थोड़ा है ज्यादा की जरूरत है

Lakhimpur Updated Sun, 24 Jun 2012 12:00 PM IST
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प्राथमिक में 7973 और जूनियर स्कूलों में 4182 शिक्षकों की जरूरत है
3800 स्कूलों के मुकाबले महज 3911 शिक्षक कार्यरत
मानक के मुताबिक 30 बच्चों पर चाहिए एक शिक्षक
आरटीई की शर्तों पर अमल किया तो बंद हो जाएंगे स्कूल
बच्चों को अधिकार मिलने में संसाधनों की कमी बनी रोड़ा
लखीमपुर खीरी। जिले में शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू करना बेसिक शिक्षा विभाग के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। जुलाई माह से शुरू हो रहे नया शिक्षा सत्र में यदि इस कानून पर अमल किया गया, तो सैकड़ों स्कूल बंद हो जाएंगे। बच्चों को उनके अधिकार के मुताबिक शिक्षा मिलने में संसाधनों के साथ ही शिक्षकों की कमी आड़े आ रही है। शिक्षकों की यह कमी बड़े पैमाने पर बनी हुई है, जिससे मानक लागू करना तो दूर गुणवत्तापरक शिक्षा मिलने के आसार क्षीण ही नजर आ रहे हैं। हालांकि बीएसए ने आरटीई के मुताबिक शिक्षकों की डिमांड शासन से की है।
बता दें कि र्टीईटी पर गतिरोध के चलते छह हजार शिक्षकों की भर्ती नहीं हो सकी है। पिछले शिक्षा सत्र में भी तमाम परिषदीय स्कूल शिक्षकों के अभाव में बंद रह गए थे। इस बार भी 184 शिक्षकों के जून में रिटायर हो जाने से अधिकारियों के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है। जिले में 1140 जूनियर और 2377 प्राथमिक स्कूल हैं, जिनमें क्रमश: शिक्षण के लिए 1195 तथा 2900 शिक्षक कार्यरत हैं। इसके अलावा पिछले सत्र में 290 नए स्कूलों का निर्माण कार्य शुरू कराया गया था, जिन्हें इसी सत्र से संचालित होना है। इस लिहाज से जिले में कुल स्कूलों की संख्या 3807 हो गई है, जिसके मुकाबले विभाग के पास 3911 शिक्षक ही बचे हैं।

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मानकों की कसौटी पर शिक्षकों का टोटा
शिक्षा के अधिकार अधिनियम की शर्तों के मुताबिक स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती करना विभाग के लिए मुश्किलें पेश कर रहा है। मानकों के मुताबिक प्राथमिक स्कूलों में 30 बच्चों पर एक शिक्षक की तैनाती की जानी है। इसी क्रम में बच्चों का अनुपात बढ़ने के मुताबिक ही शिक्षकों की संख्या बढ़ेगी। इसी तरह जूनियर स्कूलों में 40 बच्चों की संख्या पर एक शिक्षक की तैनाती अनिवार्य है।

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12,155 शिक्षकों की है जरूरत
शिक्षा व साक्षरता के लिहाज से पिछड़े इस जिले में शिक्षकों का टोटा पहले से ही बना हुआ है। 12,155 शिक्षकों की दरकार है। तभी बच्चों को उनके अधिकार के अनुसार गुणवत्तापरक शिक्षा मिल पाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा शासन से की गई डिमांड के मुताबिक प्राथमिक स्कूलों में 10,873 और जूनियर स्कूलों में 5,377 शिक्षकों की आवश्यकता है, जबकि मौजूदा समय में 2900 व 1195 शिक्षक ही कार्यरत हैं। इसमें भी 184 शिक्षक 30 जून 2012 को रिटायर हो रहे हैं।

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संसाधनों के अनुसार होगी व्यवस्था: बीएसए
उपलब्ध संसाधनों के अनुसार ही स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। कोई स्कूल बंद न रहे, इसके लिए भी इंतजाम किए जाएंगे। शासन को अवगत कराया जा चुका है।
देवकी सिंह, बीएसए

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