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अब गुरुजी नहीं कर सकेंगे बहाना

Lakhimpur Updated Tue, 12 Feb 2013 05:31 AM IST
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डॉयट और कस्तूरबा विद्यालयों में लगेगी बायोमेट्रिक डिवाइस
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हस्ताक्षर की जगह देने होंगे उंगलियों के निशान
लखीमपुर खीरी। शासन ने शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों पर अंकुश लगाने की दिशा में पहल तेज कर दी है। पहले चरण में जिले की प्रमुख संस्थाओं में बायोमेट्रिक डिवाइस लगाने का फैसला लिया गया है, जो शिक्षकों की उपस्थिति को उनकी उंगलियों के निशान से पुख्ता करेगी। अगर सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो गुरुजी अपनी हाजिरी के मामले में अफसरों को चकमा देने में सफल नहीं हो सकेंगे, क्योंकि डिवाइस लगने पर हस्ताक्षर नहीं बल्कि डिवाइस पर उंगलियों के निशान देने होंगे।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत राज्य परियोजना निदेशक ने जिला परियोजना कार्यालय से वित्तीय वर्ष 2013-14 के प्रस्ताव में शामिल करते हुए बायोमेट्रिक डिवाइस लगाने का एस्टीमेट मांगा है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डॉयट) और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में पहले चरण में बायोमेट्रिक डिवाइस लगाई जाएंगी। इसके बाद अगले चरण में बीएसए दफ्तर समेत अन्य विद्यालयों को इसके दायरे में लाया जाएगा। एक बायोमेट्रिक डिवाइस की कीमत करीब 50 हजार रुपये आंकी गई है। इस लिहाज से डॉयट में एक और 16 कस्तूरबा विद्यालयों में 16 डिवाइस लगेंगी। यानी कुल 17 डिवाइस लगाने के लिए करीब साढ़े आठ लाख रुपये की आवश्यकता पड़ेगी। विभागीय सूत्रों की माने तो उपस्थिति के मामले में अक्सर फर्जीवाड़े की शिकायत रहती थी। खासकर ड्यूटी के समय को लेकर भी गतिरोध रहता था। कई मामलों में शिक्षक बिना अवकाश स्वीकृत किए ही गायब हो जाते थे और वापस आकर उपस्थिति लगा देते थे। अब डिवाइस से ऐसा कुछ आसान नहीं रह जाएगा। लिहाजा अपनी हाजिरी पक्की करने के लिए शिक्षक तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को बायोमेट्रिक डिवाइस के सामने पहुंचना ही पड़ेगा।

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वर्ष 2013-14 के बजट में बायोमेट्रिक डिवाइस के एस्टीमेट को शामिल किया जा रहा है। मांगे गए प्रस्ताव के अनुसार पहले चरण में डॉयट और 16 केजीएवी के लिए बजट मांगा गया है। बजट मिलते ही डिवाइस संबंधित विद्यालयों में लगाई जाएगी।
-पृथ्वीराज सिंह, सहायक लेखाधिकारी, सर्व शिक्षा अभियान
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डिवाइस की हाजिरी के अनुसार ही शिक्षक तथा कर्मचारियों का वेतन निर्धारण किया जाएगा। इस कदम से बच्चों के साथ ही शिक्षकों में ठहराव आएगा।
-डॉ.अचल मिश्रा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी

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