अपनों को देखकर छलक आईं आंखें

Lakhimpur Updated Mon, 11 Jun 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
डॉ. सतेंद्र की कोशिश से मिला एक परिवार को खोया बेटा
पाकिस्तान बॉर्डर पर बसे एक गांव से गायब हुआ था करतार
अब्दुल सलीम-सोनू शुक्ला
पड़रिया तुला (लखीमपुर खीरी)। भारत-पाकिस्तान की सीमा पर बसे एक गांव से दो माह पहले गायब हुआ करतार पड़रिया तुला के युवाओं की कोशिश से अपनों से मिल सका। यहां बेसुध घूम रहे शख्स पर वैसे तो सबको तरस आता था, लोग उसको खाने को रोटी तो दे देते थे, लेकिन किसी ने उसका दर्द समझना जरूरी नही समझा, लेकिन पड़रिया तुला के डॉक्टर सतेंद्र सिंह और गुरजीत ने न सिर्फ उसका दर्द समझा बल्कि उसे उसके अपनों से मिलवा भी दिया। शनिवार को जब उस परदेशी के घर के लोग उसे लेने आए, तो उस मंजर को देख हर आंख भर आई। कुलवंत की दास्तां कुछ इस तरह है। करतार मानसिक रूप से बीमार है।
भारत पाक बॉर्डर पर बसे पंजाब के फाजिल्का जिले के मोजम गांव के रहने वाले नाजर सिंह एक छोटे किसान हैं, इनके चार बेटे बूटा सिंह, डोगर सिंह, पूरन व करतार सिंह हैं। तीसरे नंबर का बेटा करतार अप्रैल माह की 15 तारीख को अचानक गायब हो गया। घरवालों ने उसे सभी संभावित जगह तलाशा। लोगों ने हर जगह ढूंढा, थाने में गुमशुदगी भी दर्ज कराई। बार्डर क्रास करने करने के डर से घर वाले रोज वाहे गुरु से उसकी सलामती की दुआ करते रहे। एक दिन इनकी दुआ कुबूल हुई और पड़रिया तुला से किए गए एक फोन से उनकी खुशियां उनको लौटा दीं।
000
डॉ. सतेंद्र और गुरजीत की कोशिश ने लौटाई खुशियां
पड़रिया तुला में प्रेक्टिस करने वाले डॉ. सतेंद्र की नजर करतार पर पड़ी तो उन्होंने उसे बुलाकर खाना खिलाया और उसके बारे में पूछताछ की। लेकिन भाषाई दिक्कत के चलते बात नहीं बनी। पास के गांव का एक युवक गुरजीत सिंह एक दिन उनके क्लीनिक पर बैठा था। जब करतार से बात की की उसके गांव और जिला को सुनकर गुरजीत सिंह जान गए। गुरजीत लुधियाना के गुरुनानक देव आयुर्वेदिक कालेज से डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहे हैं, गुरजीत ने साथ में पढ़ाई कर रहे अपने साथी हरसंगीत को फोन कर करतार के गांव के बारे में जानकारी की तो पता चला कि हरसंगीत सिंह के पिता फाजिल्का के ही लेखपाल हैं। गुरजीत ने हरसंगीत के पिता को फोन कर करतार के घर वालों के बारे में पता करने को कहा, अगले दिन हरसंगीत के पिता करतार के गांव पहुंच गए और वहां से करतार के घर जाकर उसके पड़रिया गांव में होने की खबर दी। इस पर अगले दिन ही करतार के दो भाई और भतीजे करतार को लेने यहां पहुंच गए। ठहाके लगाकर सड़कों पर घूमने वाले करतार को पहली बार लोगों ने रोते हुए देखा। अपनों के बीच करतार की खुशी देख हर आंख भर आई। करतार को लेने आए उसके भाई बूटा और डोंगर सिंह के साथ भतीजे सुरेंद्र सिंह ने कहा कि वह उनके कर्जदार रहेंगे।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

National

क्या पारिवारिक झगड़े के बीच आर्थिक तंगी बनी भैय्यू महाराज की आत्महत्या का कारण

भय्यूजी महाराज आत्महत्या मामले में पुलिस हर कोने से जांच कर रही है और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि 85 फीसदी जांच पूरी भी हो चुकी है।

20 जून 2018

Related Videos

VIDEO: जब किसानों के लिए मंडी पहुंची गुलाब देवी, दिए ये आदेश

लखीमपुर खीरी के दौरे पर आईं राज्य मंत्री गुलाब देवी ने मंडी समिति और जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। मंडी समिति के निरीक्षण के दौरान उन्हें क्रय केन्द्र पर गेहूं खरीद बंद मिली, किसान भी नजर नहीं आए।

17 मई 2018

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen