज्यादा रही।
000
डॉक्टरों की कमी बनी बाधा
महिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी जनसंख्या नियंत्रण में सबसे बड़ी बाधा है। यहां डॉ.दीपा शर्मा के स्थानांतरण के बाद नसबंदी आपरेशन होना बंद हैं। कारण है कि जो डॉक्टर हैं वे प्रसव व अन्य कार्यों से फुरसत नहीं पाती हैं। इसी का नतीजा है इस वर्ष अभी तक मात्र 17 नसबंदी आपरेशन हुए हैं।
000
पूरा होगा जनसंख्या नियंत्रण का लक्ष्य
सीएमओ डॉ.प्रभाकर सिंह ने बताया इस वर्ष डॉक्टरों की कमी के चलते परिवार नियोजन के अभियान को गति नहीं मिली, लेकिन जनसंख्या नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीर है। बरसात के बाद नसबंदी शिविर आयोजित किए जाएंगे इस बार पुरुष नसबंदी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
000
शुरू हुआ जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा
शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा शुरूकिया है। एसीएमओ डॉ.वीबीराम ने बताया कि इस पखवाड़े जिले भर में जागरूकता कार्यक्रम और विचार गोष्ठियां की जाएंगी। इसके तहत लोगों को जनसंख्या वृद्धि से होने वाली समस्या के विषय में बताया जाएगा और परिवार नियोजन के आसान उपायों के बारे में बताया जाएगा। मुख्य रूप से नसबंदी को लेकर पुरुषों का भ्रम दूर करने का प्रयास किया जाएगा। उन्हें नसबंदी के लिए प्रेरित किया जाएगा।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X