आखिर पसीज ही गया मां का दिल

Lakhimpur Updated Thu, 01 Nov 2012 12:00 PM IST
टांडा की मां पहुंची पीएम हाउस
मुक्तिधाम पर हुआ अंतिम संस्कार
लखीमपुर खीरी। मां तो मां ही होती है, भले ही वह कुख्यात अपराधी की मां ही क्यों न हो। पुलिस मुठभेड़ में मारे गए सुमित टांडा की मां का दिल भी आखिरकार पिघल गया और वह बुधवार को बेटे का शव लेने यहां आ गई। मंगलवार को वह सुमित का शव लेने से इनकार कर चुकी थी।
रविवार की रात मुठभेड़ में कुख्यात सुमित सिंह टांडा को पुलिस ने मार गिराया था। उसके मारे जाने की खबर पुलिस ने कुशीनगर जिले के थाना अहिरौली गांव बरवा बाबू में परिवार वालों को दी थी। दूसरे दिन सोमवार को कोई परिवार वाला टांडा का शव लेने लखीमपुर नहीं पहुंचा। मंगलवार को कोतवाल नरेंद्र सिंह राणा ने ग्राम प्रधान से संपर्क किया। जिस पर प्रधान ने टांडा की मां मुन्नी देवी से शव लेकर अंतिम संस्कार करने की बात कही थी, लेकिन मां ने शव लेने से इंकार कर दिया था। प्रधान ने टांडा के चाचा के आने की जानकारी दी। टांडा की मां का फैक्स आने के बाद एसपी दलवीर सिंह यादव ने शव का अंतिम संस्कार कराने के निर्देश कोतवाल को दिए। दोपहर बाद उसका चाचा दिनेश सिंह के साथ मुन्नी देवी और पिता रमेश सिंह लखीमपुर पहुंचे। वह सबसे पहले कोतवाली पहुंचे। जहां से उन्हें पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया।
2
बेटे का शव देख बेहोश हुई मां
रिश्तेदारों और ग्रामीणों के आर्थिक सहयोग से पहुंचीं लखीमपुर
सिटी रिपोर्टर
लखीमपुर खीरी। पुलिस मुठभेड़ में बेटे के मारे जाने की खबर पाकर टांडा के परिवार वाले सकते में आ गए थे, लेकिन उसकी मां मुन्नी देवी की हालत कुछ और ही थी। सबसे पहले अपने बेटे के कारनामों से आहत थी तो उसकी परिवार के प्रति बेफिक्री से लाचार भी। आर्थिक तंगी से जूझते परिवार के सामने सैकड़ों किमी दूर से शव को लाने के लिए पैसे ही नहीं थे। लिहाजा एक मां की लाचारी पर तरस खाते हुए रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने उसे आर्थिक सहयोग देकर मां का फर्ज पूरा करने की सलाह दी।
बकौल मुन्नी देवी, रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने सहयोग कर सात हजार रुपये का चंदा जुटाया, क्योंकि सबको पता था कि उसकी माली हालत इस लायक नहीं कि वह लखीमपुर जाकर बेटे के शव का अंतिम संस्कार कर सके। लोगों के सहयोग पर आखिर एक मां का दिल बेटे के प्रति पसीज गया और मुन्नी देवी ने अपने पति रमेश सिंह और देवर दिनेश सिंह के साथ लखीमपुर जाने का फैसला कर लिया। मुन्नी देवी ने बताया कि वह लोग चार हजार रुपये लेकर चले थे। लखीमपुर पहुंचते ही दो हजार रुपये खर्च हो गए। समय और पैसे के इंतजाम को देखते हुए परिवार वालों ने टांडा के शव का अंतिम संस्कार पैतृक गांव न ले जाकर लखीमपुर में ही करने का फैसला कर लिया। पोस्टमार्टम हाउस में शव को देखने के दौरान मुन्नी देवी गश खाकर गिर पड़ी, तो परिवार वाले घबरा गए। क्योंकि बेटे के मारे जाने की खबर मिलने के बाद से ही मुन्नी देवी काफी परेशान थीं और इस दौरान वह कई बार बहोश भी हो चुकीं थीं।
00000
