बिजली ने किया हाल-बेहाल

Lakhimpur Updated Mon, 20 Aug 2012 12:00 PM IST
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जर्जर तारों से छूटती है आतिशबाजी, राह चलते लोग भी नहीं हैं महफूज
लखीमपुर खीरी। शहर में मकड़जाल की तरह फैले बिजली के तारों से बरसती चिनगारियां, धमाके के साथ दगते ट्रांसफार्मर शहर में आतिशबाजी का नजारा पेश करते हैं। लगता है जैसे पूरा शहर बारूद के ढेर पर बैठा हो। कब तार टूट कर किसी की जान ले लें कहा नहीं जा सकता। यह है शहर की बिजली का हाल। कोई तार जल जाए या दूसरा कोई फाल्ट आ जाए तो बिजली कर्मियों को उसे ढूंढने में ही घंटाें लग जाते हैं।
बिजली कटौती के समय में तो कमी हुई है लेकिन लोकल फाल्ट में उससे कहीं ज्यादा इजाफा हुआ है। थोड़ी-थोड़ी देर बाद बिजली की ट्रिपिंग कहीं तारों का टूटना तो कहीं ट्रांसफार्मरों का दगा दे जाना आम बात हो गई है। बिजली कर्मचारियों की कमी इतनी कि पहले लोकल फाल्ट ढूंढने और फिर ठीक करने में ही घंटों लग जाते हैं।
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बांस बल्लियों पर खिंचे तारों में दौड़ रही बिजली
गांवों की बात तो जाने दीजिए शहर के बाहरी मोहल्लों की बिजली भी बांस-बल्लियों पर खींचे गए तारों पर दौड़ रही है। यहां की बिजली व्यवस्था खस्ताहाल बिजली पोल और जर्जर तारों पर टिकी हुई है। मोहल्ला अर्जुनपुरवा, गंगोत्री कॉलोनी, प्यारेपुर, राजापुर, हिदायत नगर सहित शहर के लगभग सभी निचले स्थानों पर बांस-बल्लियों के सहारे केबिल घरों तक पहुंचाए गए हैं। इन मोहल्लों में लो वोल्टेज की समस्या तो लगभग पूरे समय बनी रहती है साथ ही अक्सर दुर्घटनाओं की भी आशंका बनी रहती है।
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बाजार में जर्जर तारों का मकड़जाल
शहर के मुख्य बाजार में मेन रोड के ऊपर से गुजरे बिजली के तार सहित अधिकतर स्थानों पर बिजली व्यवस्था जर्जर तारों के सहारे हैं। इन तारों को बदलने के बजाय विभाग इन्हें बांस की खपच्चियों के सहारे रोक कर काम चला रहा है। जिसके चलते आए दिन तारों के आपस में टकराने से स्पार्किंग होती है तो कभी-कभी तार टूट कर गिर जाते हैं। इससे मोहल्लों की बिजली जहां बाधित रहती है वहीं दुर्घटना की भी आशंका बनी रहती है।
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सभी ट्रांसफार्मरों पर है क्षमता से ज्यादा लोड
आवश्यकता से अधिक लोड के कारण शहर में अक्सर ट्रांसफार्मर फुंक जाना आम बात हो गई है। शहर के अधिकतर ट्रांसफार्मर भी जर्जर हैं। इन्हें किसी तरह ठोक-पीट कर विभाग काम ले रहा है। क्षमता से अधिक लोड के कारण आए दिन जहां ट्रांसफार्मर फुंकते हैं वहीं जंफर उड़ने से घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रहती है।
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शहर में क्षमतावार ट्रांसफार्मर
क्षमता संख्या
400केवीए 24
250 ,, ,, 26
160 ,, ,, 25
100 ,, ,, 35
63 ,, ,, 18
25 ,, ,, 40
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सिर्फ दो घंटे बिजली मिली तो गुस्साए व्यापारी
निघासन। 48 घंटे में मात्र दो घंटे बिजली मिलने से यहां के उपभोक्ताओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। व्यापार मंडल ने बिजली व्यवस्था सही न होने पर आंदोलन की धमकी दी है।
तहसील निघासन में बिजली का बुरा हाल है। यहां के लोगों को मात्र एक से दो घंटे ही बिजली मिल रही है। अधिक गर्मी और उस पर बिजली गायब होना मुसीबत बनता जा रहा है। बिजली की मार ग्रामीण अंचल के लोग भी झेल रहे हैं।
उपभोक्ताओं व व्यापार मंडल में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। व्यापार मंडल के तहसील अध्यक्ष राकेश बाथम ने आंदोलन की धमकी दी है।
एक तो बिजली का न आना उस पर निघासन बिजली उपकेंद्र पर लगा बेसिक फोन न उठना लोगों की मुसीबत और बढ़ा रहा है। उपभोक्ता संदीप बाथम ने बताया कि बिजली न आने का कारण जानने के लिए यदि उपकेंद्र पर फोन करो तो वहां पर लगे बेसिक फोन की घंटी बजती रहती है लेकिन फोन रिसीव नहीं होता है। दुबारा काल करने पर इंगेज बताता है। यदि उपकेंद्र पर जाकर जानकारी ली जाती है तो पलिया बिजली उपकेंद्र का नंबर दे दिया जाता है। पलिया कंट्रोल रूम बात करने पर सही जवाब नहीं मिलता। तीन रोज से पलिया कंट्रोल रूम का भी फोन आफ है।

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