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गर्मी ने छुड़ाए छक्के, किया पसीना-पसीना

Lakhimpur Updated Mon, 04 Jun 2012 12:00 PM IST
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बिजली भी पहीं दे रही साथ, वाटर सप्लाई भी नहीं हुई, प्याऊ और हैंडपंपों पर सुबह से ही लगा रहा पूरा शहर
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लखीमपुर खीरी। आसमान से आग बरसती रही। घर में बैठना भी मुश्किल हो गया। बाजार में जो निकले वे गर्मी से बचने का पूरा इंतजाम करके निकले। प्यास से जहां होंठ बार-बार खुश्क हो रहे थे, वहीं पसीने से तरबतर लोग परेशान होते दिखे। भीषण गर्मी ने लोगों को अहसास करा दिया कि उसके रहते वो चैन से नहीं बैठ सकते। तपती दुपहरिया में तो लोग त्राहि-त्राहि कर उठे।
जून का महीना सबसे ज्यादा गर्मी को जाना जाता है लेकिन इस बार शुरुआत में ही गर्मी ने सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। जिले का अधिकतम तापमान 44 और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस रहा। रात में भी तापमान में ज्यादा गिरावट न होने से लोगों की नींद और दिन का चैन छिन गया है। लोग गर्मी के कारण बस्तियों में घुटन महसूस कर रहे हैं। जब जहां जैसा मौका लगता है पेड़ की छांव और खुली जगह में आने की कोशिश करते हैं। बिजली की कटौती ने भी ऐसे में लोगों का जीना हराम कर दिया है।

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गर्मी ने लगाया बाजार में कर्फ्यू
बहुत जरूरी होने पर लोग घर से निकल रहे हैं। बाजारों में गर्मी का पूरा असर है। व्यापारियों ने दुकानें तो खोल रखी हैं लेकिन गर्मी के कारण ग्राहक नहीं पहुंच रहे हैं। जनरेटर का धूं-धकड़ और शोर है। ऐसा लेता है मानो बाजार में गर्मी ने कर्फ्यू लगा दिया हो। जहां वाहनों और लोगों की भीड़ के कारण निकलना दूभर होता है, वहां इक्का-दुक्का लोग या वाहन नजर आ रहे हैं।
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बिजली ने चैन छीना
बढ़ती गर्मी का दबाव है कि बिजली भी नहीं मिल रही है। बिजली विभाग के अधिकारियों का साफ कहना है कि कंट्रोल रूम गर्मी के कारण ट्रांसफार्मरों पर बढ़ रहे लोड के कारण कटौती कर रहा है। वैसे भी सामान्य तौर पर जबर्दस्त कटौती हो रही है। सुबह पांच से नौ बजे तक और शाम को चार से आठ बजे तक बिजली कटौती है। इसके बाद भी लोकल फाल्ट से बिजली कटौती जारी है। हालत यह है कि दो से तीन घंटे तक बिजली कभी भी अघोषित तौर पर कटौती कर ली जाती है।
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प्यास बुझाने को पड़ता है भटकना
शहर में बिजली कटौती के साथ पेयजल सप्लाई में तालमेल न होने के कारण लोगों को प्यास बुझाना मुश्किल हो रहा है। हालत ये है कि लोग प्यास बुझाने को या तो प्याऊ का सहारा ले रहे हैं या फिर हैंडपंप तलाश रहे हैं। गर्मी उनके होठों को बार-बार खुश्क कर रही है। लोग पानी पीकर गहरी सांस लेते हैं और कहते है, हायरी गर्मी।

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