निधि के घर फिर से गारद लगाने के आदेश

Lakhimpur Updated Thu, 08 Nov 2012 12:00 PM IST
लखनऊ/ लखीमपुर खीरी। मधुमिता शुक्ला की हत्या की पैरवी कर रही उसकी बहन निधि शुक्ला की सुरक्षा में लगी गारद व गनर लखीमपुर खीरी प्रशासन ने हटा दिए। निधि शुक्ला के इसकी शिकायत प्रमुख सचिव गृह से किए जाने के बाद सुरक्षा व्यवस्था फिर बहाल कर दी गई है। निधि ने इसके पीछे पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की साजिश का आरोप लगाया है।
बुधवार की शाम प्रमुख सचिव गृह आरएम श्रीवास्तव से सुरक्षा हटाए जाने की शिकायत करने के बाद खबरनवीसों से बात करते हुए निधि शुक्ला ने आरोप लगाया कि उसकी बहन की हत्या के आरोपी पूर्व मंत्री अमर मणि त्रिपाठी के कहने पर जिले के एसपी दलवीर सिंह यादव ने उसकी सुरक्षा हटाई है। कई बार प्रार्थना पत्र देने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई और एसपी ने उसे बात न करने की चेतावनी भी दी।
इस बारे में प्रमुख सचिव गृह ने कहा कि निधि शुक्ला की सुरक्षा व्यवस्था बहाल कर दी गई है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा प्रबंध निधि शुक्ला के खिलाफ किसी तरह का खतरा न देखते हुए जिला स्तर पर हटाई गई है लेकिन निधि के प्रार्थना पत्र और उसके एक मामले में वादी होने की बात को संज्ञान में रखते हुए उनकी सुरक्षा व्यवस्था फिर बहाल कर दी गई है।
शहर के मोहल्ला मिश्राना निवासी एवं कवयित्री मधुमिता शुक्ला की उनके लखनऊ स्थित पेपर मिल कॉलोनी में नौ मई 2003 को कुछ लोगों ने गोली मार कर हत्या कर दी थी। 15 जुलाई 2003 को इस मामले की जांच सीबीआई ने शुरू की थी। जांच के दौरान सीबीआई ने प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी, उनकी पत्नी मधुमणि, रोहित चतुर्वेदी, संतोष राय, प्रकाश चंद्र पांडे के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। मामले के उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान ही मधुमिता की बहन निधि शुक्ला ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर केस की सुनवाई किसी अन्य प्रदेश के उच्च न्यायालय में कराने की मांग की। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने केस उत्तराखंड के लिए ट्रांसफर कर दिया था। नैनीताल स्थित उत्तराखंड के उच्च न्यायालय में मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पूर्व मंत्री अमरमणि उनकी पत्नी मधुमणि सहित सभी पांच आरोपियों को हत्या और उसके षड्यंत्र का दोषी मानते हुए 15 जुलाई 2011 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। सभी आरोपी गोरखपुर जेल में निरुद्ध हैं।
मधुमिता की बहन निधि शुक्ला ने बताया कि उनकी बहन के हत्यारोपी काफी प्रभावशाली व्यक्ति हैं। प्रदेश सरकार में पूर्व मंत्री रह चुके हैं, इस लिए शुरू से ही उन्हें उनके परिवार के लोगों को खतरा देखते हुए प्रदेश सरकार ने वर्ष 2003 में ही उन्हें और उनकी मां शांति देवी को गनर उपलब्ध करा दिए थे। घर पर सुरक्षा को गारद तैनात थी। निधि ने बताया कि दो दिन पहले उनकी मां का गनर उच्चाधिकारियों के पुलिस लाइंस बुलाने की बात कह कर चला गया। जो अब तक नहीं लौटा है। बुधवार की सुबह घर से गारद भी हटा ली गई। आरोप है कि पुलिस प्रशासन से वार्ता की तो उसे संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। निधि ने बताया कि जानकारी सचिव मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव गृह सहित कई उच्चाधिकारियों को भी दे दी है। बकौल निधि उच्चाधिकारियों ने शीघ्र सुरक्षा बहाल का आश्वासन दिया है।
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निधि शुक्ला के घर पर बिना किसी आदेश के गारद लगी थी। उनकी मां शांति देवी को दिए गए गनर के संबंध में भी कोई आदेश नहीं है। इस लिए गारद, उनकी मां का गनर हटा लिया गया है। निधि शुक्ला को मिले गनर के बाबत शासन का आदेश है। इसलिए उसे नहीं हटाया गया है। शासन को वस्तुस्थिति से अवगत करा दिया गया है। शासन के आदेश पर ही सुरक्षा बहाल हो सकेगी।
-दलवीर सिंह यादव, एसपी खीरी

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