358 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के स्थिति खराब

Lakhimpur Updated Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
प्रधान, सेक्रेटरी, रोजगार सेवकों को नोटिस जारी
धनराशि खर्च न होने पर मनरेगा एक्ट के तहत होगी कार्रवाई
प्रधान हुए कंजूस तो जॉब कार्डधारकों का छिना रोजगार
लखीमपुर खीरी। जिले की 358 ग्राम पंचायतों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के कार्य ठप चल रहे हैं। बैंक खातों में लाखों की धनराशि अवशेष पड़ी है, लेकिन वित्तीय वर्ष 2012-13 का आधा सत्र बीतने के बाद भी नाममात्र की धनराशि खर्च की गई है। सोशल आडिट के दौरान इसका खुलासा हुआ, जिस पर डीएम मनीष चौहान ने सख्त तेवर अपनाते हुए ऐसी ग्राम पंचायतों के प्रधान, सेक्रेटरी और रोजागर सेवकों को नोटिस जारी की हैं और मनरेगा एक्ट के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी है। इस कार्रवाई से प्रधानों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।
बता दें कि जिले में कुल 995 ग्राम पंचायतें हैं, जिसमें 358 ग्राम पंचायतों में मनरेगा की तस्वीर धुंधली हो गई है। प्रधानों व उनके सेक्रेटरियों के रुचि न लेने के कारण इन ग्राम पंचायतों में मनरेगा की धनराशि खर्च नहीं की जा रही है, जिससे नई डिमांड भी नहीं हो पाई है। इसका विपरीत असर लाखों बेरोजगार जाबकार्डधारकों पर पड़ा है, जिन्हें कई महीनों से काम नहीं मिल सका है। यह स्थिति जिले के सभी 15 ब्लाकों की है। जबकि उनके बैंक खातों में तीन लाख से अधिक की धनराशि अवशेष पड़ी हुई है। प्रधान व सेक्रेटरी की गंभीर लापरवाही मानते हुए डीएम मनीष चौहान ने इन ग्राम पंचायतों को नोटिस जारी किया है। साथ ही एक सप्ताह के अंदर मनरेगा की धनराशि का प्रयोग करने के निर्देश दिए हैं और ऐसा न होने की दशा में प्रधान समेत जिम्मेदार कर्मचारियों के विरुद्ध मनरेगा एक्ट के तहत कार्रवाई की चेतावनी भी जारी की है।
000000
किन ब्लाकों में कितनी ग्राम पंचायतें फिसड्डी
पसगवां ब्लाक की सबसे ज्यादा 65 ग्राम पंचायतें मनरेगा के प्रति फिसड्डी साबित हुई हैं, जिनमें तीन लाख से अधिक धनराशि अवशेष है। बांकेगंज ब्लाक की 23, बेहजम की 21, कुंभी की 14, धौरहरा की तीन, ईसानगर की 17, लखीमपुर की 37, मितौली की 26, मोहम्मदी की 16, नकहा की 25, निघासन की 20, पलिया की 33, फूलबेहड़ की 20, रमियाबेहड़ की 18 और बिजुआ ब्लाक की 30 ग्राम पंचायतें मनरेगा बजट का उपयोग करने में फिसड्डी रही हैं।
00000
फिसड्डी ग्राम पंचायतों की देखें बानगी
निघासन ब्लाक की ग्राम पंचायत लालापुर का वित्तीय वर्ष 2012-13 में 12.80 लाख रुपये वार्षिक लेबर बजट निर्धारित है। उपलब्ध बजट 7.66 लाख के सापेक्ष 20 अक्तूबर 2012 तक मात्र सात हजार रुपये खर्च किए गए हैं। जबकि बैंक खाते में 7.58 लाख रुपये अवशेष है। मितौली ब्लाक की ग्राम पंचायत कैमहरा का वार्षिक लेबर बजट 8.77 लाख है, जबकि उपलब्ध धनराशि 12.44 लाख के सापेक्ष 98 हजार रुपये खर्च किए गए हैं। 11.46 लाख रुपये धनराशि अवशेष है। इसी तरह बांकेगंज ब्लाक की ग्राम पंचायत वजीरनगर का वार्षिक बजट 20.28 लाख रुपये निर्धारित है तो बैंक खाते में 17.83 लाख रुपये बजट उपलब्ध था, जिसमें से 1.64 लाख रुपये ही खर्च किए गए। जबकि 16.19 लाख रुपये अवशेष हैं।

Spotlight

Most Read

Varanasi

मतदाता पुनरीक्षण में लापरवाही, चार अफसरों को नोटिस

मतदाता पुनरीक्षण में लापरवाही, चार अफसरों को नोटिस

19 जनवरी 2018

Related Videos

यूपी में ‘एनकाउंटर अभियान’ के तहत एक लाख का इनामी ढेर

यूपी एसटीएफ ने एक कार्रवाई के तहत इनामी बदमाश बग्गा सिंह को ढेर किया। जानकारी के मुताबिक एसटीएफ ने कार्रवाई लखीमपुर-खीरी के पास नेपाल बॉर्डर पर की है। बात दें कि बग्गा सिंह कई मामलों में वांछित था और इसके सिर पर एक लाख रुपये का इनाम था।

18 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper