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...अब किसके हवाले होगी जांच

Lakhimpur Updated Tue, 17 Jul 2012 12:00 PM IST
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विवेचक हल्का इंचार्ज हो चुके हैं निलंबित
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नए विवेचक को अभी तक मामला हैंडओवर नहीं
पलियाकलां। पतवारा में हैवानियत भरी घटना के मामले में विवेचक एसआई के निलंबन के बाद विवेचना रुक गई है। विवेचना किसको सौंपी जाएगी, पुलिस इस पर अभी कोई निर्णय नहीं कर पाई है। जबकि मामला बेहद संजीदा है।
पतवारा कांड की विवेचना हल्का इंचार्ज सुनील सिंह कर रहे थे। उन्होंने इस मामले के आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया था, लेकिन उच्चाधिकारियों ने प्रथम दृष्टया उनके द्वारा कार्य में शिथिलता बरतना मानते हुए उन्हें निलंबित कर दिया। इससे विवेचना रुक गई है और स्थानीय पुलिस अभी तक किसी विवेचक का चयन नहीं कर पाई है। विवेचक का चयन न होने से बेहद संजीदा इस मामले में विवेचना में देरी होना तय माना जा रहा है। हालांकि पुलिस के पास इसके लिए करीब 90 दिन का समय होता है, लेकिन फिर भी पुलिस का दायित्व बनता है कि बेहद संजीदा मामले की जांच में किसी प्रकार की देरी न हो। एसओ सत्येंद्र कुमार वर्मा कहते हैं कि अभी विवेचक नियुक्त नहीं किया गया है। सीओ से मंत्रणा के बाद विवेचक का चयन किया जाएगा।

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होनी चाहिए न्यायिक जांच
ऐपवा जिलाध्यक्ष आरती राय, राज्य महिला आयोग की पूर्व शक्ति वाहिनी सविता तिवारी, विधायक रोमी साहनी, पूर्व मंत्री राम कुमार वर्मा आदि का का मानना है कि मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए। उनके मुताबिक पुलिस की भूमिका पूरी तरह संदिग्ध रही है और इसमें जो कार्रवाई हुई है वह संतोषजनक नहीं है।

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