खुद बीमार है जिला अस्पताल

Lakhimpur Updated Sat, 01 Sep 2012 12:00 PM IST
पांच दशक पहले अनुमन्य संख्या से भी कम हैं डॉक्टर
कई रोगों के चिकित्सक ही नहीं, कैसे हो इलाज
लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सों का तो खासा टोटा है ही पर्याप्त संख्या में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तक नहीं है। यह हाल तब है जब जिले में डायरिया तथा संभावित मैनेंजाइटिस की चपेट में आकर कई बच्चों की मौत हो चुकी है। हालात यह हैं कि जिला अस्पताल खुद बीमार नजर आ रहा है।
बाढ़ प्रभावित इस जिले में लगभग हर साल विभिन्न संक्रामक रोगों की चपेट में आकर कई लोगों की मौत हो जाती है। इस बार भी जिला डायरिया, मैनेंजाइटिस, पायरेक्सिया और इंसेफ्लाइटिस की चपेट में है। डायरिया और मैनेंजाइटिस से कई मौतें भी हो चुकी हैं। सेहत महकमा इससे जूझने के प्रयास भी कर रहा है, लेकिन उसकी स्थिति बगैर तीर के तरकस की तरह हो गई है। करीब पांच दशक पहले स्थापित इस चिकित्सालय में जितने चिकित्सक और अन्य स्टाफ नियुक्त किया गया था आज उनकी संख्या बढ़ने के बजाय कम हो गई है। जबकि आबादी व यातायात बढ़ने के कारण प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या में करीब पांच गुना इजाफा हुआ है।
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डॉक्टरों की है काफी कमी
चिकित्सालय स्थापना के समय से यहां 26 चिकित्सक अनुमन्य हैं, लेकिन वर्तमान में जिला अस्पताल में सिर्फ 13 डॉक्टर मौजूद हैं। इनमे भी तीन चिकित्सकों वरिष्ठ फीजीशियन डॉ. बद्रीश, सर्जन डॉ. एके पांडे तथा एक्सरे के चिकित्सक डॉ. बीके वर्मा का स्थानांतरण हो चुका है। यह अलग बात है कि इन्हें अभी रिलीव नहीं किया गया है। बेहोश करने वालेदो डॉक्टरों में से भी काफी दिन पहले एक डॉक्टर का स्थानांतरण शासन ने कर दिया था, लेकिन उनके स्थान पर अब तक किसी को नियुक्त नहीं किया जा सका है।
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इन रोगों के नहीं हैं चिकित्सक
जिला अस्पताल में नियुक्त त्वचा रोग तथा वक्ष रोग विशेषज्ञ का अभाव है। करीब डेढ़ माह पहले इन चिकित्सकों का स्थानांतरण शासन ने कर दिया था, लेकिन इनके स्थान पर आज तक दूसरे चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं हो सकी है।
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इमरजेंसी मेडिकल अफसर भी कम
इमरजेंसी के लिए चार मेडिकल अफसरों की आवश्यकता होती है, लेकिन यहां दो मेडिकल अफसरों के सहारे इमरजेंसी की ड्यूटी चल रही है।
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ब्लड बैंक प्रभारी भी नहीं
यहां ब्लड बैंक प्रभारी के पद पर तैनात जितेंद्र गुप्ता के रिटायर होने केबाद से किसी प्रभारी की नियुक्ति नहीं की जा सकी है।
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-बाक्स-
पद अनुमन्य वर्तमान में तैनात
चिकित्सक 26 13
नर्स 24 16
चतुर्थश्रेणी 72 60
धोबी 03 01
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वर्जन...........
डाक्टरों, स्टाफ नर्स और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की कमी के कारण काफी दिक्कतों का सामना अस्पताल प्रशासन को करना पड़ रहा है। शासन को स्थिति से अवगत करा दिया गया है। सीमित स्टाफ के सहारे ही अस्पताल की व्यवस्था चुस्त दुरुस्त रखने की कोशिश की गई है।
-डॉ. एनके शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक

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