जंगल पर दें हक, एसडीएम ने मांगी मोहलत

विज्ञापन
Lakhimpur Published by: Updated Tue, 29 Jan 2013 05:30 AM IST

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
ग्राम सभा की वन समिति बनाने की मांग की गई थी
विज्ञापन

मोहम्मदी। वनाधिकार के तहत हक मांगने के मामले में वन अधिकारियों, तहसील प्रशासन तथा बरवर क्षेत्र के गांव दिलावरनगर के बाशिंदों की बैठक हुई। इसमें एसडीएम ने मामले के निस्तारण के लिए एक माह का वक्त मांगा है।
मालूम हो कि गत एक जनवरी को श्रमजीवी विचार मंच के तहत गांव दिलावरनगर के निवासियों ने एकत्र होकर तहसील परिसर में वन विभाग के अधिकारियों तथा सीओ और एसडीएम की मौजूदगी में 110 पेज का दस्तावेज प्रशासन को सौंपा था, इसमें ग्राम सभा की वन समिति बनाने की मांग की थी। ग्रामीणों ने कहा था कि वन समिति बनने के बाद भूमि की दावेदारी के सारे प्रमाणपत्र मौके पर पेश कर देंगे।

एसडीएम सुल्तान अशरफ सिद्दीकी ने श्रमजीवी विचार मंच के नेताओं को बताया कि गत एक जनवरी को दिए गए अभिलेखों के अनुसार 1991 में पीलीभीत के पूरनपुर तहसील के गांव गुनहान से 120 परिवार दिलावरनगर में गाटा संख्या 134 पर आकर बस गए। लेकिन अधिकारिक रूप उन्हें यह अभिलेख पीलीभीत जनपद से प्राप्त नहीं हुए हैं। अभिलेख प्राप्त होने पर ही स्थित स्पष्ट हो सकेगी।
एसडीएम का कहना है कि वन समिति के लिए तीन पीढ़ियों के दस्तावेज होना जरूरी है इसके अभाव में वन समिति बनना संभव नहीं है। वन समिति बनने के बाद वहां के रहने वाले जंगल में जड़ी बूटी आदि बनाने का काम कर सकते हैं।
राष्ट्रीय वन जन मंच की सचिव रोमा का कहना था कि 26 दिसम्बर 2012 को वन विभाग के अधिकारियों ने महिलाओं पर हमला बोल दिया था। उनका इरादा था कि गांव को उजाड़कर इन्हें यहां से भगा दें।
सचिव रजनीश ने भी तहसील प्रशासन का रवैया ठीक नहीं बताया। इस दौरान वन टांगिया की सैकड़ों महिलाएं नारेबाजी करती हुए एसडीएम कार्यालय पहुंच गई। वार्ता में रोमा ने कहा कि हमसे 75 साल पुराने रिकार्ड की मांग की जा रही है जबकि एसडीएम खुद बताएं कि यह जगह किस विभाग की है।
वन टांगिया के प्रतिनिधि रमाशंकर ने बताया कि यह जमीन अभिलेखों में नबाव अली रजा की है जो मोहम्मदी के मजिस्ट्रेट हुआ करते थे। यह जमीन वन विभाग की है ही नहीं। हमने समस्त अभिलेख एसडीएम को सौंप दिए हैं अब निर्णय तहसील प्रशासन को करना है। बहरहाल तहसील प्रशासन इस मामले में बैकफुट पर आ गया। मौके की नजाकत को समझते हुए एसडीएम ने मामले को सुलझाने के लिए एक महीने का समय दिया है।
वार्ता में एसडीएम श्री सिद्दीकी के अलावा सीओ ओमवीर सिंह, एसडीओ वन एन एल यादव, तहसीलदार दशरथ कुमार जबकि वन टांगिया की ओर रमाशंकर, महंतराम, मईउद्दीन, मो. रफीक, हीरालाल, गौरीशंकर, सरिता, कदमा, माया देवी, रिंकू देवी, लीला देवी, मीना देवी, कंचन, श्याम कली, बहना देवी, जैबुल निशा समेत सैकड़ों महिलाएं मौजूद रही।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X