शिक्षकों पर कार्रवाई आसान नहीं

Lakhimpur Updated Mon, 26 Nov 2012 12:00 PM IST
अध्यापकों को मिलेगी शोषण से राहत
बीएसए के अधिकारों में कटौती
निदेशक करेंगे अनुमोदन
अमर उजाला विशेष
लखीमपुर खीरी। बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। अब वह विभागीय अफसरों का आसानी से ‘शिकार’ नहीं बन पाएंगे। शिक्षकों के विरुद्घ कार्रवाई करने के मामले में बीएसए के अधिकार सीमित कर दिए गए हैं। वेतन या वेतनवृद्घि रोकने और निलंबन की कार्रवाई आसानी से नहीं कर सकेंगे। शिक्षकों के विरुद्घ अनुशासनात्मक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करने से पहले अस्थाई तौर पर जिलाधिकारी की अनुमति लेनी होगी, जबकि स्थाई अनुमोदन निदेशक बेसिक शिक्षा से लेना होगा।
शिक्षकों के विरुद्घ कार्रवाई के मामलों में बेसिक शिक्षा विभाग काफी चर्चित रहा है। पूर्व में तत्कालीन अफसरों ने शिक्षकों के विरुद्घ वेतन व वेतनवृद्घि रोकने और निलंबन की कार्रवाईयां की थीं। जिसके सहारे शिक्षकों से धनउगाही की शिकायतें भी चर्चा में रहीं थीं। सूत्रों की माने तो कार्रवाई से शिक्षा के हालात नहीं सुधरे, लेकिन यह ‘खेल’ बड़े पैमाने पर धन उगाही का जरिया जरुर बन गया था। इस मामले की भनक लखनऊ में बैठे आला अधिकारियों को भी लग चुकी थी। लिहाजा शासन ने इस मामले में प्रभावी दखल देने का फैसला किया। हाल में जारी शासानादेश में वेतन या वेतनवृद्घि रोकना अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया में रखा गया है। जिसके तहत जब तक स्थापित नियमों के अधीन औपचारिक आदेश निर्गत न हो, तब तक किसी भी कार्मिक के वेतन या वेतनवृद्घि को रोकने की कार्रवाई नहीं की जा सकती है। अन्यथा यह दायित्व निर्धारण का विषय होगा। नियुक्ति प्राधिकारी द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई की समस्त प्रक्रिया पूर्ण किए जाने के पश्चात ही किसी कर्मचारी का वेतन या वेतनवृद्घि रोकी जाएगी और ऐसी कार्रवाई अत्यंत गंभीर प्रकरण में ही की जाएगी। किसी तत्कालिकता के प्रकरण में जिलाधिकारी की अनुमति से कर्मचारी को प्रतीक्षा में रखा जा सकेगा। जिसका स्थाई अनुमोदन निदेशक बेसिक शिक्षा द्वारा तथ्यों के आधार पर किया जाएगा।
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नियम विरुद्घ कार्रवाई करने पर नपेंगे अफसर
किसी भी कर्मचारी के विरुद्घ निलंबन एवं अनुशासनात्मक प्रक्रिया के अधीन और निर्धारित प्रपत्रों आदि पर ही कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख सचिव सुनील कुमार द्वारा जारी शासनादेश में कहा गया है कि नियम विरुद्घ कार्रवाई करने वाले अधिकारी के विरुद्घ भी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी है।
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...फिर भी हो रही कार्रवाई
शासनादेश जारी होने के बावजूद भी पुराने ढर्रे पर शिक्षकों के विरुद्घ कार्रवाई बदस्तूर जारी है। करीब एक पखवाड़े के दौरान पांच शिक्षकों के विरुद्घ निलंबन व वेतन रोकने की कार्रवाई अमल में लाई जा चुकी है, जिसमें जिलाधिकारी या निदेशक की अनुमति नहीं ली गई है।
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शासनादेश की जानकारी नहीं
बेसिक शिक्षा विभाग के मुखिया को हाल में जारी शासनादेश के बारे में अभी जानकारी नहीं है। कुछ शिक्षकों के विरुद्घ हुई कार्रवाई की बावत बीएसए डॉ.अचल मिश्रा ने बताया कि नियमानुसार कार्रवाई की गई है। कार्रवाई से पहले डीएम या निदेशक की अनुमति नहीं ली गई। साथ ही कहा कि नए शासनादेश के बारे में अभी उन्हें कोई जानकारी नहीं मिली है।

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