बदमाशों की गोली से घायल सिपाही की मौत

Lakhimpur Updated Tue, 30 Oct 2012 12:00 PM IST
लखनऊ से लखीमपुर लाया गया शव
पुलिस कर्मियों ने दी साथी को अंतिम विदाई
लखीमपुर खीरी। सदर कोतवाली की संकटा देवी पुलिस चौकी में ड्यूटी के दौरान बदमाशों की गोली से घायल हुए सिपाही की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई। लखनऊ में पोस्टमार्टम के बाद सोमवार अपराह्न सिपाही के पार्थिव शरीर को पुलिस लाइन में लाया गया। डीआईजी नवनीत सिकेरा, एसपी दलवीर सिंह यादव, एएसपी सौमित्र यादव समेत पुलिस अधिकारियों ने शहीद सिपाही को नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की।
रविवार की रात करीब साढ़े नौ बजे बाइक सवार बदमाशों ने संकटा देवी चौकी में तैनात सिपाही 40 वर्षीय उमेश कुमार को गोली मार दी थी। घायल सिपाही को जिला अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सोमवार को दोपहर बाद लखनऊ से शव यहां पहुंचने पर मातमी माहौल में साथी सिपाहियों ने शोक परेड कर अपने इस बहादुर साथी को नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
उधर पुलिस ने रात में ही करीब सवा दस बजे रेलवे स्टेशन कालोनी के पास एक बदमाश को घेर लिया और जवाबी फायरिंग में उसको ढेर कर दिया था। मारे गए बदमाश की शिनाख्त कुख्यात सुमित सिंह टांडा के तौर पर हुई, जिसने शनिवार की रात रंगदारी वसूली को लेकर नवजीवन नर्सिंग होम में फायरिंग कर दहशत फैलाई थी। जबकि अन्य बदमाश पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहे थे।
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सीतापुर के हरगांव का था उमेश
मूलत: सीतापुर जिले के थाना हरगांव के गांव सरैंया निवासी उमेश कुमार अगस्त 2012 में कानपुर से स्थानांतरित होकर यहां आया था। वह यहां मुहल्ला कमलापुर में रहता था। उसके पिता दयाराम रिटायर्ड पुलिस कर्मचारी हैं। परिवार में पत्नी रेखा, दो पुत्रियां नेहा (16), दीपाली (12) और एक पुत्र आठ वर्षीय दीपक हैं। छोटी बहन सोनी की शादी की जिम्मेदारी भी उमेश कुमार पर ही थी। उमेश के एकमात्र भाई राजेश की करीब 15 साल पूर्व मौत हो चुकी थी। इकलौता सहारा छिन जाने की इस घटना ने उमेश के परिवार को झकझोर कर रख दिया है।
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बदमाशों ने वर्दी में की थी ट्रक चालक से वसूली
संकटा देवी चौकी में तैनात सिपाही को गोली मारने से पहले बदमाशों ने कृष्णा टाकीज के पास एक ट्रक चालक को रोककर एक हजार रुपये वसूले थे। इसके बाद वह पास में अंगने होटल पर खाना खाने पहुंचे। कुछ देर बाद लुटा ट्रक चालक भी वहां पहुंच गया। उसने वहां मौजूद एक्शन मोबाइल के सिपाहियों से एक हजार रुपया वसूले जाने की बात बताई। इस पर पुलिस कर्मी ने वर्दीधारी बदमाश से पूछताछ करनी चाही, तो उसने फायर कर दिया। हालांकि सिपाही ने किसी तरह खुद को बचाया और वायरलेस सेट पर बदमाशों के फायर किए जाने की सूचना दी। इस पर पुलिस अलर्ट हो गई। भाग रहे बदमाशों को संकटा देवी चौकी के बाहर खड़े सिपाही उमेश कुमार ने रोकने की कोशिश की, तो बाइक पर पीछे बैठे बदमाश ने फायर झोंक दिया। बस यहीं से पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई थी।
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टांडा की पहचान न होना
पुलिस के लिए बना फांस
लखीमपुर खीरी। पुलिस मुठभेड़ में मारे गए कुख्यात सुमित सिंह टांडा की लाश देखने से पहले पुलिसकर्मियों ने उसे नहीं देखा था। शनिवार की रात नवजीवन नर्सिंग होम में डॉ.आरके गुप्ता को धमकाने के बाद फायरिंग करने के मामले में भी टांडा आरोपी था, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कई टीमें बनाई थी। कुछ टीमें उसे गिरफ्तार करने के लिए बहराइच, गोंडा और कुशीनगर भी रवाना की गई थीं, लेकिन टांडा अपने साथियों के संग लखीमपुर शहर में ही आराम से घूमता रहा। इसकी भनक पुलिस को भी नहीं लगी।
