भाजपाइयों ने सदर कोतवाली घेरी

Lakhimpur Updated Sun, 15 Jul 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
भाजपा नेता अतुल की हत्या से शहर में तनाव, धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी से कई घंटे जाम रहा मेन रोड
विज्ञापन

कोतवाल की भूमिका पर उठे सवाल, जांच की मांग
भाजपा का अल्टीमेटम 48 घंटे में पुलिस करे कार्रवाई
लखीमपुर खीरी। मोहल्ला नौरंगाबाद में शुक्रवार रात हुए भाजपा नेता अतुल शुक्ला हत्याकांड के मामले में भाजपाइयों ने कोतवाली का घेराव कर जबरदस्त प्रदर्शन किया। कोतवाली गेट पर सभी कार्यकर्ता और पदाधिकारी धरने पर बैठ गए, जिससे कई घंटों तक रोड जाम रही। धरने पर बैठे लोगों ने अतुल हत्याकांड के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग रखी और सदर कोतवाल की भूमिका को संदिग्ध बताया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने वार्ता कर भाजपाइयों को शांत कराने का कई बार प्रयास किया, लेकिन किसी को कामयाबी नहीं मिली। दो सूत्री मांगपत्र पर एसपी के आश्वासन पर ही सभी माने तो पुलिस ने राहत की सांस ली।
मालूम हो कि शुक्रवार की देर रात गंगोत्रीनगर कॉलोनी निवासी भाजपा नेता अतुल शुक्ला उर्फ शशांक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बताते हैं कि अतुल शुक्ला पैदल ही घर से मोहल्ला नौरंगाबाद स्थित अनूप श्रीवास्तव की दुकान गया था। इस दौरान उनके साथ मोहल्ले के ही दो अन्य युवक सुनील और महेश प्रसाद भी थे। बताते हैं कि लौटते समय कुछ लोगों ने घेरकर उन्हें गोली मार दी और फरार हो गए थे। घटना के पीछे निकाय चुनाव की रंजिश बताई जा रही है तो वहीं मृतक के पिता रामकुमार शुक्ला ने इसे गहरी साजिश के तहत की गई सुनियोजित हत्या बताया है।
शुक्रवार देर रात हुए इस हत्याकांड के बाद भाजपाइयों में आक्रोश फैल गया। शनिवार की सुबह से ही लोग लामबंद होकर भाजपा कार्यालय पर एकत्र हो गए। भाजपा अध्यक्ष लोकेंद्र प्रताप सिंह की अगुवाई में लोगों ने कोतवाली का घेराव कर धरना-प्रदर्शन किया। एसएसपी सौमित्र यादव, एसडीएम सदर राजेंद्र प्रसाद यादव, सीओ सिटी डॉ.अखिलेश नारायण सिंह और मोहम्मदी सीओ आरएस गौतम ने भाजपाइयों को कार्रवाई का आश्वासन देकर धरना प्रदर्शन समाप्त कराने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुए। भाजपाइयों ने कोतवाल की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए निलंबन की मांग शुरू कर दी। काफी देर तक कोतवाली गेट पर हंगामे की स्थिति रही। हालांकि इस दौरान काफी पुलिस फोर्स भी मौके पर बुला ली गई। एक समय पुलिस व भाजपाइयों में टकराव की संभावनाएं भी बलवती होने लगी, क्योंकि भाजपाई एसपी को ज्ञापन देने की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान मेन रोड जाम होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त होने लगा, तो भाजपाइयों व पुलिस कर्मियों के बीच कई बार नोंकझोंक की स्थिति बनी। उधर, सारे हालात से रुबरू होते हुए एसपी राजेंद्र सिंह ने मौके पर जाकर ज्ञापन लेना मुनासिब समझा और भाजपाइयों का ज्ञापन लेने कोतवाली पहुंचे। भाजपा जिलाध्यक्ष लोकेंद्र प्रताप सिंह ने एसपी को दो सूत्री ज्ञापन सौंपकर कोतवाल के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई और हत्यारोपियों के खिलाफ रासुका और गैंगस्टर की कार्रवाई करने की मांग रखी। साथ ही दोनों मांगों पर कार्रवाई के लिए 48 घंटे का समय भी तय किया, जिस पर एसपी राजेंद्र सिंह ने भरोसा दिलाया। तब जाकर भाजपाइयों ने धरना-प्रदर्शन स्थगित करते हुए कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी।
