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गृहणियों ने कहा-रसोई से दूर रहे महंगाई

Lakhimpur Updated Sun, 24 Feb 2013 05:30 AM IST
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रसोई महंगी होने से गड़बड़ाता है पूरे घर का बजट
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लखीमपुर खीरी। आम बजट को लेकर घरेलू महिलाओं में एक डर सा समाया हुआ है। महंगाई के चलते उनकी रसोई का बजट पहले से गड़बड़ाया हुआ है। गेहूं, चावल, दाल, सब्जियों और फलों से लेकर तेल, घी और मसालों तक के दाम आसमान छू रहे रहे हैं। ऐसे में गृहणियों को अपनी रसोई चलाना मुश्किल हो रहा है। सब्सिडीयुक्त गैस सिलेंडरों की संख्या सीमिति होने से उनकी मुसीबतें और ज्यादा बढ़ गई हैं।
गृहणियाें का कहना है कि मूल्यवृद्धि करना सरकार की आर्थिक मजबूरी हो सकती है लेकिन अगर वह महंगाई को रसोई से दूर रखे तो आम लोगों को राहत मिलेगी और सरकार पर भी ज्यादा बोझ नहीं पड़ेगा। खाना, कपड़ा व इलाज तो सभी की मूल आवश्यकताएं हैं। सरकार को इनके मूल्यों पर तो हर हाल में नियंत्रण रखना ही चाहिए।
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रसोई के बजट को संतुलित रखा जाए
रसोई किसी भी घर की अर्थव्यवस्था की धुरी होती है जब रसोई का बजट गड़बड़ाता है तो पूरे घर की अर्थव्यवस्था चौपट हो जाती है। ऐसे में सरकार को रसोई के बजट को संतुलित रखने का हर हाल में प्रयास करना चाहिए।
-नूपुर महेंद्रा, गृहणी
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पेट पर लात न मारे सरकार
पिछले पांच वर्षों में खाद्य सामग्री के मूल्यों में कुछ इस तरह इजाफा हुआ है कि आम आदमी को पौष्टिक भोजन तक मिलना मुश्किल हो गया है। सरकार को चाहिए कि वह कम से कम लोगों के पेट पर लात तो न मारे।
-रूपम तिवारी, गृहणी
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रसोई में खुशी नही तो परिवार भी खुश नहीं
रसोई घर परिवार का केंद्र बिंदु होती है। जब रसोई में खुशी नहीं होगी तो परिवार भला कैसे खुश रह सकता है। सरकार को बजट में ऐसा प्रावधान करना चाहिए जिससे रसोई पर बोझ न पड़े तभी बजट कल्याणकारी होगा।
-मंजू त्यागी, गृहणी
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रसोई पर महंगाई की मार न करें
कहते हैं कि दिल तक पहुंचने का रास्ता पेट से होकर जाता है जब रसोई पर महंगाई की मार होगी तो भला परिवार का दिल कैसे जीत पाएंगे। सरकार को चाहिए कि कम से कम रसोई को महंगाई से दूर ही रखे।
-मीता गर्ग, गृहणी
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आधी आमदनी तो रसोई में ही खर्च हो जाती है
महंगाई ने लोगों की कमर तोड़ कर रख दी है महिलाओं को अपनी घर गृहस्थी चलाना मुश्किल हो रहा है। आमदनी का एक बड़ा हिस्सा तो रसोई में ही खर्च हो जाता है। रसोई महंगाई की मार से बचे यह जरूरी है।
-पूजा अग्रवाल, गृहणी
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रसोई के बाद दूसरी जरूरतें पूरी नहीं हो पाती
रसोई का बजट बिगड़ने से पूरे घर का बजट ही बिगड़ जाता है जब आधे से ज्यादा आमदनी रसोई पर खर्च हो जाएगी तो भला दूसरी जरूरतें कैसे पूरी होंगी। इससे लोगों का रहन सहन प्रभावित होगा, इससे विकास बाधित होगा।
-मीतिका, गृहणी
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