बता दें कि वर्ष 2006 में टांडा खीरी की जेल में सजा काट चुका है। उस दौरान जेल के एक सिपाही की मदद से टांडा ने खीरी के डॉक्टरों से रंगदारी वसूलने की कोशिश की थी। डॉक्टरों पर टेरर बनाने के लिए उसने हथगोले से हमला भी करवाया था। इसके बाद 27 अक्तूबर 2012 को उसने नवजीवन नर्सिंग होम में फायरिंग करके एक बार फिर से सबको चौंका दिया था। पुलिस अधीक्षक दलवीर सिंह यादव ने इसे गंभीरता से लेते हुए शीघ्र टांडा की गिरफ्तारी के आदेश दिए थे। इसके बावजूद पुलिस की कार्रवाई लचर ही रही। मसलन टांडा को पकड़ने के लिए पुलिस टीमें सीमावर्ती जिलों में रवाना कर दी गई, जबकि टांडा शहर में ही घूमता रहा। आखिर पुलिस की प्लानिंग में हुई चूक का खामियाजा एक सिपाही की मौत से चुकाना पड़ा। मुठभेड़ में टांडा के मारे जाने के बाद पुलिस उसकी पहचान से मुतमुईन नहीं थी। लिहाजा उसकेशव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में अज्ञात में दाखिल किया गया।
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बदमाशों ने महोली में लूटी थी बाइक
सिपाही पर हुए हमले में प्रयोग की गई डिस्कवर बाइक सीतापुर जिले के महोली थाना क्षेत्र से 19 अक्तूबर को लूटी गई थी। इस मामले में कुसैला गांव निवासी जितेंद्र वर्मा ने महोली कोतवाली में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। सिपाही पर गोली चलाने के बाद बदमाश बाइक को रेलवे स्टेशन पर मालगोदाम के पास छोड़कर भागे थे।
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18 मुकदमे और पांच हजार का इनाम था टांडा पर
पुलिस मुठभेड़ में मारे गए सुमित सिंह टांडा के अपराधों की फेहरिस्त काफी लंबी है। अब तक मिले आंकड़ों के मुताबिक टांडा पर चार जिलों में 18 मुकदमे दर्ज हैं। कोतवाल नरेंद्र सिंह राणा ने बताया कि इस पर पांच हजार रुपये का इनाम भी घोषित था। इसके आपराधिक इतिहास और लोकल कनेक्शन के बारे में जानकारी खंगाली जा रही है।
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ससुराल पहुंची सूचना तो मातम छा गया
गोली लगने की सूचना सिपाही की पत्नी ने पहले अपने मायके दी थी
बांकेगंज। लखीमपुर सदर कोतवाली की चौकी संकटा देवी पर तैनात सिपाही उमेश कुमार की मौत की खबर ने उसकी ससुराल को भी गमगीन बना दिया है।
कस्बे के पड़ोसी ग्राम सुभानपुर में उसकी ससुराल है। ससुर फूलचंद्र पर तो मानो गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। बदमाशों की गोली से घायल दामाद उमेश की मृत्यु की खबर लगते ही वह बेसुध हो गए। इससे पहले मृतक की पत्नी रेखा ने मायके सुभानपुर में पिता को फोन के जरिए पति को बदमाशों के गोली मारने की सूचना दी थी। सिपाही उमेश का विवाह बीस साल पहले ग्राम सुभानपुर निवासी फूलचंद्र की बेटी रेखा से हुआ था।
सिपाही उमेश के ससुर फूलचंद्र ने रोते हुए बताया कि कुछ दिन पहले ही उनके जवान बेटे की मौत ने उन्हें झकझोर कर रख दिया था। अब जवान दामाद की मौत के बाद वह टूट गए हैं। उन्होंने बताया कि नाती नेहा, दीपाली और दीपक की परिवरिश कैसे होगी, इसकी चिंता उन्हें सता रही है।
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परिवार को 15 लाख की सहायता राशि
सभी पुलिसकर्मी देंगे एक दिन का वेतन
लखीमपुर खीरी। सदर कोतवाली की संकटा देवी चौकी में बदमाशों की गोली से मारे गए सिपाही उमेश कुमार केपरिवार वालों को 15 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने की है। इस बात की जानकारी डीजीपी एसी शर्मा ने दी है। इसके अलावा जिले के सभी पुलिसकर्मी अपना एक दिन का वेतन पीड़ित परिवार को देंगे। एसपी दलवीर सिंह यादव ने बताया कि पीड़ित परिवार को समस्त सरकारी देयकों का लाभ दिया जाएगा। मृतक आश्रित के तौर पर परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी।
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मंगलवार को होगा अंतिम संस्कार
सिपाही उमेश कुमार के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार मंगलवार को किया जाएगा। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक सोमवार को पुलिस लाइंस में देरी हो जाने की वजह से ऐसा निर्णय लिया गया है।
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सिपाही को श्रद्धांजलि देने पहुंचे डॉक्टर
सिपाही उमेश कुमार को श्रद्धांजलि देने के लिए शहर के डॉक्टर पुलिस लाइन पहुंचे। इस दौरान टांडा के आतंक से पीड़ित डॉ.आरके गुप्ता, डॉ.संजय मल्होत्रा, डॉ.रवि श्रीवास्तव, डॉ.केके मिश्रा, राकेश माथुर, डॉ.संजीव भट्ट आदि शामिल थे।

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