बच्चों को पढ़ाकर घर का खर्च चलाती हैं मुन्नी देवी
टांडा की मां के मुताबिक करीब 10 सालों से टांडा घर नहीं आया था। इस दौरान वह अधिकतर समय जेल में ही रहा। कुछ महीनों के लिए छूटता भी तो बाहर ही रहता था। मुन्नी देवी की माने तो वह परिवार के प्रति बेफिक्र था। कभी उसने आर्थिक मदद भी नहीं की, जबकि उसका पिता मानसिक रूप से बीमार है। वहीं उसका बड़ा भाई नशे का लती हो चुका है। इससे परिवार की जिम्मेदारी मुन्नी देवी पर आ गई थी। अपवाद स्वरूप करीब डेढ़ माह पूर्व टांडा चंद मिनटों के लिए घर पहुंचा था। इसके बाद उससे फोन पर भी बात नहीं हुई। परिवार का खर्च चलाने के लिए मुन्नी देवी गांव के ही एक प्राइवेट स्कूल में नौकरी करती हैं।
3
टांडा के साथियों की तलाश
धौरहरा क्षेत्र में चली पुलिस चेकिंग, नहीं चढ़ा कोई हत्थे
लखीमपुर। जिले में कुख्यात सुमित टांडा को मार गिराए जाने के बाद अब पुलिस के लिए उसके दो साथियों की गिरफ्तारी चुनौती बनी हुई है। एसपी दलवीर सिंह यादव ने इसके लिए कई टीमें गठित कर रखी हैं। टांडा के साथियों के नेपाल जाने की आशंका में इस ओर जाने वाले सभी मार्गों पर निगरानी तेज कर दी गई है। बदमाशों को पकड़ने के लिए कुछ मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगा दिए गए हैं। शहर के आसपास पूछताछ के लिए पुलिस टीमों ने कुछ संदिग्ध लोगों को उठाया है। पुलिस इस मामले में सतर्कता बरतते हुए गहन कार्रवाई में लगी है।
इधर, सीओ सिटी डॉ. अखिलेश नरायण सिंह के नेतृत्व में शहर कोतवाल नरेंद्र सिंह राणा, एसएसआई आरके शर्मा, एसओजी प्रभारी मनोज सिंह, टीएसआई रामकुमार यादव, एसओ खीरी जन्मेजय सचान आदि एसओ और चौकी इंचार्जों को टांडा के साथियों की खोज में लगाया गया है।
नेपाल बार्डर के थाना तिकुनियां प्रभारी भगवान चंद्र, सिंगाही एसओ नजमुलहसन नकवी, गौरीफंटा और चंदन चौकी प्रभारियों को अलर्ट कर दिया गया है।
धौरहरा। रविवार को पुलिस मुठभेड़ में मारे कुख्यात अपराधी सुमित टांडा के फरार साथियों की लोकेशन यहां मिलने पर पुलिस टीम ने जबर्दस्त छापामारी की। तलाश में मंगलवार की रातभर सिसैया चौराहा तथा रेहुआ चौराहा पर पुलिस ने सघन चेकिंग की।
सिसैया चौराहा व रेहुआ चौराहा पर वरिष्ठ उपनिरीक्षक रामसिंह पवार की टीम ने चेकिंग कर टांडा के साथियों को तलाशने का काम किया। श्री पवार ने बताया कि सिसैया चौराहा रोड नेपाल को जोड़ती है। इसलिए इस प्वांइट पर सघन चेकिंग की गई।

Spotlight

Most Read

Madhya Pradesh

MP निकाय चुनाव: कांग्रेस और भाजपा ने जीतीं 9-9 सीटें, एक पर निर्दलीय विजयी

मध्य प्रदेश में 19 नगर पालिका और नगर परिषद अध्यक्ष पद पर हुए चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला।

20 जनवरी 2018

Related Videos

यूपी में ‘एनकाउंटर अभियान’ के तहत एक लाख का इनामी ढेर

यूपी एसटीएफ ने एक कार्रवाई के तहत इनामी बदमाश बग्गा सिंह को ढेर किया। जानकारी के मुताबिक एसटीएफ ने कार्रवाई लखीमपुर-खीरी के पास नेपाल बॉर्डर पर की है। बात दें कि बग्गा सिंह कई मामलों में वांछित था और इसके सिर पर एक लाख रुपये का इनाम था।

18 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper