चुनाव कार्यक्रम बहिष्कार का निर्णय

Lakhimpur Updated Tue, 28 Aug 2012 12:00 PM IST
सहकारी समिति कर्मचारियों की हड़ताल 12 वें दिन जारी
मांग पूरी न होने तक अधिकारियों की बैठक में नहीं जाएंगे
लखीमपुर खीरी। दो सूत्री मांगों को लेकर सहकारी समिति कर्मचारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष मोहनलाल गौड़ के आह्वान पर समिति कर्मचारियों की 16 अगस्त से शुरू की गई हड़ताल सोमवार को 12वें दिन भी जारी रही। जिसके चलते सभी समितियों पर ताले लटके रहे। समिति कर्मचारियों ने मांगें पूरी होने तक चुनाव कार्य के बहिष्कार का भी निर्णय लिया है।
ज्ञातव्य है कि वेतन मिलने में हो रही दिक्कत को खत्म करने के लिए 25 हजार रुपये प्रति समिति प्रति माह शासन स्तर से धन भेजने तथा समितियों में नियुक्त कामदार/सुपरवाइजरों को पैक्स से हटाकर सहकारी बैंकों में समायोजित करने के साथ समिति आंकिकों को सचिव पद पर प्रोन्नत किए जाने की मांग को लेकर समिति कर्मचारी 16 अगस्त से हड़ताल पर चले गए थे। समिति कर्मचारी यूनियन, सचिव वेलफेयर सोसाइटी तथा सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ के भी समर्थन में उतर जाने के बाद से समिति कर्मचारियों की यह हड़ताल पूरी तरह सफल हो गई है। जिले की सभी सहकारी समितियों पर इस समय ताले लटके हुए हैं। हड़ताली कर्मचारियों ने सोमवार को भी सभा की। जिसमे महासंघ अध्यक्ष अशोक कुमार दीक्षित ने कहा कि जब तक संगठन की दोनों मांगें पूरी नहीं हो जाती हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन हड़ताली कर्मचारियों का उत्पीड़न करने का प्रयास करेगा तो उसका भी मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
समिति यूनियन अध्यक्ष लालता प्रसाद शुक्ल ने सभी सहकारी कर्मियों से एकजुट रहकर हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान किया। यूनियन कोषाध्यक्ष रामशंकर त्रिवेदी ने मांग पूरी न होने तक समिति कर्मचारियों से समिति का कोई भी कार्य न करने की अपील की। सभा को यूनियन महामंत्री अजय श्रीवास्तव, कौशल अवस्थी, लियाकत खां, कृष्ण कुमार तिवारी, धनेश बाबू शुक्ल, नईम खां, कौशल किशोर सक्सेना, कामता सिंह कुशवाहा, राजाराम मिश्र, रामचंद्र शर्मा, सुधीर अग्रवाल, ओमप्रकाश शुक्ला, शहंशाह हुसैन,, मनोजखरे, कन्हैया लाल वाजपेयी, चंद्र कुमार मिश्र, लालता प्रसाद गौतम, नरेश चंद्र सक्सेना, रामभजन, दिनेश राठौर, सुरेश शुक्ला, वशी अहमद आदि ने भी संबोधित किया। बैठक के अंत में सर्वसम्मति से किसी भी अधिकारी की बैठक में भाग न लेने तथा चुनाव कार्यों के बहिष्कार का निर्णय लिया। यह जानकारी सहकारी समिति कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष विपिन बिहारी वाजपेयी, उपाध्यक्ष ओमप्रकाश तिवारी, मंत्री नसीरुद्दीन ने संयुक्त रूप से दी।
बिजुआ। सहकारी समितियों में मांगों को लेकर चल रही कर्मचारियों की हड़ताल का असर अब दिखाई देने लगा है। समिति कर्मचारियों की मांगों को लेकर चल रहा धरना जारी रहने से किसानों को खासी दिक्कत आ रही हैं। अपनी मांगों के लिए कर्मचारी ब्लाक सभागार में एक दिनी धरना प्रदर्शन कर चुके हैं। इसके अलावा इलाके की समितियों में भी बैठक कर आंदोलन जारी रखने की अपनी बात दोहराई है।
इस मौके पर सुधीर अग्रवाल, मातादीन गौतम, निर्मला वालिया, ब्रजेश कुमार दीक्षित ने भी संबोधित किया। प्रदर्शन में राम सिंह यादव, राजकुमार त्रिपाठी, संतोष वर्मा, रामकुमार त्रिपाठी, वेद प्रकाश दीक्षित, दर्शन सिंह, शिव गोपाल मौर्या मौजूद रहे।
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तालाबंदी से किसान परेशान
समिति पर तालाबंदी से किसान परेशान है। यहां लोगों को खाद व नगद रुपये न मिलने से किसानों की खेती पर व्यापक असर पड़ रहा है। गन्ने के अलावा धान में खाद डालने के लिए किसान प्राइवेट दुकानों पर चक्कर लगा रहे हैं। समिति पर तालाबंदी का फायदा प्राइवेट दुकानदार उठा रहे हैं। किसान इन दुकानों से ओवररेट में खाद खरीदने को मजबूर हैं।

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