मधुमिता हत्याकांड में फिर हुई सत्य की जीत

Lakhimpur Updated Tue, 17 Jul 2012 12:00 PM IST
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लखीमपुर खीरी। कवियत्री मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में हाईकोर्ट ने सोमवार को निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा। अदालत के इस फैसले को पीड़ित परिवार ने सत्य की जीत बताया है। मधुमिता की बहन निधि शुक्ला ने फोन पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि लंबे संघर्ष का नतीजा है, जो हत्यारों को उनकी जगह पहुंचाया जा सका है। उन्होंने कहा कि कैदियों को मिल रही रियायतें बंद की जाएं, तभी सच्चे मायनों में न्याय मिल सकेगा।
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मालूम हो कि मोहल्ला मिश्राना में रहने वाली कवियत्री मधुमिता शुक्ला की नौ मई 2003 को उनके लखनऊ स्थित आवास पर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी व उनकी पत्नी मधुमणि समेत पांच लोगों का नाम सामने आया था। हत्यारोपियों की ऊंची पहुंच व रसूख के आगे मधुमिता की बहन निधि शुक्ला ने हिम्मत से काम लिया और आरोपियों को सजा दिलाने के लिए लंबा संघर्ष करते हुए दिन-रात एक कर दिया। कई कोर्ट में मामला चलने के बाद नैनीताल कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसमें बीते 24 अक्तूबर 2007 को फैसला आया था। कोर्ट ने पूर्व मंत्री व मुख्य हत्यारोपी अमरमणि त्रिपाठी, मधुमणि त्रिपाठी, रोहित चतुर्वेदी, संतोष राय व प्रकाश चंद पांडे को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हालांकि सेशन कोर्ट ने इस मामले में प्रकाश चंद पांडे को बरी कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ निधि शुक्ला ने नैनीताल कोर्ट में अपील की, जिस पर सुनवाई करते हुए प्रकाश चंद पांडे को भी सजा सुनाई थी।
अमर उजाला से बातचीत में निधि शुक्ला ने बताया कि कैदियों के लिए बने मैनुअल के अनुसार कैदी अमरमणि को यूनीफार्म पहननी चाहिए, लेकिन वह सपा सरकार के चहेते आज भी बने हुए हैं। हरिद्वार के बजाय गोरखपुर जेल में भेजा गया है, जिससे वह जेल में नहीं रहते हैं। अधिकारियों के मुआयने के समय ही जेल में पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि दो साल से मधुमणि अस्पताल में रहती हैं और घर भी जाती है। निधि शुक्ला ने अखिलेश सरकार से मांग करते हुए कहा कि वाकई सपा अपराधियों से दूरी बना चुकी है, तो अमरमणि को कैदी की यूनिफार्म पहनाई जाए।
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‘मेरी बहन का कत्ल’ का प्रकाशन जल्द
निधि शुक्ला ने बताया कि उन्होंने मेरी बहन का कत्ल शीर्षक से एक किताब लिखी है, जो जल्द ही प्रकाशित होने वाली है। इसमें मधुमिता के कत्ल से लेकर अपराधियों को सजा सुनाए जाने समेत महत्वपूर्ण घटनाओं को जिक्र है।
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