कोतवाली गेट पर हुए धरना-प्रदर्शन में भाजपा नेता व पूर्व मंत्री रामकुमार वर्मा, विनोद मिश्रा, नगर पालिकाध्यक्ष ईरा श्रीवास्तव, नीरू पुरी, अजय शुक्ला, शरद वाजपेयी, मंजू त्यागी, विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय मंत्री रामसेवक शर्मा समेत तमाम पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए।
2
आदेश के बावजूद नहीं चेते कोतवाल
पुलिस अफसर भी आए बैकफुट पर
सिटी रिपोर्टर
लखीमपुर खीरी। भाजपा नेता अतुल शुक्ला हत्याकांड में आरोपियों से ज्यादा सदर कोतवाल हाईलाइट रहे। भाजपाइयों के धरना-प्रदर्शन के दौरान कोतवाल ही निशाने पर रहे, क्योंकि एसपी के आदेश के बावजूद उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। नतीजतन भाजपा नेता की हत्या हो गई, जिससे कोतवाल की भूमिका संदिग्ध हो गई। लिहाजा भाजपाइयों ने कोतवाल के निलंबन और जांच की पुरजोर मांग की।
बताते हैं कि निकाय चुनाव के दौरान गंगोत्रीनगर से वार्ड मेंबर के लिए भाजपा सिंबल पर चुनाव लड़ रहे अतुल शुक्ला ने बीते 25 जून 2012 को अपनी हत्या की आशंका जाहिर करते हुए एसपी से मुलाकात की थी और प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की थी। इस पर एसपी राजेंद्र सिंह ने प्रार्थना पत्र को फारवर्ड करते हुए कोतवाल को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। आरोप है कि इसके बाद अतुल शुक्ला ने सदर कोतवाल को प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज कराने का कई बार प्रयास किया, लेकिन कोतवाल द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। भाजपा नेता लोकेंद्र प्रताप सिंह ने इन्हीं तथ्यों के आधार पर कोतवाल की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए आरोप लगाया है कि हत्यारोपियों व कोतवाल को एकसाथ बैठे देखा गया है। लिहाजा कोतवाल के विरुद्ध निष्पक्ष जांच करानी आवश्यक है, जिससे सच्चाई सामने आ सके।
00000
प्रभावित इलाके में तैनात रही पुलिस
भाजपा नेता हत्याकांड से मोहल्ला गंगोत्रीनगर व नौरंगाबाद में काफी तनाव व्याप्त है। किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए एसपी राजेंद्र सिंह ने घटनास्थल पर एसओ नीमगांव शिवशंकर सिंह के साथ भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। वहीं शहर में सीओ सिटी अखिलेश नारायन सिंह, सीओ मोहम्मदी आरएस गौतम, इंस्पेक्टर पीके मिश्रा, एसओ फरधान शिवगोपाल सिंह, एसओ मैलानी जितेंद्र यादव, जेल गेट चौकी इंचार्ज संतोष कुमार, एसओ मितौली महेंद्र प्रताप सिंह, एसओ खीरी मनोज यादव, एसओ फूलबेहड़ परशुराम, पसगवां एसओ रामऔतार यादव आदि पुलिस बल व पीएसी तैनात रहे।
0000
पांच आरोपियों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज
मृतक के भाई नृपेंद्र शुक्ला की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी अरविंद मिश्रा उर्फ मुनेजर, लाल बाबू उर्फ टेलर, पुष्पेंद्र सिंह, नगेंद्र सिंह व धनंजय सिंह के खिलाफ हत्या व बलवा का मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच सदर कोतवाल करेंगे। सीओ सिटी डॉ.अखिलेश नारायन सिंह ने बताया कि हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग कई टीमें लगाई गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
  • Downloads

Follow Us