अब बीपीएल सूची में बदलाव की कवायद तेज

Lakhimpur Updated Fri, 06 Jul 2012 12:00 PM IST
जिला स्तरीय अफसरों की निगरानी में होगा सर्वे
अपात्रों को दिखाएंगे सूची से बाहर का रास्ता
सूची से बाहर पात्रों को मिल सकेगा आवास का लाभ
16 जुलाई से शुरू होगा लाभार्थियों का सर्वे
लखीमपुर खीरी। आखिरकार, गरीबों के लिए सन 2002 में बनी बीपीएल सूची के संशोधन का रास्ता साफ हो गया है, जिससे इंदिरा आवास का लाभ मिलने की उम्मीदें बन गई हैं। पिछले वित्तीय वर्ष में लक्ष्य के बावजूद तमाम पात्रों को आवास का लाभ नहीं मिल सका था। सूची में अनुसूचित जाति के पात्रों की संख्या निल होने से अन्य वर्ग के पात्रों को लाभ नहीं मिल सका था, क्योंकि अनुपात के आंकड़े गड़बड़ा गए थे।
बता दें कि गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले गरीबों की बीपीएल सूची एक दशक पूर्व 2002 में बनकर तैयार हुई थी, जो बीपीएल परिवारों के लिए लाइफ लाइन बन चुकी है। इस सूची के मुताबिक ही अधिकांश योजनाओं का लाभ बीपीएल परिवारों को अभी तक मिलता रहा है। साल-दर-साल बीतने के साथ ही सूची में गड़बड़ी की शिकायतें मुखर होने लगी थी, क्योंकि तमाम पात्र लाभ से वंचित रह गए या फिर भी पात्रों के बजाय अपात्रों की भरमार हो गई थी। बीते वर्षों में प्रदेश सरकार ने सूची में बदलाव की जरूरत बताते हुए सर्वे भी कराया था, लेकिन भारत सरकार ने बदलाव को मंजूरी नहीं दी थी। लिहाजा पिछले कुछ सालों से बीपीएल सूची में पात्र कम अपात्रों की संख्या बढ़ गई थी। अफसरों को पात्र ढूंढे नहीं मिल रहे थे। नतीजन वित्तीय वर्ष 2011-12 में 20,627 इंदिरा आवास बनाने का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका, बल्कि 40 फीसदी लोग तकनीकी पेंच के चलते योजना का लाभ पाने से वंचित रह गए थे।
बाक्स
तकनीकी पेंच ने उड़ाई अफसरों की नींद
बीते वित्तीय वर्ष 2011-12 में जातिगत लाभार्थियों का अनुपात न बनने से इंदिरा आवास का लाभ पात्रों को नहीं दिया जा सका था। गाइड लाइन के मुताबिक, आवास के आवंटन में 60:40 का अनुपात आवश्यक है। मसलन 100 आवासों के आवंटन में 60 फीसदी अनुसूचित जाति/जनजाति को और 40 फीसदी आवास अन्य वर्ग को दिए जाएंगे। सभी बीडीओ ने पिछले वर्ष ही अनुसूचित जाति के लाभार्थियों की संख्या निल दर्शाई थी, जिसके कारण अन्य वर्ग के पात्रों को लाभ से वंचित रखा गया। चालू वित्तीय वर्ष में 21,801 इंदिरा आवास बनाने का लक्ष्य मिला है।
बाक्स
अपात्रों के स्थान पर पात्रों का चयन: पीडी
परियोजना निदेशक एसपी सिंह ने बताया कि जिला स्तरीय अफसरों की निगरानी में 16 जुलाई से सर्वे शुरू होगा, जिसमें बीपीएल सूची में अपात्रों का नाम हटाकर पात्रों को जोड़ा जाएगा। शामिल किए जाने वाले नए पात्रों के विरोध में दावा या आपत्तियां दाखिल करने का मौका दिया जाएगा।

Spotlight

Most Read

Shimla

कांग्रेस के ये तीन नेता अब नहीं लड़ेंगे चुनाव, चुनावी राजनीति से लिया संन्यास

पूर्व मंत्री एवं सांसद चंद्र कुमार, पूर्व विधायक हरभजन सिंह भज्जी और धर्मवीर धामी ने चुनाव लड़ने की सियासत को बाय-बाय कर दिया है।

17 जनवरी 2018

Related Videos

लखीमपुर-खीरी में दिव्यांग को गोली मारी, हत्या की वजह साफ नहीं

लखीमपुर-खीरी में एक परिवार पर उस वक्त कोहराम मच गया जब परिवार के मुखिया के मौत की खबर आई। मामला बसतौली गांव का है जहां एक गुलाम हुसैन की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने तहरीर के बाद चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

25 दिसंबर 2017

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper