बालक ने क्यों उठाया आत्मघाती कदम, गुत्थी अनसुलझी

Lakhimpur Updated Thu, 27 Dec 2012 05:30 AM IST
परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल, घटना के समय माता-पिता दोनों ही नहीं थे घर पर
अमर उजाला नेटवर्क
मोहम्मदी (लखीमपुर खीरी)। हरिकृष्ण के 13 वर्षीय पुत्र के आत्महत्या कर लेने के बाद परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल है। परिवार वालों को यह समझ में नहीं आ रहा कि उनके लाडले ने यह कदम क्यों उठाया? पिता को घटना के दिन खेत जाने तो मां को घर से बाहर चले जाने का गम सता रहा है। दोनों अपने भाग्य को कोसते नहीं थक रहे हैं। दोनों का मानना है कि अगर वे पुत्र को अकेला घर पर नहीं छोड़ते तो शायद यह घटना नहीं घटती।
हरिकृष्ण वर्मा के परिवार की गिनती गांव के खुशहाल परिवारों में की जाती है। हरिकृष्ण के अपने पास डेढ़ एकड़ भूमि है। जिसमे खेती कर अपना और अपने परिवार का पेट पालते हैं। कम खेती के बावजूद हरिकृष्ण ने अपने बच्चों को शिक्षा दिलाने में कोई समझौता नहीं किया। बडे़ पुत्र शोविंदर वर्मा (24) मेरठ में बीएड की पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि दूसरा बेटा शैलेंद्र वर्मा (23) एमबीए करके एक कंपनी में काम कर रहा है। मंगलवार को खुदकुशी करने वाला उनका तीसरा पुत्र त्रियम्बक नरायन (13) कसबा स्थित शिशु मंदिर में कक्षा आठ का छात्र था। इन पुत्रों के अलावा हरीकृष्ण की पांच पुत्रियां भी हैं। बड़ी पुत्री पूर्ति वर्मा की शादी हो चुकी है। इसके अलावा ममता, क्रांति, निकेता, बबिता हैं। यह बच्चे भी पढ़ रहे हैं। मंगलवार का दिन इस हंसते खेलते परिवार के लिए मनहूस साबित हुआ।
हरिकृष्ण व उनके छोटे भाई एवं शिक्षा मित्र विजय वर्मा एक ही साथ बड़े से पैतृक मकान में रहते हैं। मृतक के चाचा विजय वर्मा का एक पुत्र पीयूष वर्मा इलाहाबाद से बीए की पढ़ाई कर रहा है, जबकि दूसरा पुत्र आयुष घर में मौजूद था। आयुष और त्रियम्बक एक साथ एक ही स्कूल में पढ़ते थे। घटना से कुछ देर पहले तक गांव के लोगों ने दोनों को एक साथ खेलते भी देखा। घर में कोई मुखिया न होने के कारण दोनों घर के अंदर चले गए।
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पिता ने दी आत्महत्या की तहरीर
मृतक बालक के पिता हरिकृष्ण वर्मा ने तमंचे से गोली मारकर पुत्र के आत्महत्या करने की तहरीर दी है। पुलिस ने इस तहरीर के आधार पर बालक के आत्महत्या का मामला दर्ज करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। तहरीर में किसी को नामजद नहीं किया गया है और न ही घटना के किसी कारण का ही कोई उल्लेख किया गया है।
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कुछ भी नहीं बता पा रहे मृतक बालक के पिता
शव का यहां पोस्टमार्टम कराने आए मृतक बालक के पिता हरिकृष्ण और चाचा विजय दोनों बदहवास दिखे। दोनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। घटना का कारण पूछने पर कुछ बताने से पहले उनका गला रुंध गया। दोनों ने सिर्फ इतना कहा कि उनके खुद समझ में नहीं आ रहा कि यह घटना कैसे घट गई?
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स्कूल में हुआ अवकाश
मोहम्मदी। त्रियम्बक नरायन की अकस्मात मौत पर कस्बे के सरस्वती विद्या मंदिर में शोकसभा कर मृत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। इसके बाद स्कूल में अवकाश कर दिया गया। स्कूल के विद्यार्थी एवं शिक्षकों का कहना है कि वह एक होनहार छात्र था कक्षा में सदैव प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होता था।
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बाल मन पहले भी हो चुके कुंठा का शिकार
मोहम्मदी। इससे पूर्व रेहरिया के राजकीय आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज के छात्रावास में एक छात्रा रोली ने 17 अक्तूबर को फांसी लगा ली थी। दूसरी घटना नौ दिसंबर को कस्बे के मुहल्ला शुक्लापुर में क्रिकेट मैच खेलते समय हुए विवाद में एक बच्चे सिमरान को दो खिलाड़ियों ने इतना पीटा था कि उसकी मौत हो गई थी।
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बरामद तमंचा कब्जे में लिया
हल्का इंचार्ज केके शर्मा ने बताया कि घटनास्थल पर मिले तमंचे को बरामद कर लिया गया है। जांच की जाएगी कि यह तमंचा किसका है और कहां से आया? इसेक बाद ही पुलिस अपनी आगे की कार्रवाई शुरू करेगी।

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