स और टेंपो की भिड़ंत, सात स्कूली बच्चे घायल

Lakhimpur Updated Tue, 29 Jan 2013 05:30 AM IST
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एक छात्रा की हालत गंभीर, लखनऊ रेफर
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टेंपो चालक जिला अस्पताल में भर्ती
पीलीभीत-बस्ती मार्ग पर एलआरपी के निकट हुआ हादसा

लखीमपुर खीरी। ट्रॉली से टकराने के बाद अनियंत्रित हुई एक रोडवेज बस ने स्कूली बच्चों को ले जा रहे टेंपो को टक्कर मार दी। हादसे में टेंपो चालक और उसमें सवार सात बच्चे घायल हो गए। राहगीरों की मदद से घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। छह बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। जबकि एक छात्रा को गंभीर हालत में
लखनऊ के लिए डॉक्टरों ने रेफर कर दिया। चालक भी जिला अस्पताल में भर्ती है।
सोमवार की सुबह करीब आठ बजे पीलीभीत-बस्ती राजमार्ग पर एक अनुबंधित रोडवेज बस सीतापुर की ओर जा रही थी। इस बीच कनौजिया कॉलोनी के निकट कोहरे के कारण पहले रोडवेज बस ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराई और बाद में अजमानी इंटरनेशनल स्कूल में अटैच बच्चे ले जा रही एक टेंपो से जा भिड़ी। इस हादसे में शिवकॉलोनी निवासी सर्वेश कमार की ग्यारह वर्षीय पुत्री एवं कक्षा पांच की छात्रा साक्षी, ओमप्रकाश अवस्थी के पुत्र देवांश अवस्थी, अमित अवस्थी की पुत्री वर्षा अवस्थी, पंकज जायसवाल की पुत्री आकर्षि जायसवाल, राजेश वर्मा के पुत्र अनुराग वर्मा के अलावा आर्यन, पलक सहित सात छात्र-छात्राएं और 35 वर्षीय चालक आलम घायल हो गए। दुर्घटना के समय बच्चों की चीख-पुकार सुन राहगीरों ने बच्चों को टेंपो से बाहर निकाला। सूचना मिलने पर इस बीच अजमानी इंटरनेशनल स्कूल का स्टाफ और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। सभी ने आनन-फानन में घायल बच्चों को जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां छात्रा साक्षी और चालक आलम की गंभीर हालत देखते हुए भर्ती कर लिया गया, जबकि अन्य घायल छात्र-छात्राओं को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

छात्रा के पिता सर्वेश कुमार बीएसएफ के जवान हैं। वर्तमान में वह मेघालय में तैनात हैं। साक्षी के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। उसकी गंभीर हालत बताकर जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर कर दिया है।
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स्कूल का नहीं था टेंपो
रोडवेज बस सोमवार छात्रों से भरी जिस टेंपो से टकराई वह टेंपो स्कूल के खुद का टेंपो न हो प्राइवेट था। एआरटीओ दफ्तर में इस टेंपो का रिकार्ड निकलवाया गया तो सुधीर कुमार सिंह निवासी संतोष नगर उसके मालिक बताए गए। सात सवारी पास इस टेंपो का फिटनेस सर्टीफिकेट 15 मार्च तक
के लिए वैध है।
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स्कूल दो हजार और वाहन पंजीकृत 202
जिले में दो हजार से अधिक प्राइवेट स्कूल हैं। इनमें से 500 से अधिक स्कूल ऐसे हैं, जहां दूर दराज से बच्चे स्कूल पहुंचते हैं। बच्चे लाने के लिए लगभग सभी स्कूल विभिन्न वाहनों का उपयोग करते हैं। ऐसे अधिकांश स्कूलों के पास कुछ स्वयं के वाहन हैं, तो कुछ में प्राइवेट वाहनों को स्कूल टाइम के मुताबिक अटैच कर रखे हैं। एआरटीओ दफ्तर के मुताबिक स्कूलों के नाम कुल 202 वाहन पंजीकृत हैं। इसमे 102 बस, 97 जीप, मैजिक तथा तीन टैंपो शामिल हैं।
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अजमानी इंटरनेशनल स्कूल के नाम भी एक बस तथा 16 मैजिक वाहन एआरटीओ दफ्तर में पंजीकृत हैं। इसके अलावा इस विद्यालय ने करीब आधा दर्जन प्राइवेट टैंपो को भी स्कूली बच्चे लाने के लिए अटैच कर रखा है। इसकी पुष्टि कॉलेज के एमडी विक्की अजमानी ने भी की।
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यह हादसा टेंपो चालक की लापरवाही से नहीं, बल्कि रोडवेज बस व ट्रैक्टर-ट्रॉली के चालक की लापरवाही से हुआ। स्कूल प्रबंधन घायल बच्चों के साथ है। दुर्घटना की सूचना मिलने पर स्कूल स्टाफ फौरन मौके पर पहुंचा। गंभीर रूप से घायल साक्षी को लखनऊ भेजने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था भी कालेज ने ही की है। साथ में स्कूल की तरफ से भी एक व्यक्ति भेजा गया है। जिस टैंपो में यह बच्चे बैठे थे वह प्राइवेट है। उसे सिर्फ स्कूल टाइम में स्कूली बच्चे लाने व पहुंचाने के लिए अटैच किया गया है।
विक्की अजमानी, निदेशक, अजमानी इंटरनेशनल स्कूल
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टेंपो छोड़िए रिक्शे भी ओवरलोड
जिले के कसबों में स्थापित स्कूलों में चौपहिया वाहनों के अलावा रिक्शे व टैंपो से भी स्कूली बच्चे ढ़ोने का काम होता है। प्रबंधतंत्र अधिक मुनाफा कमाने के उद्देश्य से अपनी बसों व टैंपो में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चे भर लेते हैं। इससे हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। खास बात यह है कि रोज ओवरलोड दिखने वाले इन वाहनों के खिलाफ पुलिस भी कार्रवाई करने से कतराती है।
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टैक्सी परमिट 16 किमी दूरी तक के लिए होता है। टेंपो अगर इस परमिट का है और वह निर्धारित सवारी की संख्या से अधिक सवारी नहीं ले जा रहा है तो उस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती। विभाग अक्सर चेकिंग करता है। एक अतिरिक्त सवारी पर एक हजार रुपये जुर्माने का प्राविधान है। दूसरी बार अगर ओवरलोड सवारी भरने की गलती की तो उसका परमिट निरस्त करने की कार्रवाई भी विभाग शुरू करता है।
संजीव गुप्ता, एआरटीओ (प्रवर्तन)

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