मजलूम की गरीबी भी बनी उसके लिए अभिशाप

Lakhimpur Updated Mon, 16 Jul 2012 12:00 PM IST
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आरोपी और उसकी हैसियत में है जमीन आसमान का फासला
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यही फासला बना पुलिस का दिल न पसीजने की वजह
पलियाकलां। पतवारा गांव में हैवानियत की शिकार हुई महिला के लिए उसकी गरीबी भी अभिशाप बनी। मजदूरी पेशा परिवार और आरोपी की हैसियत में जमीन-आसमान का फासला है और यही फासला इस पूरे मामले में पुलिस का दिल न पसीजने की वजह बना। इससे पहले भी उन्हें जरा-जरा सी बात के लिए काफी कुछ सहना पड़ता था, लेकिन पुलिस ने कभी उनकी ओर पलट कर नहीं देखा।
पीड़ित महिला के घर का मुखिया उसका पति है, जो मजदूरी पेशा है। मजदूरी कर वह अपने बच्चों का पेट पालता है। उसकी कमाई से पेट ही पल रहा है तो यह बड़ी बात है। क्योंकि वह कभी भी एक पक्के घर के लिए नहीं सोच पाया और एक घास फूस के छप्पर में ही गुजर बसर करता रहा। उधर आरोपी की स्थिति कुछ और है। उसके पास दो मंजिला पक्का मकान भी है और अन्य स्थितियां भी ठीक-ठाक हैं। हैसियत का यह फर्क पुलिस से उसके रसूख में भी काफी कारगर रहा। इस मामले में यही हैसियत का फर्क सामने आया, जिसने पुलिस के दिल को इतने बेरहम काम के बाद भी पसीजने नहीं दिया। आखिर तक पुलिस की कोशिश यही रही कि यह संगीन अपराध और समाज को झकझोर कर रख देने वाली घटना साधारण मारपीट में ही निपट जाए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। गरीब के जख्म अब न्याय पाने की ओर बढ़ चले हैं। मजदूरी पेशा इस परिवार के घर का चूल्हा बुझा पड़ा है। परिवार की हालत और उनकी हैसियत को देख हर किसी का दिल पसीज जाएगा। जो भी हो, लेकिन नियति का किया कौन टाल सकता है। सो यह परिवार भी इसको सहने में जुटा हुआ है।
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घर सांत्वना देने वालों का तांता और गांव में सन्नाटा
पतवारा गांव में सड़क पर सन्नाटा छाया हुआ है और हैवानियत का शिकार हुई महिला के घर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है। परिवार वाले घटना से सदमे हैं और लोग उन्हें तसल्ली दे रहे हैं।
पतवारा की मुख्य सड़क को देख लग रहा था कि गांव में कोई रहता ही नहीं हो, लेकिन जब हैवानियत की शिकार महिला के घर को देखा, तो लगा कि जैसे पूरा गांव यहीं उमड़ आया है। परिवार वाले इस घटना से गहरे सदमे में हैं। पीड़िता के दो लड़के और लड़कियां हैं। सभी सहमें हैं और आंखों से आंसू रुक नहीं रहे। बस सबकी जुबान पर है एक सवाल कि ऐसी कौन सी गलती की थी, जो उनकी मां को ऐसी सजा दी गई। बच्चों के इन आंसुओं को देख गांव वालों की आंखें भी पसीज रही थीं, लेकिन इसके बाद भी महिला पुरुष हर कोई उन्हें समझाने में जुटा हुआ था। बच्चे मां की हालत को देख और भी परेशान थे और उनके रोने की वजह भी यही थी। हालांकि उनकी पीड़ित मां को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया, लेकिन फिर भी वह मुतमईन नहीं हैं। गांव वाले उन्हें भरोसा दिला रहे हैं कि अब सब ठीक हो जाएगा।
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पुलिस भूमिका की जांच होगी: एसपी
एसपी राजेंद्र सिंह ने बताया कि पतवारा में महिला के साथ हुई घटना संज्ञान में आने पर गंभीरता से लिया गया है। पूरे मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज गिरफ्तार कर लिया गया है। पलिया पुलिस द्वारा बरती गई लापरवाही की भी जांच कराई जा रही है, जिसमें दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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